Book Title: Vikramaditya Chaupai
Author(s): Somgani, 
Publisher: Mansor

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Page 25
________________ नरौिठसासन बैध निर्नमृतिमदिरोरे दो मवतोपरजावधी। विरमिलापतवारेवायै फावादला तालिवचार विचारेरेपला वारघशा मुम नेवला बनाइनिजगमारे सादराईमाताजातवाकी मौत मचितवी तेषापरे॥णगिमाल विहिनकरिनेज या विधिक नहैरेहीतिवानोजन करवानणाचा पासासधारोरे॥राजापितांवर योजिरवरसमजनारारेन्डिा सागैवाषापरिपु राजाभावै॥श्ववि इचल तोते नावागाजिनेवरावेरे।।दा। तब षा पर नारा बौलएहवी बाबरे वाईपालीबाराततमजाजरे॥५हो।वारान पकारियास्मिक हिबारषालामा मायो पापसस्त्रदिमझ मेरे॥हाराजांविरगना घ कासलीवाततिहारनपासे इनौसायने परतिदोपरउपगारी रे॥२डा ली जनए सालमा कालतराम कुहिन्पोरेगांजीषापरचारने वचनकंदै नेमबाजौरे ताजिनिवैषापरइग्नै नान किया सुविचार जानिमानपते हैवानिौजनक रेतियारणाम वैमनामनांचकितिवासालतिउपरमानवासबरों मोवनथानाशिवायरबैवानिमवानापमवनावागतारापाव हा वरतनातिमैदानानविकवैतकिणरुपैकिवावेसाणीजनगरिरले कि या परदेसाबादामी बालरंगावपादानमाएदेशी निगजित जासाजीकरोमिक श्वाना वीरा मारा। पदोनेटोमाइकिलताप सवंदातवीinावीनति माननमारबिचितारितारेनामानिमिाजातादरी

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