Book Title: Anjanasundari Charitram Author(s): Muktivimalgani Publisher: Muktivimal Jain Granthmala View full book textPage 5
________________ परमपूज्य सकलसिद्धांतवाचस्पति अनेकसंस्कृतग्रन्थप्रणेता सञ्चारित्रचूडामणि कविशेखर बालब्रह्मचारी विद्वन्मार्तण्ड तपागच्छाधीश्वर श्रीमत्पंन्यासप्रवर श्रीमुक्तिविमलजी गणिघर, [शार्दूलवृत्तम्] मुक्तिप्रार्थनमुक्तिमानसरुचिमुक्तयः चरान्दर्शकम् । मुक्तानार्थपथं विमुक्तकलुषमसाधना सद्धियम् ।। मुक्तानिष्टपथादरं बुधमतं सिद्धान्तपारीणकम् । वन्दे-मुक्तिममन्दगौरवपदं मुक्ति श्रियं सद्गुरुम् ॥१॥ जन्म-१९४९ वैशाख सुदि ३ दीक्षा-१९६२ मागसैर वदि ३ [राजनगर] गणिन्यासपद--१९७० कारतक वदि ११. (राजनगर अमदावाद.) स्वर्गगमन-सं. १९७४ भादरवा सुदि ४. [संवत्सरिकदिन अमदाबाद.] 器跳跳跳器器端端樂器晓晓器樂器錄器 Shree Sudharmaswami Gyanbhandar Umara Surat www.umaragyanbhandar.comPage Navigation
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