Book Title: Chandrapragnapati Sutra
Author(s): Sudharmaswami, Kanhaiyalal
Publisher: Delhi
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सकलोविरगतीमाल.
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विकट
तनेजामधातुबाहिरहो
रुस्ती वाजवर तथा बथुना मस होबथासियाचिताहिमुमोसुबो सातिमाफलाहि बिसाहाहिंजसितिया3०१४ मुराहमिस्माकूर०१५
जेताहिकालan१६ मेलासम्लगसायस०१७ पुलासाटजमलयसाशि०१८ उत्तशमादाहिं बिलेहि ऽभिद्योगमा के साथ | ८वणेबोरेणातिनाहि जसे शासनभिसाबार३ पुहानहव्या कारवाहिनतरामवयाहि०२ रेवाहि।
जलचरमसं०२६ऽस्साहितितरमसंवागमंसं०७मरणादितिलालमोचाकजसाहेति२८॥इतिदसमस्ससतरमं22७॥ Pore
कहतेनाराजहियापनुश्माविहाबाराजश्वनारायश्चंदवाराण कहतेदवारातपंचसंबरिंगजुगे ऽभिविनय तेसंतसटिबारेचदेशसहिंजोगजोतिश्रावेजाव उत्तरासादेनबते सलसदिबारेचदेणसहिजोजोयंति" कहतेजश्व
बारातपंचसंबरिगंजयोऽभिचिनपपंचबारेमरियोसहिजोगंजोयंतिवंजामतरासादानपतेपेबारेमरियम Real सहिजोगंजोयेति निदसम्स्सऽतारसमेnancy कहतेमासाजहिया तेरागमेगस्त संबबरस बारसमासा एसिगडशि
रानामविजापंत लोड्यालागुत्तरियायतश्लोड्यानामासवणे मरजावसाटेलोमुत्तरियानामा उभिनंदिर सुशिबिजयपातिबछो सेजसे सिसिसिरे हेमंतेबसंतमासे कुसुमसंभवेनिदाहेशयाविरोहिरास समरसगुणाबासम
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