Book Title: Siddhantratnikakhyam Vyakaranam
Author(s): Jayantvijay, Vidyavijay
Publisher: Yashovijay Jain Granthmala

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Page 256
________________ ( 197) अशुद्धम्. . . . शुद्धम. सेरपवाद / सेरपवादः। 74 सुत्रविय शुश्रविय चस्कन्य। चस्कन्ता। चस्कन्थ 2 / स्कन्ता।, प्रदीनामिटो दीर्ष, ग्रहादीनामिटो दीर्घः१।, ससक्य / ससब्जिय ससक्य / 76 -चके। -चकार / . , अश्च्योतित् भश्च्योतीत् / 77 एघिषीध्वं ऐधीष्ट ऐधिष्ट युधिर् बुधिर् बमः मानन्ति स्यात / " स्यात् / . न. . 'मार्जन्ति g 2016 तुष्टविथ पृ पूर्वस्यात् अधातं पूर्वस्यात .... अधात्

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