Book Title: Limbdi Jain Gyanbhandar Hastlikhit Prati Suchipatra
Author(s): Chaturvijay
Publisher: Agamoday Samiti
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[ १२८ ] [ रूपसेनकनकावतीरास.]
लींबडीज्ञानमंदिरना हस्तलिखित
[ लोकप्रकाश.]
२२२५ २२२६
रूपसेनकनकावतीरास रवतीश्राविकाकथा .
त्रुटक भेषजदानउपर
२८१६ ५४१-६ ठेपाने ८५२-६
थी ९३०-५३ ५८मेपाने १० - २५१२-
२१ २१००-५ पत्रांतर्गत
गौतमविजय रतनबाइ
२२२७ २२२८ २२२९ २२३० २२३१
स्वाध्याय रंटियानीरवाध्याय रोहिणीकथा रोहिणीतपविधि रोहिणीतपरतवन
.१
दीपविजय
१८५९ १८५९
थी३
१८४४
૨૨ રૂર रोहिणीस्तुति २२.३३ रोहिणीस्वाध्याय २२.३४ २२३५ रंगरत्नाकरछंद
लब्धिरुचि भक्ति विजयलक्ष्मी लावण्यसमय
३३५१-२ १८०६ २७१० ३११४-२ २०७०-२ २४८८-२ ९३०-७० २२५० '३३८४ ३१५९ २८६० २१४९
३थी ९पत्रांतर्गत ८५थी८८
नेमिजिनप्रबंध
२२३६ २२३७ २२३८ २२३९ २२४०
लक्ष्मीदेवीस्थानान लग्नकुंडलीविचार लग्नचिार लग्नसुबोधी लघीयस्त्रयप्रकरण सटीक
......
अपूर्ण
१८४८
,
१५६५
___ अकलंकदेव है
टी.अभयचंद्र
गा. ८
था
२२४१ लघुअजितशांतिस्तव २२४२
लघुमहाविद्याविडंबन २२४३ लघुशांतिस्तव
भुवनसुंदराचार्य मानदेवसूरि
का. १७ , १९
१६३०-७ ११७२ ८७२-१ १०३० १३०५-२
३जेपाने
अपूर्ण

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