Book Title: Tirthankar Vandana
Author(s): Ratnatrayvijay
Publisher: Ranjanvijayji Jain Pustakalay
Catalog link: https://jainqq.org/explore/032087/1

JAIN EDUCATION INTERNATIONAL FOR PRIVATE AND PERSONAL USE ONLY
Page #1 -------------------------------------------------------------------------- ________________ तीर्थंकर वंदना सुपात्र दान 1117 सार्मिक भक्ति TUHILD संपादक : तबावनगरे श्री चिंतामणी जिनालय के जीर्णोद्धारक परम पूज्य आचार्य देव श्री रत्नाकर सूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य मुनि श्री रत्नत्रय विजयजी Page #2 -------------------------------------------------------------------------- ________________ आचार्य श्री रत्नशेवर सूरीश्वरजी म.सा. आचार्यदेव श्री रत्नाकर सूरीश्वरजी म.सा. Page #3 -------------------------------------------------------------------------- ________________ तीर्थंकर वंदना h • आशीर्वाद दाता • परमपूज्य कलिकुंड तीर्थोद्धारक आचार्य देव श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी म. सा. संपादक • परम पूज्य स्व. आचार्यदेव श्री रत्नशेखर सूरीश्वरजी म. सा. के शिष्य परम पूज्य आचार्य देव श्री रत्नाकर सूरीश्वरजी म. सा. के शिष्य मुनि श्री रत्नत्रय विजयजी म. सा. • प्रकाशक श्री रंजन विजयजी जैन पुस्तकालय मु.पो. मालवाडा जि. जालोर (राज.) BULESPACE WAÐ AÐ Page #4 -------------------------------------------------------------------------- ________________ पुस्तक नाम : तीर्थंकर वंदना संपादक : मुनिश्री रत्नत्रय विजयजी म.सा. प्रथम आवृत्ति : 2000 संवत : 2062 किंमत : Rs. 15/ (प्राप्तिस्थान) मुंबई श्री मणीलाल यु. शाह डी-1/203, स्टार गेलेक्सी, लोकमान्य तिलक रोड, बोरीवली (वे.) मुंबई-400092 फोन : (R) 28011469, 28642958, (O) 28931011 अमदावाद : श्री पारस गंगा ज्ञान मंदिर ( राजेन्द्रभाई) B-104, केदार टावर, राजस्थान होस्पीटल के सामने, शाहीबाग, अमदावाद-4 फोन : 079-22860247, (M) 942639076 अमदावाद : श्री जैन प्रकाशन मंदिर दोशीवाडानी पोल, कालुपुर, अमदावाद-1 फोन : 5356806 अमदावाद : सरस्वती पुस्तक भंडार 112, हाथीखाना, रतनपोळ, अमदावाद-1 फोन : 25356692 पालीताणा : श्री पार्श्वनाथ जैन पुस्तक भंडार फुवारा के पास, तलेटी रोड, पालाताणा-364270 (सौ.) शंखेश्वर : श्री महावीर जैन उपकरण भंडार जैन भोजन शाला के पास, शंखेश्वर, फोन : 02733-273306 मुद्रक : नवनीत प्रिन्टर्स, (निकुंज शाह) 2733, कुवावाली पोल, शाहपुर, अमदावाद-1. मो. 9825261177, 9427326041 फोन : 079-25625326 Page #5 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ॐ & % * * * * * * * 3 oc Ww ; अनुक्रमणिका १. चोवीश तीर्थंकर के नाम २ | २५. पिता की गति २. माता के नाम २ | २६. कुमार अवस्था ३. पिता के नाम २ | २७. राज्य अवस्था किस भव से तीर्थंकर नाम ३ | २८. गृहस्थ अवस्था उपार्जन किया २९. पुत्र-पुत्री की संख्या पूर्व भव के गुरु ३ |३०. प्रभु के भव ६. पूर्व में कितने शास्त्र पढे ? ३ | ३१. दीक्षा तिथी (मारवाडी) पूर्व भव की नगरी? ४ | ३२. दीक्षा नगरी कौन से देवलोक में से च्यवन ४ | ३३. दीक्षा नक्षत्र ९. च्यवन तिथि (मारवाडी) ४ | ३४. दीक्षा राशि १०. च्यवन नक्षत्र ५ | ३५. दीक्षा शिबिका का नाम १४ ११. च्यवन राशि दीक्षा भूमि १२. च्यवन कल्याणक नगर ५ | ३७. कितने के साथ दीक्षा ली १४ १३. गर्भकाल ३८. दीक्षा वृक्ष १५ १४. जन्म तिथि (मारवाडी) ३९. दीक्षा समय का तप १५ १५. जन्म नगरी ४०. कौन सी नगरी का पारणा १५ १६. जन्म नक्षत्र ७ | ४१. पारणा किस व्यक्ति के घर १६ १७. जन्म राशि उत्कृष्ट तप १८. जन्म देश धर्मस्थ काल १९. प्रभु का गण केवलज्ञान तिथि (मारवाडी) २०. प्रभु की योनि केवलज्ञान नगर २१. प्रभु के लांछन केवलज्ञान वन २२. प्रभु के नाम का अर्थ केवलज्ञान वृक्ष २३. शरीर प्रमाण | ४८. केवलज्ञान वृक्ष ऊँचाई |२४. माता की गति १० | ४९. केवलज्ञान तप 33 I www 9 9 9 1 1 122 * ** ** ** * * * ** * * * * Page #6 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ५०. प्रथम गणधर के नाम १९७६. निर्वाण के बाद आंतरा २७ ५१. प्रथम साध्वीजी का नाम १९ | ७७. समवसरण का प्रमाण २८ ५२. भक्त राजा के नाम | ७८. प्रथम देशना का विषय २८ ५३. गणधर संख्या २० | ७९. प्रभु के समय में नये | ५४. साधु भगवंत की संख्या २० तीर्थंकर के आत्मा ५५. साध्वीजी भगवंत की संख्या २० ८०. यक्ष के नाम ५६. श्रावक संख्या | ८१. यक्षिणी के नाम ५७. श्राविकासंख्या | ८२. यक्ष का वाहन ५८. केवलज्ञानी की संख्या २१ | ८३. यक्षिणी का वाहन ५९. मनःपर्यवज्ञानी की संख्या २२ | ८४. यक्ष का वर्ण ६०. अवधिज्ञानी की संख्या २२ ८५. यक्षिणी का वर्ण ६१. चौदपूर्वी की संख्या २२ | प्रकरण : २ ६२. वैक्रिय लब्धिधारी २३ | ८६ वीश विहरमान के नाम ३२ ६३. वादीधारी मुनि की संख्या २३ | ८७. माता का नाम ६४. महाव्रतो की संख्या २३ | ८८. पिता का नाम ६५. दीक्षाकाल २४ | ८९. पत्नी का नाम ६६. केवलज्ञान काल २४ / ९०. नगरी का नाम ६७. कुल आयुष्य २४ | ९१. लंछन का नाम | ६८. मोक्ष कल्याणक तिथि (मारवाडी) २५ / ९२. मेरु पर्वत के नाम | ६९. मोक्ष कल्याणक नगर २५ / ९३. द्वीप क्षेत्र का नाम ७०. निर्वाण नक्षत्र | ९४. विजय का नाम ७१. निर्वाण राशि | ९५. च्यवन कल्याणक (मारवाडी) ३५ ७२. निर्वाण आसन २६ / ९६. जन्म कल्याणक (मारवाडी) ३५ ७३. निर्वाण समय का तप २६ / ९७. शरीर प्रमाण ३५ (७४. कितने के साथ मोक्ष | ९८. गृहस्थावास ७५. निर्वाण समय २७ | ९९. दीक्षा कल्याणक (मारवाडी) ३६ * * * * * * * * * * * * * * * * Page #7 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ७ १००. दीक्षा वृक्ष ३६ | १२५. सुनंदा-रुपसेन के भव ४५ १०१. छद्मस्थ अवस्था ३७ / १२६. श्रीपाल राजा का परिचय ४६ १०२. केवलज्ञान कल्याणक (मारवाडी) ३७ | १२७. हनुमान के ७ भव ४६ १०३. गणधर के नाम ३७ | १२८ अग्यार गणधर का परिवार ४७ १०४. केवलज्ञानी की संख्या ३८, १२९ ११ गणधर १०५. साधु भगवंत की संख्या ३८ | १३० महान पुरुषों के पूर्व भव के नाम ४८ १०६. साध्वीजी भगवंत की संख्या ३८ | प्रकरण : ३ १०७. श्रावको की संख्या ३९ | १३१. चक्रवर्ती के नाम १०८. श्राविका की संख्या ३९ | १३२. माता का नाम १०९. चारित्र पर्याय | १३३. पिता का नाम ११०. सर्वायुष्य ४०/ १३४. नगरी का नाम १११. निर्वाण दिन ४० | १३५. शरीर की ऊंचाई ११२. भावि चोवीशी ४१ | १३६. शरीर का वर्ण ११३. आदिनाथजी के १३ भव ४२ | १३७. चक्रवर्ती का गोत्र ११४. चन्द्रप्रभस्वामी के ७ भव ४२| १३८. आयुष्य ११५. शांतिनाथजी के १२ भव ४२ | १३९. गति ११६. मुनिसुव्रतस्वामी के ९ भव ४२ | १४०. कुमार अवस्था ११७. नेमिनाथजी के ९ भव ४२ | १४१. मांडलिक काल ११८. पार्श्वनाथजी के १० भव ४३ | | १४२. चक्रवर्ती पद काल ११९. महावीर स्वामी के २७ भव ४३ | १४३. दीक्षा काल १२०. आदिनाथ परिवार के ४३ | १४४. कौन से तीर्थंकर का शासन ५४ साथ पांच भव १४५. स्त्री रत्न के नाम ५४ १२१. नेमिनाथ के ९ भव ४४ | १४६. वासुदेव का परिचय ५४ १२२. राजीमती के ९ भव ४४, १४७. प्रतिवासुदेव का परिचय ५७ १२३. समरादित्य के ९ भव ४५ | १४८. बलदेव का परिचय ५८ १२४. नलराजा-दमयंति के भव ४५ ه ه ه ه ه ه ه ه ه ه ه ه ه * * * * * * * * * * * * * * * * Page #8 -------------------------------------------------------------------------- ________________ प्रकरण - १ चोवीश तीर्थंकर का संक्षिप्त परिचय Page #9 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम ४. ५. ६. ७. ८. ९. १०. ११. १२. १३. १४. १५. १६. १७. १८. १९. २०. २१. २२. २३. २४. १ भगवान का नाम श्री ऋषभदेव स्वामीजी श्री अजितनाथजी श्री संभवनाथजी श्री अभिनंदन स्वामीजी श्री सुमतिनाथजी श्री पद्मप्रभ स्वामीजी श्री सुपार्श्वनाथजी श्री चन्द्रप्रभ स्वामीजी श्री सुविधिनाथजी श्री शीतलनाथजी श्री श्रेयांसनाथजी श्री 'वासुपूज्य श्री विमलनाथजी श्री अनंतनाथजी श्री धर्मनाथजी स्वामीजी श्री शान्तिनाथजी श्री कुंथुनाथजी श्री अरनाथजी श्री मल्लिनाथजी श्रीमुनिसुव्रत स्वामीजी श्री नमिनाथजी श्री नेमिनाथजी श्री पार्श्वनाथजी श्री महावीर स्वामीजी २ भगवान की माता का नाम मरुदेवी विजया रानी सेना रानी सिद्धार्था रानी मंगला रानी सुसीमा रानी पृथ्वी रानी लक्ष्मणा रानी रामा रानी नंदा रानी विष्णु रानी जया रानी श्यामा रानी सुयशा रानी सुव्रता रानी अचिरा रानी श्री रानी देवी रानी प्रभावती रानी पद्मावती रानी वप्रा रानी शिवा रानी वामा रानी त्रिशला रानी २ भगवान के पिता का नाम नाभिराजा जितशत्रु राजा जितारी राजा संवर राजा मेघ राजा श्रीधर राजा प्रतिष्ठ राजा महसेन राजा सुग्रीव राजा दृढरथ राजा विष्णु राजा वसुपूज्य राजा कृतवर्मा राजा सिंहसेन राजा भानु राजा विश्वसेन राजा शूर राजा सुदर्शन राजा कुंभ राजा सुमित्र राजा विजय राजा समुद्रविजय राजा अश्वसेन राजा सिद्धार्थ राजा Page #10 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम हुए शास्त्र * ॐ 3 ) महापद्म 24.4. किस भव से तीर्थंकर पूर्व भव के पूर्वभव के पढे नामकर्म उपार्जन किये गुरु वज्रनाभ चक्री वज्रसेन १४ पूर्व पढे विमल वाहन अरिदमन ११ पूर्व पढे विपुल वाहन संभ्रान्त (स्वयंप्रभ) महाबल विमल वाहन ११ पूर्व पढे अतिबल (पुरुषसिंह) सीमंधर (विनयनंदन) अपराजीत विहीता श्रव ११ पूर्व पढे नंदीषेण अरिदमन ११ पूर्व पढे पद्मराजा युगंधर जगन्नंद ११ पूर्व पढे पद्मोत्तर (पद्म) प्रिस्ताघ ११ पूर्व पढे नलिनीगुल्म वज्रदत्त ११ पूर्व पढे पद्मोत्तर वज्रनाभ ११ पूर्व पढे पद्मसेन ११ पूर्व पढे चित्ररथ ११ पूर्व पढे द्रढरथ विमलवाहन ११ पूर्व पढे मेघरथ धनरथ ११ पूर्व पढे सिंहावह संवराचार्य ११ पूर्व पढे धनपति संवर ११ पूर्व पढे महाबल वरधर्म ११ पूर्व पढे सुरश्रेष्ठ नंदन ११ पूर्व पढे सिद्धार्थ सुदर्शन ११ पूर्व पढे सुप्रतिष्ठ (शंखकुमार) श्रीषेण ११ पूर्व पढे आनंद (सुवर्णबाहु) जगन्नाथ तीर्थंकर (दामोदर) ११ पूर्व पढे नंदनऋषि पोट्टिलाचार्य ११ पूर्व पढे * * * * * * ३)* * * * * * * * सर्वगुप्त १४. पदार 2.2 MHM २४. * * Page #11 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम | - ; सुसीमा पूर्वभव की नगरी कौन से देवलोक च्यवन तिथि __ में से च्यवन मारवाडी पुंडरीकिणी सर्वार्थ सिद्ध विमान आषाढ वद ४ सुसीमा विजय अनुत्तर वैशाख सुद १३ क्षेमपुरी ७वा ग्रैवेयक (आनत्) फागण सुद १३ रत्नसंचया विजय (जयंत) अनुत्तर वैशाख सुद ४ शंखपुर वैजयन्त(जयंत) अनुत्तर श्रावण सुद २ सुसीमा नववाँ ग्रैवेयक महा वद ६ क्षेमपुरी छट्ठा ग्रैवेयक भाद्रपद वद ८ रत्नसंचया विजय (वैजयन्त) चैत्र वद ५ पुंडरिगिणी आनत देवलोक फागण वद ९ प्राणत (१०वां) वैशाख वद ६ क्षेमा अच्युत (महाशुक्र) जेठ वद ६ रत्नसंचया प्राणत (१०वां) जेठ सुद ९ महापुरी सहस्रार वैशाख सुद १२ अरिष्टा प्राणत (१०वां) श्रावण वद ९ भदिला विजय (अनुत्तर विमान) वैशाख सुद ७ पुंडरिकिणि सर्वार्थसिद्ध (अनुत्तर) भाद्रपद वद ७ खडिग सर्वार्थसिद्ध (अनुत्तर) श्रावण वद ९ सुसीमा सर्वार्थसिद्ध (अनुत्तर) फागण सुद २ वीतशोका जयंत (अनुत्तर) फागण सुद ४ चंपापुरी प्राणत (१०वां) श्रावण सुद १५ कौशांबी प्राणत (अपराजीत) आसो सुद १५ हस्तिनापुर अपराजीत कार्तिक वद १२ पुराणपुर प्राणत (१०वां) चैत्र वद ४ छत्रा प्राणत (१०वां) आषाढ सुद ६ * * * * * * * ***** * * * * & १४. # 2 १८. &&&& २४. ** * Page #12 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम च्यवन नक्षत्र च्यवन राशि * धन वृषभ EEEEEEEE मिथुन मिथुन ॐ 3 सिंह उत्तराषाढा रोहिणी मृगशीर्ष अभिजित् (पुनर्वसु) ५. मघा चित्रा ७. विशाखा अनुराधा ९. मूला पूर्वाषाढा श्रवण शतभिषा उत्तर भाद्रपद रेवती पुष्य भरणी कृतिका रेवती अश्विनी कन्या तुला वृश्चिक धन धन मकर * कुंभ च्यवन कल्याणक कौनसे नगर में अयोध्या अयोध्या सावत्थी अयोध्या अयोध्या कौशांबी बनारस चन्द्रपुरी काकंदी भद्दिलपुर सिंहपुरी चंपापुरी कंपिलपुरी अयोध्या रत्नपुरी हस्तिनापुर (गजपुर) हस्तिनापुर (गजपुर) हस्तिनापुर (गजपुर) मिथिला राजगृही मिथिला (मथुरा) शौरीपुरी काशी-बनारस ब्राह्मणकुंड *** * *** * मीन मीन कर्क वृषभ मीन मेष श्रवण मकर मेष २२. कन्या अश्विनि चित्रा विशाखा उत्तरा फाल्गुनी * ***** तुला कन्या २४. **** *** ५)* * Page #13 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम गर्भ काल १. ९ मास ८ १/२ दिन २. ८ मास २५ दिन ३. ९ मास ६ दिन ४. ९ मास ७ १/२ दिन ५. ९ मास ६ दिन ६. ९ मास ६ दिन ७. ९ मास १९ दिन ८. ९ मास ७ दिन ९. ९ मास २६ दिन १०. ९ मास ६ दिन ११. ९ मास ६ दिन १२. ८ मास १० दिन १३. ८ मास २१ दिन १४. ९ मास ६ दिन १५. ८ मास २६ दिन १६. ९ मास ६ दिन १७. ९ मास ५ दिन १८. ९ मास ८ दिन १९. ९ मास ७ दिन २०. ९ मास ८ दिन २१. ९ मास ८ दिन २२. ९ मास ८ दिन २३. ९ मास ६ दिन २४. ९ मास ७ १/२ दिन * * * ** ** १४ १५ जन्म तिथि मारवाडी प्रभु के जन्म नगरी चैत्र वद ८ अयोध्या महा सुद ८ अयोध्या मगसर सुद १४ सावत्थी महा सुद २ अयोध्या वैशाख सुद ८ अयोध्या कार्तिक वद १२ कौशांबी जेठ सुद १२ बनारस पोष वद १२ चन्द्रपुरी मगसर वद ५ काकंदी महा वद १२ भद्दिलपुर फागण वद १२ सिंहपुर फागण वद १४ चंपापुरी महा सुद ३ कंपिलपुरी वैशाख वद १३ अयोध्या महा सुद ३ रत्नपुरी जेठ वद १३ हस्तिनापुर (गजपुर) वैशाख वद १४ हस्तिनापुर (गजपुर) मगसर सुद १० हस्तिनापुर (गजपुर) मगसर सुद ११ मिथिला जेठ वद ८ राजगृही श्रावण वद ८ मिथिला (मथुरा) श्रावण सुद ५ शौरीपुरी पोष वद १० काशी-बनारस चैत्र सुद १३ . ब्राह्मणकुंड * * * * ** **** Page #14 -------------------------------------------------------------------------- ________________ १८ १६ जन्म नक्षत्र १७ जन्म राशि क्रम धन वृषभ मिथुन प्रभु का जन्म देश कोशल कोशल कुणाल कोशल कोशल वत्स काशी मिथुन सिंह कन्या तुला वृश्चिक धन धन मकर १. उत्तराषाढा २. रोहिणी ३. मृगशीर्ष ४. अभिजित् (पुनर्वसु) ५. मघा ६. चित्रा ७. विशाखा ८. अनुराधा ९. मूला १०. पूर्वाषाढा ११. श्रवण १२. शतभिषा १३. उत्तर भाद्रपद १४. रेवती १५. पुष्य १६. भरणी १७. कृतिका १८. रेवती १९. अश्विनी २०. श्रवण २१. अश्विनि २२. चित्रा २३. विशाखा २४. उत्तरा फाल्गुनी GEE मेष कोशल मलय काशी अँग पांचाल कोशल उत्तरकोशल कुरुदेश कुरुदेश कुरुदेश विदेह मगध विदेह कुशावर्त काशी वृषभ मीन मेष मकर मेष कन्या तुला कन्या पूर्व Page #15 -------------------------------------------------------------------------- ________________ १९ २० २१ क्रम प्रभ का गण | मानव मानव सर्प ३. ४. देव देव राक्षस 5 राक्षस ; ८. * राक्षस देव राक्षस मानव देव मानव १०. ११. राक्षस प्रभु की योनी ____ प्रभु का लांछन नकुल वृषभ (बैल) सर्प हस्ति (हाथी) अश्व (घोडो) मांजार (बिल्ली) वानर (बंदर) मूषक कोंच पक्षी महिष पद्म (कमल) व्याघ्र (मृग) स्वस्तिक व्याघ्र (मृग) चन्द्र वानर मगर मच्छ नकुल श्रीवत्स नकुल गेंडा अश्व पाडा (महिष) छात्र वराह (सुअर) हस्ति बाजपक्षी (सिंचाणो) छाग (बकरो) हस्ति मृग (हरिण) बकरो छाग (बकरो) हाथी नंदावर्त अश्व कुंभ (कलश) वानर कच्छप (काचबो) अश्व नीलकमल महिष शंख सर्प महिष सिंह * * * ** * * * मानव १४. १५. देव देव वज्र मानव १६. १७. मानव रास १९. देव २०. देव २१. देव कन्या २३. राक्षस २४. मानव * *** *** मृग * * Page #16 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम १. २. ३. ४. २२ प्रभु के नाम का अर्थ प्रथम स्वप्न में माता के द्वारा वृषभ देखने के कारण । सोठ बाजी में माता ने राजा को जीत लिया जन्म होने पर धरती पर काफी अनाज बढने लगा । गर्भरूप में भी हंमेशा इन्द्र ने जिनका अभिनंदन किया । न्याय देने में माता की बुद्धि संतुलित रही । मां को कमलपत्र की शय्या में सोने की इच्छा हुई । गर्भ में आने पर माता का शरीर सुंदर हो उठा । ५. ६. ७. ८. ९. १०. ११. १२. १३. १४. १५. गर्भ में आने पर मां ने धर्म का सुंदर व अधिक पालन किया । १६. पूरे देश में शांति स्थापित हो गई, उपद्रव शांत हो गये । स्वप्न में मां ने जमीन में रहे हुए रत्न स्तुप को देखा । स्वप्न में मांने महारत्न देखा । १७. १८. १९. २०. २१. २२. २३. २४. मां के मन में चन्द्रकिरणों को पीने की इच्छा हुई । गर्भ में आने पर माँ ने विधि को भली भांति जाना । माता के कर स्पर्श से पिता का दाह ज्वर शांत हो गया । मां ने अपने आपको श्रेय करने वाली देव शय्या में सोये हुए देखा । पुत्र होने से वसु देवता द्वारा पूजित । वसुपूज्य गर्भ में आने पर माता का शरीर एवं मन विमल (स्वच्छ) बन गया । गर्भ में आने पर मां ने अनंत मणियों की माला देखी । मां की इच्छा पुष्प मालाओं की शय्या पर सोने की हुई । गर्भ में आने पर मां को मुनि की तरह सुव्रत पालन की ईच्छा जगी गर्भ में आने पर विरोधियों के भी झुक जाने से । गर्भ के समय मां ने अरिष्ट रत्नमय चक्र देखा । माँ ने पास में जाते हुए काले सर्प को देखा । धन-धान्य, सुख-समृद्धि बढने के कारण । ९ Page #17 -------------------------------------------------------------------------- ________________ २३ २४ २५ क्रम १. ॐ 3 ; शरीर प्रमाण प्रभु के प्रभु के (उंचाई) माता की गति पिता की गति ५०० धनुष्य मोक्षगति नागकुमार (भवनपति) ४५० धनुष्य मोक्षगति ईशान देवलोक ४०० धनुष्य मोक्षगति ईशान देवलोक ३५० धनुष्य मोक्षगति ईशान देवलोक ३०० धनुष्य मोक्षगति ईशान देवलोक २५० धनुष्य मोक्षगति ईशान देवलोक २०० धनुष्य मोक्षगति ईशान देवलोक १५० धनुष्य मोक्षगति ईशान देवलोक १०० धनुष्य सनत्कुमार देवलोक सनत्कुमार देवलोक ९० धनुष्य सनत्कुमार देवलोक सनत्कुमार देवलोक ८० धनुष्य सनत्कुमार देवलोक सनत्कुमार देवलोक ७० धनुष्य सनत्कुमार देवलोक सनत्कुमार देवलोक ६० धनुष्य सनत्कुमार देवलोक सनत्कुमार देवलोक ५० धनुष्य सनत्कुमार देवलोक सनत्कुमार देवलोक ४५ धनुष्य सनत्कुमार देवलोक सनत्कुमार देवलोक ४० धनुष्य सनत्कुमार देवलोक सनत्कुमार देवलोक ३५ धनुष्य माहेन्द्र देवलोक माहेन्द्र देवलोक ३० धनुष्य माहेन्द्र देवलोक माहेन्द्र देवलोक २५ धनुष्य माहेन्द्र देवलोक माहेन्द्र देवलोक २० धनुष्य माहेन्द्र देवलोक माहेन्द्र देवलोक १५ धनुष्य माहेन्द्र देवलोक माहेन्द्र देवलोक १० धनुष्य माहेन्द्र देवलोक माहेन्द्र देवलोक ९ हाथ माहेन्द्र देवलोक माहेन्द्र देवलोक ७ हाथ माहेन्द्र देवलोक माहेन्द्र देवलोक ** * *-*-*-१०)-*-*-*-*-*-*-*-* * २२. २३. २४. ** Page #18 -------------------------------------------------------------------------- ________________ - २६ २७ २८ क्रम प्रभु की प्रभु की प्रभु की कुमार अवस्था राज्य अवस्था गृहस्थ अवस्था १. २० लाख पूर्व ६३ लाख पूर्व ८३ लाख पूर्व २. १८ लाख पूर्व १ पूर्वांग अधिक ५३ लाख पूर्व १ पूर्वांग अधिक ७१ लाख पूर्व ३. १५ लाख पूर्व ४ पूर्वांग अधिक ४४ लाख पूर्व ४ पूर्वांग अधिक ५९ लाख पूर्व १२ लाख पूर्व ___८ पूर्वांग अधिक ३६ - लाख पूर्व ८ पूर्वांग अधिक ४९ लाख पूर्व १० लाख पूर्व १२ पूर्वांग अधिक २९ लाख पूर्व १२ पूर्वांग अधिक ३९ लाख पूर्व ६. ७ लाख पर्व १६ पूर्वांग अधिक २१ लाख पूर्व १२ पूर्वांग अधिक २९ लाख पूर्व ७. ५ लाख पूर्व १६ पूर्वांग अधिक १४ लाख पूर्व २० पूर्वांग अधिक १९ लाख पूर्व ८. २- लाख पूर्व २४ पूर्वाग अधिक ६ लाख पूर्व २४ पूर्वांग अधिक ९ लाख पूर्व ५० हजार पूर्व २८ पूर्वांग अधिक ५० हजार पूर्व १ लाख पूर्व एवं २८ पूर्वांग २५ हजार पूर्व ५० हजार पूर्व १ लाख पूर्व में पौनपाद कम ११. २१ लाख वर्ष ४२ लाख वर्ष ६३ लाख वर्ष १८ लाख वर्ष राज्य काल नहीं था १८ लाख वर्ष लाख वर्ष ३० लाख वर्ष ४५ लाख वर्ष १४. ७५ लाख वर्ष १५ लाख वर्ष २२ लाख ५० हजार वर्ष ५ लाख वर्ष ७५ हजार वर्ष १ लाख वर्ष १६. २५००० वर्ष ५० हजार वर्ष १ लाख वर्ष में पौन पाद कम १७. २३,७५० वर्ष ४७,५०० वर्ष ७१,२५० वर्ष १८. २१०० वर्ष ४२ हजार वर्ष ६३ हजार वर्ष १९. १०० वर्ष राज्य काल नहीं था १०० वर्ष २०. ७५०० वर्ष १५ हजार वर्ष २२५०० वर्ष २१. २५०० वर्ष ५ हजार वर्ष ७५०० वर्ष २२. ३०० वर्ष राज्य काल नहीं था ३०० वर्ष २३. ३० वर्ष राज्य काल नहीं था ३० वर्ष २४. ३० वर्ष राज्य काल नहीं था ३० वर्ष * * * * * * * *(११)* * * * * * ** Page #19 -------------------------------------------------------------------------- ________________ २९ ३१ س س س س س س س س س س س ३० क्रम पुत्र - पुत्री की संख्या प्रभु की भव संख्या दीक्षा तिथि मारवाडी १. १०० पुत्र २ पुत्री बाह्मी-सुंदरी चैत्र वद ८ २. - महा सुद ९ ३. ३ पुत्र मगसर सुद १५ ४. ३ पुत्र महा सुद १२ ५. ३ पुत्र वैशाख सुद ९ ६. १३ पुत्र कार्तिक वद १३ ७. १७ पुत्र जेठ-सुद १३ ८. १८ पुत्र . पोष वद १३ ९. १९ पुत्र मगसर वद६ १०. २ पुत्र महा वद १२ ११. ९९ पुत्र फागण वद १३ १२. २ पुत्र फागण वद ३० १३. - महा सुद ४ १४. ८८ पुत्र वैशाख वद १४ १५. १९ पुत्र महा सुद १३ १६. १,५० लाख पुत्र १२ जेठ वद १४ १७. १,५० लाख पुत्र वैशाख वद ५ १८. १,२५ लाख पुत्र मगसर सुद ११ १९. - मगसर सुद ११ २०. १९ पुत्र ३ अथवा ९ फागणसुद १२ २१. - आषाढ वद ९ २२. - श्रावण सुद६ २३. - पोष वद ११ २४. १ पुत्री प्रियदर्शना २७ मगसर वद १० * * * * * * * *(१२)* * * * * * *** س س س س س سه . Page #20 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ३३ दीक्षा राशि धन वृषभ मिथुन | Cmo 3 मिथुन दीक्षा नक्षत्र उत्तराषाढा रोहिणि मृगशीर्ष पुनर्वसु मघा चित्रा विशाखा अनुराधा मूला पूर्वाषाढा सिंह कन्या तुला वृश्चिक धन धन 244 श्रवण ३२ क्रम प्रभु की दीक्षा नगरी अयोध्या अयोध्या सावत्थी अयोध्या अयोध्या ६. कौशांबी बनारस चंद्रपुरी काकंदी भद्दिलपुरी सिंहपुरी १२. चंपापुरी कंपिलपुर अयोध्या १५. रत्नपुरी हस्तिनापुर हस्तिनापुर हस्तिनापुर मिथिला राजगृही मिथिला शौरीपुरी २३. बनारस २४. क्षत्रियकुंड मकर कुंभ शतभिषा उत्तराभाद्रपद मीन रेवती कर्क पुष्य भरणी कृत्तिका रेवती वृषभ मीन अश्विनी मेष मकर मेष श्रवण अश्विनि चित्रा विशाखा उत्तराफाल्गुनी कन्या तुला कन्या * ****** * **-१३)* *** * * *** Page #21 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ३५ क्रम ३७ कितने के साथ दीक्षा ली ४००० १००० १००० १००० १००० ५. १००० ३६ दीक्षा भूमि (वन) सिद्धार्थ वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन बिहार गृहवन सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन वप्रकांचन वन १००० १००० १००० १००० दीक्षा शिबिका का नाम सुदर्शना सुप्रभा सिद्धार्थ अर्थसिद्धा अभयंकरा निवृतिकरा मनोहारी मनोरमा सूप्रभा चंद्रप्रभा (शुक्लप्रभा) विमलप्रभा पृथ्वी देवदत्ता (देवदिन्ना) सागरदत्ता नागदत्ता सर्वार्था विजया वैजयन्ती जयन्ती अपराजिता देवकुरु उत्तरकुरु विशाला चंद्रप्रभा * * * * * 24 १००० ६०० १००० १००० १५. सहस्राम्र वन १००० १००० १००० सहस्राम्र वन १००० ३०० १००० १००० सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन नीलगृहोद्यान सहस्राम्र वन सहस्राम्र वन आम्रपद ज्ञानखंडवन १४) * २२. २३. १००० ३०० २४. * * अकेले * *** * *** ** Page #22 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम १. २. ३. ४. ७. ३८ दीक्षा वृक्ष अशोक वृक्ष सप्तच्छद (अशोक) प्रियाल (अशोक) प्रियंगु (अशोक) शाल वृक्ष छत्र (अशोक) शीरीष (अशोक) नाग (अशोक) शाल (अशोक) प्रियंगु ८. ९. १०. ११. १२. १३. १४. १५. १६. १७. १८. १९. २०. बकुल (अशोक) २१. वेडस (अशोक) २२. घातकी (अशोक) २३. शाल वृक्ष तन्दुक (अशोक) पाडल (अशोक) जंबु (अशोक) अशोक वृक्ष दधिपूर्ण नंदि (अशोक) भीलक आम्र अशोक वृक्ष चंपक (अशोक) ३९ दीक्षा के समय तप छट्ठ तप छट्ठ तप छट्ठ तप छट्ठ तप चोथ भक्त छत छट्ठ तप छट्ठ तप छट्ट तप छट्ठ तप. छट्ठ तप चोथभक्त छट्ठ तप छट्ठ तप छट्ठ तप छट्ट तप छट्ठ तप छट्ठ तप अट्ठम तप छट्ठ तप छट्ठ तप छट्ठ तप अट्ठम तप छट्ठ तप १५ ४० पारणा कौनसी नगरी मे गजपुर (हस्तिनापुर) विनिता (अयोध्या) साथी अयोध्या विजयपुर ब्रह्मस्थल पाटलीखंड पद्मखंड श्वेतपुर रिष्टपुर सिद्धार्थपुर महापुर धान्यकूट वर्धमानपुर सोमनसपुर मंदिरपुर चक्रपुर राजपुर मिथिला राजगृही वीरपुर गोष्ठ (द्वारिका) कोपकट कोल्लाग Page #23 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ४१ क्रम ४२ प्रभु का उत्कृष्ट तप १२ मास ८मास ८ मास ८ मास मास 5 ८ मास ४३ प्रभु का छद्मस्थ काल १००० वर्ष १२ वर्ष १४ वर्ष १८ वर्ष २० वर्ष ६ महिना ९ महिना ३ महिना ४ महिना ३ महिना २ महिना १ महिना २ महिना ३ वर्ष २ वर्ष ८मास 9 5 ८मास पारणा किस व्यक्ति के घर श्रेयांसकुमार ब्रह्मदत्त सुरेन्द्रदत्त · इन्द्रदत्त राजा पद्मराजा सोमदत्त महेन्द्र सोमदत्त पुष्पराजा पुनर्वसु नंदराजा सुनंद जयराजा विजयराजा धर्मसिंह सुमित्रराजा व्याघ्रसिंह अपराजित विश्वेसन ब्रह्मदत्त दत्त ८ मास ८ मास ८मास ८ मास ८ मास * ८ मास ८ मास ८ मास १ वर्ष ८ मास ८मास ८मास ८ मास १६ वर्ष ३ वर्ष १ अहोरात्रि ११. महिना ९ महिना ५४ दिन ८४ दिन २१. ८ मास वरदत्त ८ मास ८ मास * धन्य बहुल ब्राह्मण २४. ६ मास १२ साल ६-मास Page #24 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ४५ ४६ क्रम प्रभु का केवलज्ञान केवलज्ञान केवलज्ञानं भूमि कल्याणक तिथि कल्याणक कौनसे (वन) मारवाडी नगर में १. फागण वद ११ पुरिमताल शकटमुख उद्यान २. पोष सुद ११ अयोध्या सहस्राम्रवन ३. कार्तिक वद ५ सावत्थी सहस्राम्रवन ४. पोष सुद १४ अयोध्या सहस्राम्रवन ५. चैत्र सुद ११ अयोध्या सहस्राम्रवन ६. चैत्र सुद १५ कौशांबी सहस्राम्रवन ७. फागण वद६ बनारस सहस्राम्रवन ८. फागण वद ७ चंद्रपुरी सहस्राम्रवन ९. कार्तिक सुद ३ काकंदी सहस्राम्रवन १०. पौष वद १४ भदिलपुर सहस्राम्रवन ११. महा वद ३० सिंहपुरी सहस्राम्रवन १२. महा सुद २ चंपापुरी बिहार गृहवन १३. पोष सुद६ कंपिल पुर सहस्राम्रवन १४. वैशाख वद १४ अयोध्या सहस्राम्रवन १५. पोष सुद १५ रत्नपुरी वप्रकांचनवन १६. पोष सुद ९ हस्तिनापुर (गजपुर) सहस्राम्रवन १७. चैत्र सुद ३ हस्तिनापुर (गजपुर) सहस्राम्रवन १८. कार्तिक सुद १२ हस्तिनापुर (गजपुर) सहस्राम्रवन १९. मगसर सुद १२ मिथिला उद्यान २०. फागण सुद १२ राजगृही राजगृही का उद्यान २१. ग्गसर सुद ११. मिथिला मिथिला का उद्यान २२. आसोज वद ३० गिरनार (रैवतगीरी) रैवतगिरि का उद्यान २३. चैत्र वद ४ बनारस (वाराणसी) वाराणसी का उद्यान २४. वैशाख सुद १० ऋजुवालिका (नदीतट) ऋजुवालिका नदी तट ** *** * * **-१७)* * * * * ** * Page #25 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ४९ केवलज्ञान तप अट्ठम तप छ? तप छ? तप EEEEEEE ४७ क्रम केवलज्ञान वृक्ष १. वटवृक्ष (वट न्यग्रोध) २. सप्तपर्ण (शाल) ३. शाल (प्रियाल) ४. प्रियंगु (रायण) ५. छत्र (प्रियंगु) ६. वट वृक्ष (छत्र) ७. शिरिष (नाग) ८. पुन्नाग ९. मल्लि (मालुर) १०. प्रियंगु ११. तिंदुक १२. पाटल १३. जंबु १४. पीपल १५. दधिपर्ण १६. नंदीवृक्ष १७. तिलक १८. आम्र १९. अशोक २०. चंपक २१. बकुल २२. वेतस २३. घातकी २४. शाल * * * * * * * ४८ केवलज्ञान वृक्ष उंचाई तीन कोस (तीन गाउ) दो गाउ (१४०० धनुष्य) दो गाउ (८०० धनुष्य). दो गाउ (८०० धनुष्य) १ गाउ १-गाउ १ कोस (४०० धनुष्य) १८०० धनुष्य १२०० धनुष्य १०८० धनुष्य ६६० धनुष्य ८४० धनुष्य ७२० धनुष्य ६०० धनुष्य ५४० धनुष्य ४८० धनुष्य ४२० धनुष्य ३६० धनुष्य ३०० धनुष्य २४० धनुष्य १८० धनुष्य . १२० धनुष्य २७ धनुष्य २१ धनुष्य (१८)-* * * * छ? तप चतुर्थ भक्त छ? तप छ? तप छ? तप छ? तप छ? तप छ? तप अट्ठम तप छ? तप छ? तप छ? तप अट्ठम तप छ? तप * * * * Page #26 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम १. २. ३. ४. ५. ६. ७. ८. ९. १०. ११. १२. १३. १४. १५. १६. १७. १८. १९. २०. २१. २२. २३. २४. प्रभु के प्रथम गणधर के नाम पुंडरिक सिंहसेन चारु वज्रनाभ चरमगणि सुद्योत (सुव्रत) विदर्भ दत्त वराहक आनंद कच्छप (गोशुभ) सुक्ष्म मंदर यश अरिष्ट चक्रायुध स्वयंभू कुंभ भिषक इन्द्र कुंभ वरदत्त आर्यदत्त इन्द्रभूति ५१ प्रभु की प्रथम साध्वीजी का नाम बह्म फाल्गुनी श्यामा अजिता काश्यपी रति सोमा सुमना वारुणी सुयशा (सुलसा) धारणी धरणी धरा पद्मा शिवा भाविता (शुचि) रक्षिका ( दामिनी) रक्षित बंधुमती पुष्पवती अनीला अक्षदिन्ना पुष्पचुला चंदनबाला १९ ५२ प्रभु के भक्त राजा भरत चक्रवर्ती सगर चक्रवर्ती मृगसेन राजा मित्रवीर्य राजा सत्यवीर्य राजा अजितसेन राजा दानवीर्य राजा मघवा चक्रवर्ती युद्धवीर्य राजा सीमंधर राजा त्रिपुष्ठ वासुदेव त्रिपुष्ठ वासुदेव स्वयंभू वासुदेव पुरुषोत्तम वासुदेव पुरुष वासुदेव कोणाला कुबेर नृपति सुभुम चक्रवर्ती अजित राजा विजयमहनृप हरिषेण चक्रवर्ती श्रीकृष्ण वासुदेव प्रसेनजित राजा श्रेणिक राजा Page #27 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ५४ ५५ १०२ * ॐ . ; 5 क्रम प्रभु की प्रभु की साधु प्रभु की साध्वीजी गणधर संख्या म. की संख्या म. की संख्या ८४ ८४,००० ३,००,००० १,००,००० ३,३०,००० २,००,००० ३,३६,००० ११६ ३,००,००० ६,३०,००० ३,२०,००० ५,३०,००० ३,३०,००० ४,२०,००० ३,००,००० ४,३०,००० २,५०,००० ३,८०,००० २,००,००० १,२०,००० १,००,००० १,०६,००० ८४,००० १,०३,००० ७२,००० १,००,००० ६८,००० १,०८,००० ६६,००० ६२,००० ६४,००० ६२,००० ६२,००० ६१,६०० ६०,००० ६०,६०० ५०,००० ६०,००० ४०,००० ५५,००० ५०,००० २०,००० ४१,००० २२. ११ १८,००० ४०,००० २३. १० १६,००० ३८,००० २४.. ११ १४,००० ३६,००० ***********-२०*********** ३०,००० Page #28 -------------------------------------------------------------------------- ________________ - ५८ केवलज्ञानी क्रम प्रभु के श्रावक संख्या ३,५०,००० २,९८,००० २,९३,००० २,८८,००० २,८१,००० २,७६,००० २,५७,००० २,५०,००० २,२९,००० २,८९,००० २,७९,००० २,१५,००० २,०८,००० २,०६,००० २,४०,००० २,९०,००० १,७९,००० १,८४,००० १,८३,००० १,७२,००० १,७०,००० १,६९,००० १,६४,००० १,५९,००० *** * * * ५७ प्रभु की श्राविका संख्या ५,५४,००० ५,४५,००० ६,३६,००० ५,२७,००० ५,१६,००० ५,०५,००० ४,९३,००० ४,९१,००० ४,७१,००० ४,५८,००० ४,४८,००० ४,३६,००० ४,३४,००० ४,१४,००० ४,१३,००० ३,९३,००० ३,८१,००० ३,७२,००० ३,७०,००० ३,५०,००० ३,४८,००० ३,३९,००० ३,७७,००० ३,१८,००० *२१)* *** २०,००० २२,००० १५,००० १४,००० १३,००० १२,००० ११,००० १०,००० ७,५०० ७,००० ६,५०० ६,००० ५,५०० ५,००० ४,५०० ४,३०० ३,२०० २,८०० २,२०० १,८०० १,६०० १,५०० १,००० ७०० * * ** * ** Page #29 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ५९ ६१ क्रम | मनः पर्यवज्ञानी १२,६५० १,४५० १२,१५० ११,६५० ६० अवधिज्ञानी ९,००० ९,४०० ९,६०० ॐ ९,८०० १०,४५० ११,००० १०,००० चतुर्दश पूर्वी ४,७५० ३,०५० २,१५० १,५०० २,४०० २,३०० २,०३० २,००० १,५०० १,४०० ; ९.००० १०,३०० ९,१५० ८,००० ७,५०० ७,५०० ८,००० * ८,४०० ७,२०० ६,००० ६.००० १,३०० ५,४०० १,२०० * ६,१०० ५,५०० ४,५०० ४,८०० ४,३०० ९०० ४,५०० ३,६०० ९०० ३,००० ८०० २,५०० ६७० ६१० * २,६०० २,२०० ६६८ १,८०० ५०० ४,००० ३,३४० २,५५१ १,७५० १,५०० १,२०८ १,००० ७५० ७०० * * * ४५० ४०० १,६०० १,५०० १,४०० १,३०० *(२२)* ३५० २४. ३०० * * * * * * * * * * * Page #30 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ६२ क्रम वैक्रिय लब्धि धारी ६३ वादी धारी मुनि | ॐ 3 २०,६०० २०,४०० १९,८०० १९,००० १८,४०० १६,१०८ १५,३०० १४,००० १३,००० १२,००० ११,००० १०,००० ९,००० ८,००० ७,००० ६,००० ५,१०० ७,३०० २,९०० १२,६५० १२,४०० १२,००० १४,००० १०,४५० ९,६०० ८,४०० ७,६०० ६,००० ५,८०० . प्रभु के समय में महाव्रत की संख्या ५ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ; ५,००० ४,७०० ३,६०० ३,२०० ४ महाव्रत ४ महाव्रत १५. १६. ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत २,८०० २,४०० २,००० १,६०० १,४०० १,२०० १,००० ८०० ४ महाव्रत २,००० & ५,००० १,५०० १,१०० ७०० * * * ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ४ महाव्रत ५ महाव्रत * * ६०० २४. * * १,४०० *(२३)-*-*-* * * * * Page #31 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम १. २. ३. १ लाख पूर्व १ लाख पूर्व में १ पूर्वांग कम १ लाख पूर्व में ४ पूर्वांग कम १ लाख पूर्व में ८ पूर्वांग कम १ लाख पूर्व में १२ पूर्वांग कम ६. ७. १ लाख पूर्व में १६ पूर्वांग कम १ लाख पूर्व में २० पूर्वांग कम १ लाख पूर्व में २४ पूर्वांग कम १ लाख पूर्व में २८ पूर्वांग कम ९. २५,००० पूर्व ८. ६५ प्रभु के दीक्षा काल ४. १०. २१,००,००० वर्ष ११. ५४,००,००० वर्ष १२. १५,००,००० वर्ष १३. ७,५०,००० वर्ष १४. २,५०,००० वर्ष १५. २५,००० वर्ष १६. २३,७५० वर्ष १७. २१,००० वर्ष १८. ५,१०० वर्ष १९. ७,५०० वर्ष २०. २१. २,५०० वर्ष ७०० वर्ष २२. २३. ७० वर्ष २४. ४२ वर्ष ६६ प्रभु का केवलज्ञान काल १ लाख पूर्व में १ पूर्वांग कम १ लाख पूर्व में १ पूर्वांग एवं १२ वर्ष कम १ लाख पूर्व में १ पूर्वांग एवं १४ वर्ष कम १ लाख पूर्व में ८ पूर्वांग ८ वर्ष कम १ लाख पूर्व में १२ पूर्वांग एवं २० वर्ष कम १ लाख पूर्व में १६ पूर्वांग एवं ६ मास कम १ लाख पूर्व में २० पूर्वांग एवं ९ मास कम १ लाख पूर्व में २४ पूर्वांग एवं ४ मास कम १ लाख पूर्व में २८ पूर्वांग एवं ४ मास क २५००० वर्ष में ३ मास कम २१ लाख वर्ष में २ मास कम ५४ लाख वर्ष में १ मास कम १५ लाख वर्ष में २ साल कम १/२ लाख वर्ष में ३ साल कम १/२ लाख वर्ष में २ साल कम २४९९९ वर्ष २३७२४ वर्ष २१ हजार वर्ष में ३ साल कम ५५ हजार वर्ष में १०० साल कम १/२ हजार वर्ष में ११ मास कम १/२ हजार वर्ष में ९ मास कम ७०० वर्ष में ५४ दिन कम ७० वर्ष में ८४ दिनकम ४२ वर्ष में १२ १/२ वर्ष कम २४ ६७ आयुष्य ८४,००,००० पूर्व ७२,००,००० पूर्व ६०,००,००० पूर्व ५०,००,००० पूर्व ४०,००,००० पूर्व ३०,००,००० पूर्व २०,००,००० - पूर्व १०,००,००० पूर्व २,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व ८४,००,००० वर्ष ७२,००,००० वर्ष ६०,००,००० वर्ष ३०,००,००० वर्ष १०,००,००० वर्ष १,००,००० वर्ष ९५,००० वर्ष ८४,००० वर्ष ५५,००० वर्ष ३०,००० वर्ष १०,००० वर्ष १,००० वर्ष १०० वर्ष ७२ वर्ष Page #32 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ६८ ७० निर्वाण नक्षत्र क्रम मोक्ष कल्याणक तिथि मारवाडी १. महा वद १३ २. चैत्र सुद ५ ३. चैत्र सुद ५ ४. वैशाख सुद ८ ५. चैत्र सुद ९ ६. मगसर वद ११ ७. फागण वद ७ ८. भादरवा वद ८ ९. भादरवा सुद ९ १०. वैशाख वद २ ११. श्रावण वद ३ १२. आषाढ सुद १४ १३. आषाढ वद ७ १४. चैत्र सुद ५ १५. जैठ सुद ५ १६. जेठ वद १३ १७. वैशाख वद १ १८. मगसर सुद १० १९. फागण सुद १२ २०. जैठ वद ९ २१. वैशाख वद १० २२. आषाढ सुद ८ २३. श्रावण सुद ८ २४. कार्तिक वद ३० * * * * * * मोक्ष कल्याणक कौन से नगर में अष्टापद पर्वत सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर चंपापुरी सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर सम्मेत शिखर गिरनार सम्मेत शिखर पावापुरी * *(२५)* अभिचि मृगशीर्ष आद्रा पुष्य पुनर्वसु चित्रा मूला श्रवण मूला पूर्वाषाढा धनिष्ठा उत्तर भाद्रपद रेवती रेवती पुष्य भरणी कृत्तिका रेवती अश्विनी श्रवण अश्विनी चित्रा विशाखा स्वाति * * * * * * * Page #33 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम १. २. ३. ४. ५. ७. ८. ९. १०. ११. १२. १३. १४. १५. १६. १७. १८. १९. २०. २१. २२. २३.. २४. ७१ निर्वाण राशि मकर वृषभ मिथुन कर्क कर्क कन्या वृश्चिक वृश्चिक धन धन कुंभ मीन मीन मीन कर्क मेष वृषभ मीन मेष मकर मेष तुला तुला तुला ७२ निर्वाण आसन पद्मासन कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग • कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग. कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग र्योत्सर्ग "र्योत्सर्ग स र्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्योत्सर्ग कार्यात्सर्ग पद्मासन र्योत्सर्ग पद्मासन २६ ७३ निर्वाण समय तप छ उपवास (चउदस भक्त) एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास एक मास छठ्ठ तप Page #34 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ७४ ७५ ७६ क्रम कितने के निर्वाण समय प्रभु के निर्वाण साथ मोक्ष के बाद आंतरा १. १०,००० दिन के पहले भाग में ५० लाख कोटी सागरोपम २. १,००० दिन के पहले भाग में ३० लाख कोटी सागरोपम ३. १,००० दिन के पिछले भाग में १० लाख कोटी सागरोपम ४. १,००० दिन के प्रथम प्रहर ९ लाख कोटी सागरोपम ५. १,००० दिन के प्रथम प्रहर ९० हजार कोटी सागरोपम ६. ३०८ दिन के अंतिम प्रहर ९ हजार कोटी सागरोपम ७. ५०० दिन के प्रथम प्रहर ९०० करोड सागरोपम ८. १,००० दिन के प्रथम प्रहर ९० करोड सागरोपम ९. १,००० दिन के अंतिम प्रहर ९ करोड सागरोपम १०. १,००० दिन के प्रथम प्रहर ९ करोड सागरोपम में १०० सागरोपम कम ११. १,००० दिन के प्रथम प्रहर ५४ सागरोपम १२. ६०० दिन के अंतिम प्रहर ३० सागरोपम १३. ६,००० रात्रि के प्रथम प्रहर ९ सागरोपम १४. ७,००० रात्रि के प्रथम प्रहर ४ सागरोपम १५. १०८ रात्रि के अंतिम प्रहर ३ सागरोपम में ३/४ पल्यन्युन १६. ९०० रात्रि के प्रथम प्रहर १/२ पल्योपम १७. १,००० रात्रि के प्रथम प्रहर १/४ पल्योपम में हजार करोड वर्ष कम १८. १,००० रात्रि के अंतिम प्रहर १ हजार कोटी वर्ष १९. ५०० रात्रि के प्रथम प्रहर ५४ लाख वर्ष २०. १,००० रात्रि के प्रथम प्रहर ६ लाख वर्ष २१. १,००० रात्रि के प्रथम प्रहर ५ लाख वर्ष २२. ५३६ रात्रि के अंतिम प्रहर ८३७५० वर्ष २३. ३३। रात्रि के प्रथम प्रहर २५० वर्ष । २४. अकेले रात्रि के मध्यम प्रहर -- * * * * * * * X-(२७)-* * * * * * * * Page #35 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ७७ क्रम प्रभु का समवसरण की रचना १. ४८ कोस (१४४ कि.मी.) २. ४६ कोस (१३८ कि.मी.) ३. ४४ कोस (१३२ कि.मी.) ४. ४२ कोस (१२६ कि.मी.) ५. ४० कोस (१२० कि.मी.) ६. ३८ कोस (११४ कि.मी.) ७. ३६ कोस (१०८ कि.मी.) ८. ३४ कोस (१०२ कि.मी.) ९. ३२ कोस (९६ कि.मी.) १०. ३० कोस (९० कि.मी.) ११. २८ कोस (८४ कि.मी.) १२. २६ कोस (७८ कि.मी.) १३. २४ कोस (७२ कि.मी.) १४. २२ कोस (६६ कि.मी.) १५. २० कोस (६० कि.मी.) १६. १८ कोस (५४ कि.मी.) १७. १६ कोस (४८ कि.मी.) १८. १४ कोस (४२ कि.मी.) १९. १२ कोस(३६ कि.मी.) २०. १० कोस (३० कि.मी.) २१. ८ कोस (२४ कि.मी.) २२. ६ कोस (१५ कि.मी.) २३. ५ कोस (१२ कि.मी.) २४. ४ कोस (१ योजन) ७८ प्रथम देशना का विषय यतिधर्म एवं श्रावक धर्म धर्मध्यान के चार पाया अनित्य भावना अशरण भावना एकत्व भावना संसार भावना अन्यत्व भावना अशुची भावना आश्रव भावना संवर भावना निर्जरा भावना ७९ प्रभु के शासन में नये तीर्थंकर भ. के आत्मा मरिचि २८ वर्मा राजा हरिषेण-विश्वभूति श्रीकेतु-त्रिपुष्ठधन मरुभूति - श्रीकेतु-अमिततेज नंद- नंदन - शंख-सिद्धार्थ धर्म भावना बोधिदुर्लभ भावना लोक भावना मोक्ष का उपाय. इन्द्रियों का विजय मनः शुद्धि रागद्वेष मोह पर विजय सामायिक के उपर यतिधर्म एवं श्रावक धर्म श्रीवर्मा - रावण - नारद श्रावक करण चार महाविगई के पर १२ व्रत १५ कर्मा दान के वर्णन यतिधर्म गृहस्थ धर्म गणधर वाद श्रीकृष्ण अंबड- सत्यकी - आनंद श्रेणीक सुपार्श्व पोटील उदायी - दृढायु-शंखशतक-सुलसा - रेवति Page #36 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ८० ८१ क्रम ८२ प्रभु के यक्ष का वाहन हाथी * प्रभु के यक्ष के नाम गोमुख महायक्ष त्रिमुख यक्षेश्वर तुंबरु कुसुम मातंग प्रभु की यक्षिणी का नाम चक्केश्वरी अजिता दुरितारी कालिका महाकाली हाथी मयुर ॐ 3 हाथी गरुड (मृग) हरण हाथी श्यामा ; विजय हंस & काचबो पद्म बैल * अजित ब्रह्म ईश्वर (मनुज) कुमार षण्मुख पाताल किन्नर मयुर शान्ता भ्रुकुटि सुतारका (सुतारा) अशोका मानवी चंदा वेदिता अंकुशा कंदर्पा निर्वाणी अच्युता धरणी वैरोट्या दत्ता गांधारी अंबिका पद्मावती सिद्धायिका *(२९)* * मगर काचबो भंड गरुड गंधर्व शंख * हाथी * बैल यक्षराज कुबेर वरुण भ्रुकुटि गोमेध पार्श्व मातंग * * २३. २४. * * पुरुष कच्छुआ हाथी * * * * * * * * * Page #37 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ८३ ८४ प्रभु के यक्ष का वर्ण क्रम प्रभु के यक्षिणी का वाहन गरुड गाय मेष ८५ प्रभु की यक्षिणी का वर्ण सुवर्ण सुवर्ण गौरवर्ण सुवर्ण श्याम श्याम श्याम पद्म श्याम पद्म श्रेत सुवर्ण ॐ ; नील मनुष्य हाथी हंस बैल पद्म श्याम पीला श्वेत सिंह घोडा श्वेत L पद्म पद्म श्याम सुवर्ण पीला गौरवर्ण नील गौरवर्ण श्याम हरिताल गौरवर्ण गौरवर्ण गौरवर्ण गौरवर्ण .नीलवर्ण कृष्णवर्ण गौरवर्ण श्वेत वर्ण सुवर्ण रक्त वर्ण रक्त वर्ण श्याम श्याम मच्छ पद्म मयुर पद्म श्याम पद्म इंद्रायुध वर्ण श्वेत वर्ण भद्रासन हंस सुवर्ण AM श्याम वर्ण सिंह कुर्कट सर्प कृष्ण वर्ण सुवर्ण सिंह श्याम वर्ण श्याम वर्ण ** * * * * * * * ३०)* ** * * * * * Page #38 -------------------------------------------------------------------------- ________________ प्रकरण - २ वीश विहरमान भगवान का संक्षिप्त परिचय *** ** * ** ३१)* * *** * *** * Page #39 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ८६ क्रम * * * * 3 ; विहरमान तीर्थंकर भ.का नाम सिमंधर स्वामी युगमंधर स्वामी बाहु स्वामी सुबाहु स्वामी सुजात स्वामी स्वयंप्रभ स्वामी ऋषभानन स्वामी अनंतवीर्य स्वामी सुरप्रभ स्वामी विशालप्रभ स्वामी वज्रधर स्वामी चंद्रानन स्वामी चंद्रबाहु स्वामी भूजंगदेव स्वामी ईश्वर स्वामी नेमिप्रभ स्वामी वीरसेन स्वामी महाभद्र स्वामी देवसेन स्वामी अनंतवीर्य स्वामी ८७ ८८ विहरमान तीर्थंकर विरहमान तीर्थंकर भ. के माता का नाम भ. के पिता का नाम सत्यकी श्रेयांस सुतारा सुदृढ विजया सुग्रीव सुनंदा निषेध देवसेना देवसेन सुमंगला चित्रभूति वीरसेना किर्तिराजा मंगलावती मेघराजा विजयावती विजयसेन भद्रावती नागराजा सरस्वती पद्मरथ पद्मावती वाल्मिक रेणुका देवानंद (देवकर) यशोज्वला महाबल महिमा वज्रसेन सेनादेवी वीरराज भानुमति भूमिपाल उमादेवी 'देवसेन(देवराज गंगादेवी सर्वानुभूति कनिका (कननी) * * १६. * राजपाल ** **** ******** ३२)** * * ** * * Page #40 -------------------------------------------------------------------------- ________________ विजया ८९ ९० ९१ क्रम वीश विहरमान भ. की वीश विरहमान भ. वीश विरहमान भ. के पत्नी का नाम की नगरी का नाम लांछन १. रुक्मणी पुंडरिकिणी वृषभ २. प्रियमंगला (प्रियगंमा) सुशीमा गजराज (बकरो) ३. मोहिनी वितशोका मृग ४. किंपुरिसा वांदरो (वानर) ५. जयसेना पुंडरिकिणी सूर्य ६. वीरसेना (प्रियसेना) सुशीमा चन्द्र ७. विजयावती (कुंतीदेवी) वितशोका सिंह ८. जयवंती विजया बकरो ९. नंदसेना (निर्मला) पुंडरिकिणी १०. विमलादेवी सुशीमा चन्द्र ११. विजयावती वितशोका वृषभ १२. लीलादेवी विजया वृषभ १३. सुगंधादेवी पुंडरिकिणी पद्मकमल १४. गंधसेना (गर्वसेना) सुशीमा चन्द्र १५. भद्रावती वितशोका पद्मकमल १६. मोहिनी विजया सूर्य १७. राजसेना पुंडरिकिणी ऋषभ १८. सुरकान्ता सुशीमा १९. पद्मावती वितशोका चन्द्र २०. रत्नावती (रत्नमाला) विजया स्वस्तिक हाथी Page #41 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ९२ क्रम विहरमान भ. के मेरु पर्वत १. सुदर्शन मेरु २. सुदर्शन मेरु ३. सुदर्शन मेरु ४. सुदर्शन मेरु ५. विजय मेरु ६. विजय मेरु ७. विजय मेरु ८. विजय मेरु ९. अचल मेरु १०. अचल मेरु ११. अचल मेरु १२. अचल मेरु १३. पुष्कर (मन्दर) १४. पुष्कर (मन्दर) १५. पुष्कर (मन्दर) १६. पुष्कर (मन्दर) १७. विद्युन्माली मेरु १८. विद्युन्माली मेरु १९. विद्युन्माली मेरु २०. विद्युन्माली मेरु ९३ विहरमान भ. के द्वीप एवं क्षेत्र का नाम जंबुद्वीप (पूर्व महाविदेह) जंबुद्वीप (पश्चिम महाविदेह) जंबुद्वीप (पूर्व महाविदेह) जंबुद्वीप (पश्चिम महाविदेह) घातकी खंड पूर्वार्ध (पूर्व महा) घातकी खंडपूर्वार्ध (पश्चिम महा) घातकी खंड पूर्वार्ध (पूर्व महा) घातकी खंड (पश्चिम महा) पश्चिम घातकी खंड (पूर्व महा) पश्चिम घातकी खंड (पश्चिम महा) पश्चिम घातकी खंड (पूर्व महा) पश्चिम घातकी खंड (पश्चिम महा) पूर्व पुष्करार्ध (पश्चिम महा) पूर्व पुष्करार्ध (पूर्व महा) पूर्व पुष्करार्ध (पश्चिम महा) पश्चिम पुष्करार्ध (पूर्व महा) पश्चिम पुष्करार्ध (पूर्व महा) पश्चिम पुष्करार्ध (पश्चिम महा) पश्चिम पुष्करार्ध (पूर्व महा) ३४ ९४ विरहमान भ. के विजया का नाम ८वी पुष्कलावती २५वी वप्रा ९ वच्छ (वत्स) २४ नलीनावती ८वी पुष्कलावती २५वी वप्रा ९वी वच्छ २४वी नलिनावती ८वी पुष्कलावती २५वी वप्रा ९ वी वच्छ २४वी नलिनवती ८वी पुष्कलावती २५वी वप्रा ९वी वच्छ २४वी नलिनवती ८वी पुष्कलावती २५वी वप्रा ९वी वच्छ २४वी नलिनवती Page #42 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम ९५ च्यवन कल्याणक मारवाडी १. श्रावण वदी ५ २. श्रावण वदी ५ ३. श्रावण वदी ५ ४. श्रावण वदी ५ ५. श्रावण वदी ५ ६. श्रावण वदी ५ ७. श्रावण वदी ५ ८. श्रावण वदी ५ ९. श्रावण वदी ५ १०. श्रावण वदी ५ ११. श्रावण वदी ५ १२. श्रावण वदी ५ १३. श्रावण वदी ५ १४. श्रावण वदी ५ १५. श्रावण वदी ५ १६. श्रावण वदी ५ १७. श्रावण वदी ५ १८. श्रावण वदी ५ १९. श्रावण वदी ५ २०. श्रावण वदी ५. ९६ जन्म कल्याणक मारवाडी वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० वैशाख वदी १० ३५ ९७ वीश विहरमान भ. के शरीर प्रमाण ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य ५०० धनुष्य Page #43 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम ९८ वीश विहरमान भ. का गृहस्थावास * ॐ ॐ ; * वीश विहरमान भ. के दीक्षा कल्याणक गु.मा. फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० . फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० फागण सुद १० * ३६)* * * ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व ८३,००,००० पूर्व * * * * * १०० वीश विहरमान भ. के दीक्षा वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष अशोक वृक्ष * * *** * * * * १९. २०. ** Page #44 -------------------------------------------------------------------------- ________________ १०१ क्रम वीश विहरमान भ. का छदम्स्थ अवस्था १०३ वीश विहरमान भ. के गणधर | ; - १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष १००० वर्ष. १००० वर्ष • २०. १००० वर्ष * *** * *** १०२ वीश विहरमान भ. के केवलज्ञान कल्याणक गु.मा. चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ चैत्र सुद १३ ३७)* * * * * * ******* Page #45 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम २. ३. ४. ५. ६. ७. ८. ९. १०. ११. १२. १३. १४. १५. १६. १७. १८. १९. २०. १०४ वीश विहरमान भ. के केवलज्ञानी परिवार 20,00,000 १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०,००,००० १०५ वीश विहरमान भ. के साधु म. का परिवार १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० कोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० कोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड ३८ १०६ वीश विहरमान भ. के साध्वीजी म. का परिवार १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० क्रोड १०० कोड १०० क्रोड १०० क्रोड Page #46 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम ३. ४. ६. ७. ८. ९. १०. ११. १२. १३. १४. १५. १६. १७. १८. १९. २०. १०७ वीश विहरमान भ. के श्रावको का परिवार ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड .९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० कोड ९०० क्रोड १०८ वीश विहरमान भ. के श्राविका का परिवार ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ९०० क्रोड ३९ - १०९ वीश विहरमान भ. का चारित्र पर्याय १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व Page #47 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम १. २. ४. ५. ६. ७. ८. ९. १०. ११. १२. १३. १४. १५. १६. १७. १८. १९. २०. ११० वीश विहरमान भ. के सर्वायु ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ८४,००,००० पूर्व ४० १११ वीश विहरमान भ. के निर्वाण दिन श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ श्रावण सुद ३ Page #48 -------------------------------------------------------------------------- ________________ राशी कन्या तुला कन्या मेष मकर मेष मीन वृषभ ११२ (भावी चोवीशी) क्रम तीर्थंकर भ. किसका जीव था लांछन के नाम १. पद्मनाभ श्रेणीक महाराजा का केसरी सिंह २. शूरदेव वीरप्रभु का काका सुपार्श्व नीलसर्प ३. सुपार्श्वजी वीरप्रभु का श्रावक पोट्टील शंख ४. स्वयंप्रभ द्रढायु का जीव नीलकमल ५. सर्वानुभूति कार्तिक शेठ का जीव काचबो ६. देवश्रुत शंख नामके श्रावक कुंभकलश ७. उदयनाथ नंद का जीव नंदावर्त ८. पेढालनाथ सुनंद का जीव छाग-बोकडो ९. पोटिलनाथ कैकसी का जीव हरिण १०. शतकीर्ति शतक श्रावक का जीव वज्र ११. सुव्रतजिन सत्यकी का जीव सिंचाणो १२. अमम कृष्ण वासुदेव का जीव वराह १३. निष्कषाय बलदेव का जीव महिष १४. निष्पुलाक रोहिणी का जीव गेंडो सुलसा श्राविका का जीव श्रीवत्स १६. चित्रगुप्त रेवती श्राविका का जीव मगर १७. समाधिनाथ गवाली का जीव चंद्र १८. संवर शतानिक का जीव स्वस्तिक १९. यशोधर द्वीपायन का जीव लालकमल २०. विजय कर्ण का जीव सारस २१ मल्लदेव ८वां नारद का जीव कपि २२ देवजिन अंबड तापस का जीव अश्व २३ अनंतवीर्य अमरकुमार का जीव हाथी २४ भद्रजिन स्वाती का जीव वृषभ मकर धन धन वृश्चिक तुला कन्या सिंह मिथुन मिथुन वृषभ धन * * * * * * * * ४१)* * * * * *** * Page #49 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ११३ आदिनाथ भगवान के तेरह भव (१) धनसार्थवाह (२) उत्तरकुरुक्षेत्र युगलिक (३) सौधर्म देवलोक (४) महाबल राजा (५) इशान देवलोक (६) वज्रजंघ (७) उत्तर कुरुक्षेत्र युगलिक (८) सौधर्म देवलोक (९) जीवानंद वैद्य (१०) अच्युत देवलोक (११) वज्रनाभ चक्रवर्ती (१२) सर्वार्थ सिद्ध (१३) ऋषभदेव ११४ चन्द्रप्रभ भगवान के सात भव (१) चर्मरुप (धर्मराजा) (२) सौधर्म देवलोक (३) अजितसेन राजा (४) अच्युत देवलोक (५) पद्मराजा (६) विजयन्त देवलोक (७) चंद्रप्रभ भ. ११५ शांतिनाथ भगवान के बारह भव (१) श्रीषेण राजा (२) उत्तरकुरुक्षेत्र में युगलिक (३) सौधर्मेन्द्र (४) अमितगति विद्याधर (५) प्राणतदेवलोक (६) बलभद्र राजा (७) अच्युत देवलोक (८) वज्रयुद्ध चक्री (९) ग्रैवेयक देवलोक (१०) मेघरथराजा (११) सर्वार्थसिद्ध देवलोक (१२) शांतिनाथ भ. ११६ मुनिसुव्रत स्वामी भगवान के नव भव (१) शिवकेतुराजा (२) सौधर्मेन्द्र देवलोक (३) कुबेरदत्त (४) सनत्कुमार देवलोक (५) वज्रकुंडलराजा (६) ब्रह्म देवलोक (७) श्री वर्म राजा (८) अपराजित देवलोक (९) मुनिसुव्रत स्वामी भ. ११७ नेमिनाथ भगवान के नव भव (१) धनराजा (२) ब्रह्म देवलोक (३) चित्रगति विद्याधर ( ४ ) माहेन्द्र देवलोक (५) अपराजीत राजा (६) आरण्य देवलोक (७) शंखराजा (८) अपराजीत देवलोक (९) नेमनाथ भ. ४२ Page #50 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ११८ पार्श्वनाथ भगवान के दश भव (१) मरुभूति (२) हाथी (३) सहस्रार देवलोक (४) किरणवेग विद्याधर (५) अच्युत देवलोक (६) वज्रनाभ राजा (७) मध्यम ग्रेवैयक (८) सुवर्णबाहु चक्रवर्ती (९) प्राणत देवलोक (१०) पार्श्वनाथ भ. ११९ महावीर स्वामी भगवान के २७ भव (१) नयसार नामके ग्राम मुखी (२) सौधर्म (३) मरिचि राजकुमार (४) ब्रह्म देवलोक (पांचवा) (५) कौशिक (६) पुष्पमित्र ब्राह्मण (७) सौधर्म देवलोक (८) अग्निद्योत ब्राह्मण (९) इशान देवलोक (दुसरा) (१०) अग्निभूति ब्राह्मण (११) सनत्कुमार देवलोक (१२) भारद्वाज ब्राह्मण (१३) विश्वभूति राजकुमार (१७) महाशुक्र देवलोक (१८) त्रिपृष्ठ वासुदेव (१९) सातवी नरक (२०) सिंह (२१) चोथी नरक (२२) विमल राजा (२३) प्रियमित्र चक्रवर्ती (२४) महाशुक्र देवलोक (२५) नंदन राजकुमार (२६) प्राणत देवलोक (२७) महावीर स्वामी भ. ( दूसरे सब तीर्थंकर भगवान का तीन तीन भव हुआ हैं ) (१) मनुष्य (२) देवलोक (३) तीर्थंकर १२० आदिनाथ भगवान को खुद के परिवार के साथ पांच भव महिधर सुबुद्धि पुर्णभद्र गुणाकर केशव देवलोक देवलोक देवलोक देवलोक देवलोक सुबाहु पीठ महापीठ सुयश सारथी देवलोक देवलोक देवलोक देवलोक बाहुबली ब्राह्मी सुंदरी श्रेयांसकुमार (१) जीवानंद (२) देवलोक (३) वज्रनाभ बाहु (४) सर्वार्थ सिद्ध देवलोक (५) ऋषभदेव भरत ४३ Page #51 -------------------------------------------------------------------------- ________________ माता १२१ नेमनाथ भगवान के नव भव भव नगरी पिता नाम विशेष (१) अचलपुर धारिणि विक्रम धन धनराज संयम (२) सौधर्म देव (३) सुरतेज विद्युतमती सुर चक्री चित्रगती विद्याधर संयम (४) माहेन्द्र देवलोक - (५) सिद्धपुर प्रियदर्शना हरिनंदी अपराजीत संयम (६) आरण देवलोक - (७) हस्तिनापुर श्रीमती राणी श्रीषेण राजा शंखराजा संयम (८) अपराजीत देवलोक (९) सूर्यपुर शिवादेवी समुद्रविजय नेमनाथ संयम १२२ विशेष संयम संयम | राजीमती (राजुल) के नव भव भव नगरी माता पिता नाम (१) कुसुमपुर विमला सिंहराजा धनवती (२) सौधर्म देवलोक - (३) शिवमंदिर शशिप्रभा अनंगसिंह रत्नवती (४) माहेन्द्र देवलोक - (५) जनानंद धारिणी जीतशत्रुराजा प्रितिमती (६) आरण्य देवलोक - - (७) चंपापुरी किर्तिमती जितारीराजा यशोमती (८) अपराजीत अनुत्तर विमान(९) मथुरा धारिणी उग्रसेन राजीमती संयप कात संयम संयम *********४४)** ****** Page #52 -------------------------------------------------------------------------- ________________ १२३ समरादित्य केवली के नव भव भव नगरी माता पिता नाम विशेष (१) क्षितिप्रतिष्ठित कुमुदिनि पूर्णचंद्रराजा गुणसेन राजपुरोहित पुत्रो (२) जयपुर श्रीकान्ता पुरुषदत्त सिंहराजा पिता-पुत्र (३) कौशांबी ___जालिनी ब्रह्मदत्त शिखीकुमार माता-पुत्र (४) सुशर्मनगर श्रीदेवी सुधन्वराजा धन पति-पत्नी (५) काकंदी लीलावती सूरतेजराजा जय दोनोभैया (६) माकंदी हारप्रभा बंधुदत्त शेठ धरण पति-पत्नी (७) चंपा जयसुंदरी अमरसेनराजा सेन पितराइ भैया (८) अयोध्या पद्मावती मैत्रीबलराजा गुणचंद्र - उज्जेणी सुंदरी पुरुषसिंहराजा समरादित्य राजा-चंडाल १२४ नलराजा एवं दमयंती सती के भव भव नगरी पति पत्नी (१) संगर मम्मणराजा वीरमतीराणी (२) देवलोक में देव-देवी हुआ (३) पोतनपुर धन्य भरवाड धुसरी (४) हेमवंत क्षेत्र में युगलिक हुआ (५) देवलोक में क्षीर कंकर एवं क्षीरकंकरा देवी हुई (६) कोशला नलराजा दमयंती (७) उत्तरदिशा के कुबेर नामक लोकपाल (नल) कुबेरदेवी (दमयंती) (८) द्वारिका कृष्णराजा की पत्नि कनकावती राणी . १२५ सुनंदा रुपसेन के सात भव सुनंदा मोक्ष में गई रुपसेन का भव : (१) रुपसेन (२) गर्भ में (३) सर्प (४) कौए (५) हंस (६) हरिण (७) हाथी (८) देवलोक मे गये। * * * * * * * * ४५)* * * * * * * * Page #53 -------------------------------------------------------------------------- ________________ १२६ श्रीपालराजा की नव रानी का नाम एवं माता-पिता नगरी का नाम राणी का नाम नगरी पिता उज्जयिणि प्रजापाल बब्बरकोट महाकाल रत्नसंचया कनक (१) मयणासुंदरी (२) मदनसेना (३) मदनमंजुषा (४) मदनमंजरी (५) गुणसुंदरी (६) त्रैलोक्यसुंदरी (७) श्रृंगारसुंदरी (८) जयसुंदरी (९) तिलकसुंदरी भव नगरी (१) मंदरनगर (२) दुसरा देवलोक में (३) मृगाकनगर (४) देवलोक (५) वारुणनगर (६) देवलोक (७) आदित्यपुर माता जया थाणा कुंडलपुर कंचनपुर - दलपतनगर कोल्लाकपुर सोपारनगर अंजना १२७ पवनपुत्र हनुमान के सात भव पिता माता रुपसुंदरी रत्नमाला पवनंजय कपुर तिलका कंचनमाला प्रियंगुराणी हरिचन्द्रराजा ४६ गुणमाला विजयाराणी तारामती नाम प्रियनंदीवणिक दमयंत वसुपाल मकर केतु वज्रसेना धरापाल पुरंदर राजा महसेनराजा विशेष श्रद्धावान श्रावक सिंहचंद्र धर्मिष्ठ सिंहवाहन लक्षीधर मुनि पासे दिक्षा हनुमान मोक्ष Page #54 -------------------------------------------------------------------------- ________________ नाम नाम @ (४) (६) देव दत्त १२८ महावीर स्वामी भगवान के ११ (ग्यारह) गणधर एवं परिवार पर्याय नाम गांव का माता का पिता का गृहस्थ नाम अवस्था (१) इन्द्रभूति गोबर पृथ्वी वसुभूति ५० साल (२) अग्निभूति गोबर पृथ्वी । वसुभूति ४६ साल (३) वायुभूति गोबर पृथ्वी वसुभूति ४२ साल व्यक्त कोल्लाक वारुणी धनुमित्र ५० साल (५) सुधर्मा कोल्लाक भद्रिला धम्मिल ५० साल मंडित मोर्य विजया धनदेव ४३ साल (७) मोर्य पुत्र मोर्य विजया मोर्य । ६५ साल (८) अकंपित विमलापुरी जयंति ४८ लाख (९) अचलभ्राता कोला नंदा वसु ३६ साल (१०) मेतार्य तुंगीर करुणा ३६ साल (१.१) प्रभास राजगृही अतिभद्रा बल १६ साल १२९ ११ गणधर छद्मस्थ केवली शिष्य आयुष्य अवस्था अवस्था (संख्या ) (१) ३० साल १२ साल ५०० ९२ साल (२) १२ साल १६ साल ७४ साल (३) १० साल १८ साल ५०० ७० साल (४) १२ साल १८ साल ५०० ८० साल (५) ४२ साल ८ साल १०० साल (६) १४ साल १६ साल ३५० ८३ साल (७) १४ साल १६ साल ३५० ९५ साल (८) ९ साल २१ साल ३०० ७८ साल (९) १२ साल १४ साल ३०० ६२ साल (१०) १० साल १६ साल ३०० ६२ साल (११) ८साल १६ साल ३०० ४० साल * * * * * * * * ४७)* * * * * * * * ५०० ५०० *838@@@@ Page #55 -------------------------------------------------------------------------- ________________ (४) (६) (७) (८) संगम १३० C महान पुरुषों के पूर्व भव के नाम D भव के नाम पूर्व भव के नाम (१) श्रीपालराजा श्रीकांतराजा अजितसेन मुनि सिंहराजा (३) कुमारपाल राजा जयताक इलाचीकुमार अग्निशर्मा ब्राह्मण श्रेणीक राजा सुमंगल राजा कोणीक श्येनक तापस समरादित्य केवली गुणचंद्र मेतार्य मुनि सौवस्तिक (९) वज्रस्वामी मुंबकदेव (१०) नंदिषेण भीमनामक दास (११) शालिभद्र (१२) हेमचंद्राचार्य यशोभद्रसुरी (१३) जंबुस्वामी शिवकुमार (१४) चिलाती पुत्र यज्ञदेव ब्राह्मण (१५) श्रीमती बंधुमती (१६) मेघकुमार मेरु प्रभ हाथी (१७) आर्द्रकुमार सोमादित्य (सामायिक) (१८) हरिकेशी बल सोमदेव पुरोहित (१९) शुलपाणी यक्ष धवलनामक बेल (२०) मृगापुत्र राष्ट्रकुट राजा (२१) शंखराजा पोपट (२२) सुदर्शन शेठ सुभत्र गोवाल (२३) जटायु पक्षी दंडक राजा (२४) ढंढण मुनी पारासर ब्राह्मण (२५) वरदत्तकुमार वसुदेव सुरि (२६) ओढर श्रावक उदायन मंत्री * * * * * * * * ४८)* * * * * * * * Page #56 -------------------------------------------------------------------------- ________________ (२७) अकबर बादशाह (२८) हालिक खेडुत (२९) कृतपुण्य (३०) तेतली पुत्र (३१) मयणा सुंदरी (३२) सुंदरी (अक्षयनिधि) (३३) अंजना सुंदरी (३४) द्रौपदी सती कलावती (३५) (३६) सीता (३७) ऋषिदत्ता (३८) वसंततिलका (३९) गुणमंजरी (४०) भरत (चक्रवर्ती) (४१) मघवा (चक्रवर्ती) (४२) सनतकुमार (चक्री) (४३) सुभूम (चक्रवर्ती) (४४) महापद्म (चक्रवर्ती) (४५) हरिषेण (चक्रवर्ती) (४६) जय (चक्रवर्ती) (४७) ब्रह्मदत्त (चक्रवर्ती) (४८) त्रिपृष्ठ वासुदेव (४९) द्विपृष्ठ वासुदेव (५०) स्वयंभू वासुदेव (५१) पुरुषोत्तम वासुदेव (५२) पुरुषसिंह वासुदेव (५३) पुरुष पुंडरिक वासुदेव (५४) दत्त वासुदेव (५५) लक्ष्मण वासुदेव ४९ मुकुंद ब्रह्मचारी सुदृष्ट नागकुमार देव गोवाल पुत्र महापद्म राजा श्रीमती राणी सर्वऋद्धि कंकोदरी राणी सुकुमालिका सुलोचना वेगवती गंगासेना जयश्री साध्वी सुंदरी बाहु मुनी नरपतिराजा विक्रमयशा राजा (जिन धर्मकुमार) भूपाल राजा प्रजापाल नराभिराम राजा वसुंधर राजा संभूति मुनि विश्वभूति मुनि पर्वतराजा धनमित्र समुद्रदत्त विकट राजा प्रियमित्र राजा ललितमित्र राजा पुनर्वसु विद्याधर Page #57 -------------------------------------------------------------------------- ________________ (५६) कृष्ण वासुदेव गंगदत्त (५७) अचल बलदेव सुबल राजा (५८) विजय बलदेव पवन वेगराजा (५९) भद्र बलदेव नंदिसुमित्र राजा (६०) सुप्रभ बलदेव महाबल राजा (६१) सुदर्शन बलदेव पुरुष वृषभ राजा (६२) आनंद बलदेव सुदर्शन राजा (६३) नंदन बलदेव वसुधर राजा (६४) राम बलदेव (पद्म) श्री चन्द्रकुमार (६५) राम (रोहीणी के पुत्र) ललित (६६) तारक (प्रति वासुदेव) विंध्यशक्ति राजा (६७) मेरक (प्रति वासुदेव बलिराजा (६८) मधु (प्रति वासुदेव) चंडशासन (६९) निशुंभ (प्रति वासुदेव) राजसिंह राजा (७०) बलि (प्रति वासुदेव) सुकेतु राजा (७१) प्रहलाद (प्रति वासुदेव) खलमंत्री (७२) रावण (प्रति वासुदेव) प्रभास मुनि (७३) विभीषण याज्ञवल्लय ब्राह्मण (७४) सुग्रीव वृषभ ध्वज (७५) लव प्रियंकर राजा (७६) कुश शुंभकर राजा (७७) भामंडल कुंडलमंडित राजकुमार (७८) विशल्या अनंग सुंदरी (७९) सुदर्शना समडी (८०) जनक राजा रत्नमली (८१) कनक राजा (जनक राजा के भैया) उपमन्यु पुरोहित (८२) दशरथ राजा सूर्यजय राजा (८३) रोहिणी दुर्गन्धा ** * * * * * * *-(५०)* ** ** * ** * * * Page #58 -------------------------------------------------------------------------- ________________ प्रकरण - ३ चक्रवर्ती-बलदेव-वासुदेवप्रतिवासुदेव का संक्षिप्त परिचय - Page #59 -------------------------------------------------------------------------- ________________ * सहदेवी ॐ 3 ; Gook चक्रवर्ती के परिचय १३२ चक्रवर्ती के नाम माता के नाम भरत सुमंगला सगर यशोमती मघवा भद्रादेवी सनत्कुमार शांतिनाथ अचिरा कुंथुनाथ श्रीदेवी अरनाथ देवीरानी सुभूम तारादेवी पद्म ज्वालाराणी हरिषेण मेरादेवी जय वप्रादेवी ब्रह्मदत्त चुलणी १३४ १३५ चक्रवर्ती के चक्रवर्ती के नगरी का नाम शरीर की ऊंचाई अयोध्या ५०० धनुष्य अयोध्या ४५० धनुष्य सावत्थी ४२ १/२ धनुष्य हस्तिनापुर ४१ १/२ धनुष्य गजपुर ४० धनुष्य गजपुर ३५ धनुष्य गजपुर ३० धनुष्य हस्तिनापुर २८ धनुष्य वाराणसी २० धनुष्य कांपिल्यपुर १५ धनुष्य राजगृही १२ धनुष्य कांपिल्यपुर ____७धनुष्य ** * * ** * ५२)* * * १३३ पिता के नाम ऋषभदेव सुमित्रराजा समुद्रविजय अश्वसेन विश्वसेन शूरराजा सुदर्शनराजा कृतवीर्य पद्मोत्तर राजा महाहरी राजा विजय ब्रह्मराजा १३६ चक्रवर्ती के वर्ण क्रम सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण सुवर्ण * * * * * * Page #60 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम १. ३. ४. ५. ६. ७. ८. ९. १०. ११. १२. क्रम १. २. ३. ४. ५. १३७ गोत्र ६. काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र २५,००० वर्ष ५०,००० वर्ष २५,००० ,००० वर्ष २३,७५० वर्ष ७. २१,००० वर्ष ८. ५,००० वर्ष ९. १०. ११. १२. काश्यप गोत्र काश्यप गोत्र १४० कुमार अवस्था ७७,००,००० पूर्व ५०० वर्ष ३२५ वर्ष ३०० वर्ष २८ वर्ष १३८ आयुष्य ८४,००,००० पूर्व ७२,००,००० पूर्व ५,००,००० पूर्व ३,००,००० पूर्व १,००,००० पूर्व ९५,००० ८४,००० ६०,००० ३०,००० १०,००० ३,००० 0061 १४१ मांडलिक पणे में १००० साल २५,००० वर्ष ५०,००० वर्ष २५,००० वर्ष २३,७५० वर्ष २१,००० वर्ष ५,००० वर्ष ५०० वर्ष ३२५ वर्ष ३०० वर्ष ५६ वर्ष ५३ * १३९ गति मोक्ष मोक्ष देवलोक देवलोक मोक्ष मोक्ष मोक्ष नरक मोक्ष मोक्ष मोक्ष नरक १४२ पद कितने साल तक १००० वर्ष न्युन ६ लाख पूर्व ३,९०,००० वर्ष ९०,००० वर्ष २५,००० वर्ष २३,७५० वर्ष २१,००० वर्ष १/२ लाख में ५०० साल १८,७०० वर्ष १,८५० वर्ष १,९०० वर्ष ६०० वर्ष Page #61 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम २. ३. ४. ५. ६. ७. ८. १०. ११. १२. क्रम ३. ४. ५. ६. ७. ८. १४३ चक्रवर्ती दीक्षा में कितने साल तक १,००,००० पूर्व ५०,००० वर्ष १,००,००० वर्ष २५,००० वर्ष २३,७५० वर्ष २१,००० वर्ष १०,००० वर्ष ३५० वर्ष ४०० वर्ष १४४ चक्रवर्ती कौन से तीर्थंकर भ. के समय में हुए १४६ वासुदेव के नाम त्रिपृष्ठ द्विपृष्ठ स्वयंभू पुरुषोत्तम पुरुषसिंह पुरुष पुंडरिक दत्त लक्ष्मण कृष्ण ऋषभदेवजी अजितनाथजी धर्मनाथजी धर्मनाथजी शांतिनाथजी (खुद) कुंथुनाथजी (खुद) अरनाथजी भ. (खुद) अरनाथजी भ. के बाद मुनिसुव्रत स्वामी भ. नमिनाथ नेमिनाथ नेमिनाथ भ. के बाद वासुदेव के परिचय १४७ माता के नाम मृगावती पद्मादेवी पृथ्वीदेवी सीतादेवी अमृतादेवी लक्ष्मीवती शेषवती सुमीत्रादेवी देवकी ५४ १४५ चक्रवर्ती के स्त्रीरत्न के नाम सुभद्रा सुकेशा लक्ष्मी सुभद्रा पद्मश्री मदनावली कुरुमती १४८ पिता के नाम प्रजापतिराजा ब्रह्मराजा भद्रराजा सोमराजा शीवराजा महाशिर अग्निसिंह दशरथ वसुदेव Page #62 -------------------------------------------------------------------------- ________________ १४९ क्रम १५१ वासुदेव के वर्ण * वासुदेव के नगरी का नाम पोतनपुर द्वारिका द्वारिका द्वारिका अश्वपुर चक्रपुरी काशी अयोध्या (राजगृह) मथुरा १५० वासुदेव के शरीर की ऊंचाई ८० धनुष्य ७० धनुष्य ६० धनुष्य ५० धनुष्य ४० धनुष्य २९ धनुष्य २६ धनुष्य १६ धनुष्य १० धनुष्य कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण ॐ ॐ ॐ कृष्ण ॐ कृष्ण कृष्ण १५२ गोत्र गौतम गोत्र गौतम गोत्र गौतम गोत्र गौतम गोत्र १५३ आयुष्य ८४,००,००० पूर्व ७२,००,००० पूर्व ६०,००,००० पूर्व ३०,००,००० पूर्व १०,००,००० पूर्व ६५,००० साल ५६,००० साल १२,००० साल १,००० साल १५४ गति सातवी नरक छठी नरक छठी नरक छठी नरक छठी नरक छठी नरक पांचवी नरक चौथी नरक तीसरी नरक ॐ 3 गौतम गोत्र गौतम गोत्र गौतम गोत्र काश्यप गौत्र गौतम गोत्र ; * **** **** ५५* * **** * ** Page #63 -------------------------------------------------------------------------- ________________ & # १५५ वासुदेव की कुमार अवस्था २५,००० वर्ष ७५,००० वर्ष १२,००० वर्ष ७०० वर्ष ३०० वर्ष २५० वर्ष ९०० वर्ष १०० वर्ष १५६ वासुदेव का मांडलिक पणे में २५,००० वर्ष ७५,००० वर्ष १२,००० वर्ष १,३०० वर्ष १२०० वर्ष २५० वर्ष ५० वर्ष ३०० वर्ष १५७ वासुदेव का राज्य पालन ८३,४९,००० वर्ष ७२,४९,९०० वर्ष ४९,७५,९१० वर्ष २९,९७,९२० वर्ष ९,९८,३८०० वर्ष ६४,४४० वर्ष ५५,००० वर्ष ११,५६० वर्ष 3 ; i ci १६ वर्ष ५६ वर्ष ९२८ वर्ष | 9 क्रम वासुदेव दिग्विजय में कितने साल १००० वर्ष १०० वर्ष ९० वर्ष ८० वर्ष 9 9 १५९ १६० वासुदेव की पत्नी वासुदेव की माता (स्त्री) ने कितने स्वप्न देखें ३२,००० ३२,००० ३२,००० ३२,००० ३२,००० ३२,००० ३२,००० ३२,००० ३२,००० 9 9 ६० वर्ष 9 ॐ 3 ; ii 월, 월 월 월 9 9 ___४० वर्ष 9 * * * * * * * *(५६)* * * * * * * * Page #64 -------------------------------------------------------------------------- ________________ ( प्रतिवासुदेव का परिचय D F १६२ माता के नाम नीलांजना श्रीमती सुंदरी १६३ पिता के नाम मयुर ग्रीव १६१ क्रम प्रतिवासुदेव के नाम अश्वग्रीव तारक मेरक ४. मधु निष्कुंभ बलि श्रीधर समर केशरी गुणवंती विलास ॐ मेघनाथ ॐ कैकसी ॐ रावण मगधेश्वर (जरासंघ) रत्नशीवा जयद्रथ वा १६४ क्रम प्रतिवासुदेव की जन्म नगरी का नाम रत्नपुर विजयपुर नंदनपुर पृथ्वीपुर हरिपुर १६५ वासुदेव के शरीर की ऊंचाई ८४,००,००० वर्ष ७२,००,००० वर्ष ६०,००,००० वर्ष ३०,००,००० वर्ष १७,००,००० (१० लाख वर्ष) ८५,००० वर्ष ६५,००० वर्ष (५६) १२,००० वर्ष १,२०० वर्ष १६६ वासुदेव के वर्ण श्याम वर्ण श्याम वर्ण श्याम वर्ण श्याम वर्ण श्याम वर्ण com ॐ 3 ) अरिंजय तिलकपुर पाताल लोक राजगृही श्याम वर्ण श्याम वर्ण श्याम वर्ण श्याम वर्ण ** * * * ** *(५७)* * * * * * * * Page #65 -------------------------------------------------------------------------- ________________ १६८ प्रतिवासुदेव का राज्य ३ खंड ३ खंड ३ खंड १६७ क्रम प्रतिवासुदेव कौन से भगवान के समय में श्रेयांसनाथ भगवान २. वासुपूज्य स्वामी ३. विमलनाथ भगवान ४. अनंतनाथ भगवान ५. धर्मनाथ भगवान ६. अरनाथ भगवान ७. अरनाथ भगवान ८. मुनिसुव्रत स्वामी ९. नेमनाथ भगवान له سه له له سه له ३ खंड ३ खंड ३ खंड ३ खंड ३ खंड बलदेव का परिचय क्रम १६९ बलदेव के नाम अचल विजय १७० __ माता के नाम भद्रादेवी सुभद्रा सुप्रभा सुदर्शना विजया विजयन्ति भद्र mॐ ; ii सुप्रभ सुदर्शन आनंद नंदन पद्म (राम) राम १७१ पिता के नाम प्रजापति राजा ब्रह्मराजा भद्रराजा सोमराजा शीवराजा महाशिर अग्निसिंह दशरथ वसुदेव जयन्ति अपराजिता (कौशल्या) रोहिणी ** * ** ** *(५८)* * * * ** * * Page #66 -------------------------------------------------------------------------- ________________ क्रम १७४ बलदेव के वर्ण श्वेत वर्ण श्वेत वर्ण * श्रेत वर्ण १७२ बलदेव की जन्म नगरी का नाम पोतनपुर द्वारिका द्वारिका द्वारिका अश्वपुर चक्रपुरी काशी अयोध्या (राजगृही) मथुरा १७३ बलदेव का आयुष्य ८५,००,००० वर्ष ७५,००,००० वर्ष ६५,००,००० वर्ष ५५,००,००० वर्ष १७,००,००० वर्ष ८५,००० वर्ष ५०(६५),००० वर्ष १५,००० वर्ष १२,००० वर्ष ॐ ॐ श्वेत वर्ण श्वेत वर्ण श्वेत वर्ण श्वेत वर्ण ॐ ॐ ॐ श्वेत वर्ण श्वेत वर्ण १७६ बलदेव की माता ने कितने स्वप्न देखे १७५ क्रम बलदेव कौन से गति में मोक्ष मोक्ष * ॐ ccccccc | ॐ ॐ CHARTSEE KAASSA CARSUSI GYARADIR SHEHE WAV, JASORA 40 NA KSMORA thinagar. 332007. hi:10/113715252.73375268.65 Koha, Potami5) : ॐ मोक्ष मोक्ष पांचवा देवलोक ॐ !! ** * * * * * * *५९)* * * * * * * * Page #67 -------------------------------------------------------------------------- ________________ तवाव नगर के उपकारी गुरुदेव तवाव संघ का पुण्योदय जाग उठा पूज्य गुरुदेव का चातुर्मास हेतु पदार्पण हुआ। तवाव नगर की आन-बान-शान बढाने हेतु एतिहासिक चातुर्मास, उपधान तप, छ री पालीतसंघ, उद्यापन, अनेक अट्ठाई महोत्सव, विशाल धर्मशाला, उपाश्रय एवं देलवाडा तीर्थ की प्रतिकृति समान सुंदर पाषाण से अलंकृत भव्य जिनालय निर्माण करवाने का श्री संघ द्वारा निर्णय हुआ। प्रेरणा आपकी सहकार संघ का मिला उसी कारण तवाव नगरमें राणकपुर एवं जैसलमेर याद करावे ऐसा गगनचुंबी जिनालय का निर्माण हो रहा है। पूज्य उपकारी गुरुदेव श्री रत्नाकर सूरीश्वरजी म.सा. के चरणो में - कोटि - कोटि वंदन साकरीया परिवार - तवाव Page #68 -------------------------------------------------------------------------- ________________ श्रुत भक्ति के सहयोगी स्व. जवेरचंद खीमाजी श्रीमती फालूबाई जवेरचंदजी तवाव तवाव शा जुगराज, रतनचंद, ललितकुमार, विनोदकुमार, शैलेषकुमार, प्रवीणकुमार, अशोककुमार, राजेशकुमार, विक्रमकुमार, मयूर, कैलास, योगेश, ईशांत, प्रणव समस्त साकरीया परिवार की तरफ से आप दर समर्पण शा. शैले साकरीया परिवार तवाव (राज.) Navneet (M) 09825261177