Book Title: Siddhantratnikakhyam Vyakaranam
Author(s): Jayantvijay, Vidyavijay
Publisher: Yashovijay Jain Granthmala
View full book text
________________ ( 229) सूत्राणि. पृष्ठे. | सूत्राणि. पृष्ठे. लक्षण-प्रतिपदोक्तयोः 111 / से दीर्घः 121-123-124 वनिपि समस्याऽऽत्वम् 159 स्नुक्रमोराति नेट् . 138 वर्तमानाधारार्थ० 169 / स्मृहि-गृहि-पत्यादेरालुः 182 चेत्तेरन्तो वा रुडाति 138 स्वरात्तो वा. 169 श्वयतेः संप्रसारणस्य. 166 | हन्तेस्तः 173 स-घस्यद्भ्यः क्मरः 182 | हसात् परस्य०७५-११४-१२९

Page Navigation
1 ... 249 250 251 252 253 254 255 256 257 258 259 260 261 262 263 264 265 266 267 268 269 270 271 272 273 274 275 276 277 278