Book Title: Anandghan ka Rahasyavaad
Author(s): 
Publisher: ZZZ Unknown

View full book text
Previous | Next

Page 350
________________ सहायक ग्रन्थ-सूची ३४५ प्रमाणनयतत्त्वालोकालंकार प्रमाणनयतत्त्वालोक-वादिदेव सूरि-विवे० और अनुवादक-पं० शोभा चन्द्र भारिल्ल, आत्म-जागृति कार्यालय, श्री जनगुरुकुल शिक्षण संघ, ब्यावर, प्रथम आवृत्ति, १९४२ ।। प्रशमरति प्रकरण-आचार्य उमान्यमि-:-. राजकुमार साहित्या चार्य, श्री परमश्रुत प्रभावक मण्डल, जौहरी बाजार, बम्बई-२, प्रथम आवृत्ति, ई० स० १९५० । प्रज्ञापना सूत्र-आर्य श्यामाचार्य-आ० मलयगिरि विरचित टीका-अनु वाद गहित-अनुवादक एवं संशो०-५० भगवानदास हर्षचन्द्र, शारदा प्रेस, जैन सोसायटी, अहमदाबाद, सं० १९९१ । पाइन-लच्छी नाममाला-महाकवि धनपाल, सम्पा० बेचरदास जीवराज दोशी, श्री शादीलाल जैन आर० सि० एच० बरड एण्ड को०, बम्बई-३, प्रथम आवृत्ति, १९६० । पाइन सह महण्णवो-सम्पा०-डा० वासुदेवशरण अग्रवाल, प्राकृत ग्रन्थ परिषद्, वाराणसी-५, द्वितीय संस्करण, १९६३ । पाहुड़ दोहा-मुनि रामसिंह, कारंजा जैन पब्लिकेशन सोसाइटी, कारंजा (बरार), १९३३ ॥ पातंजल योगदर्शन-महर्षि पतंजलि, वोगभाष्य विवृति के व्याख्याकार स्वामी ब्रह्मलीन मुनि, भगवान् श्री कबीर स्वामी का मन्दिर, दालगिया महोल्ला, महीधरपुरा, सूरत (गुज०), सन् १९५८ । परमार्ष स्वाध्याय ग्रन्थ संग्रह-श्री जैन ग्रन्थ प्रकाशक सभा, भावनगर, सन् १९३९ । पुरुषार्थसिद्धय गय–आचार्य अमृतचन्द्र, परमश्रुत-प्रभावक मण्डल, श्रीमद् राजचन्द्र आश्रम, अगास, पंचम आवृत्ति, सन् १९६६ । बनारसी-विलास-कविवर पं० बनारसीदास, नानूलाल स्मारक ग्रन्थ माला, जयपुर, सं० २०११ ।। ब्रह्मविलास-भैया भगवतीदास, जैन रत्नाकर कार्यालय, वम्बई, द्वितीय आवृत्ति, सन् १९२६ ।

Loading...

Page Navigation
1 ... 348 349 350 351 352 353 354 355 356 357 358 359