Book Title: Jain Hiteshi 1913 Ank 09
Author(s): Nathuram Premi
Publisher: Jain Granthratna Karyalay

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Page 70
________________ गोन चित्र-श्रीदत्तात्रय, श्रीगणपति, रामपंचायतन, भरतभेट विपंचायतन, सरस्वती, लक्ष्मी, मुरलीधर, विष्णु, लक्ष्मी, गोपी। हेल्या, शकुन्तला, मेनका, तिलोत्तमा, रामवनवास, गजेंद्रमोक्ष, हरिहरे मार्कण्डेय, रम्भा, मानिनी, रामधनुर्विद्याशिक्षण, अहिल्योद्धार, विश्वामित्र मेनका, गायत्री, मनोरमा, मालती, दमयन्ती और हंस, शेषशायी, दमयन्ती इत्यादिके सुन्दर रंगीन चित्र। आकार ७४५, मूल्य प्रति चित्र एक पैसा। श्री सयाजीराव गायकवाड बडोदा, महाराज पंचम जार्ज और महारानी मेरी. कृष्णशिष्टाई, स्वर्गीय महाराज सप्तम एडवर्ड के रंगीन चित्र, आकार ८ x १० मूल्य प्रति संख्या एक आना। लिथोके बढियाँ रंगीन चित्र-गायत्री, प्रातःसन्ध्या, मध्याह्न सन्ध्या, सायंसन्ध्या प्रत्येक चित्र।) और चारों मिलकर ॥), नानक पंथके दस गुरू, स्वामी दयानन्द सरस्वती, शिवपंचायतन, रामपंचायतन, महाराज जार्ज, महारानी मेरी। आकार १६४ २० मूल्य प्रति चित्र।) आने । अन्य सामान्य-इसके सिवाय सचित्र कार्ड, रंगीन और सादे, स्वदेशी बटन, स्वदेशी दियासलाई, स्वदेशी चाकू, ऐतिहासिक रंगीन खेलनेके ताश, आधुनिक देशभक्त, ऐतिहासिक राजा महाराजा, बादशाह, सरदार, अंग्रेजी राजकर्ता, गवर्नर जनरल इत्यादिके सादे चित्र उचित और सस्ते मूल्य पर मिलते हैं। स्कूलोंमें किंडरगार्डन रीतिसे शिक्षा देनेके लिये जानवरों आदिके चित्र सब प्रकारके रंगीन नकशे, ड्राईंगका सामान, भी योग्य मूल्यपर मिलता है। इस पतेपर पत्रव्यवहार कीजिये। मैनेजर चित्रशाला प्रेस, पूना सिटी पच्चीस रुपयेका पुरस्कार ।। कविवर वृन्दावनजीके 'प्रवचनसार 'के कठिन शब्दोंका अर्थ और उसके सब पद्योंका भावार्थ जो महाशय लिखेंगे उनमेंसे सर्वश्रेष्ट लेखकको २५) का पुरस्कार दिया जायगा। लिखनेवालोंको हमारे पास सिर्फ एक कापी भेजनी होगी, हम उसे छपावेंगे नहीं । उसको प्रकाशित करके लाभ उठानेका लेखकको अधिकार होगा। माणिकचन्द मुंसिफ, ___ मुंगेली ( बिलासपूर ) इस अंकके प्रकाशित होनेकी तारीख १२-९-१४ । Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org

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