Book Title: Pajjunnchariu
Author(s): Sinh Mahakavi, Vidyavati Jain
Publisher: Bharatiya Gyanpith
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धाग्यानुक्रमणिका
[351
अहंग
अहर
अद्धवह - अर्धप 9/21/2 अद्धव - अधुव भावना 7/3/11 अनसितसंबर कालसंवर राजा 9/5/13 अपच्चक्खाण · अप्रत्याख्यान 15/24/14 अप्पुण - अपने 121472 अभुद्धरि उतार करके 15/10/1 अमयचंदु . अमृतचन्द्र मुनि 1/4/6 अमराउरि - अमरपुरि. स्वर्ग 1/9/10 अमला - निर्दोष 98736 अमाच्च - अमात्य 6:134 अमिउवम - अमृतोपम 15/6/10 अभियमुणिंद - अमृत मुनीन्द्र 11:416 अम्मि - मॉ 8/18/10 अम्मियास ___ - माता की आशा 14/178 अयक्कुइ - अकस्मात् 12/2715 अयत्थ - अगस्त मुनि ।11117 अरिंजय - अरिजय नामक राजा 5/1116 अरिदमणु अरिदमन नामका सारथी 2:13/9 अरिराज अर्णोराज 6/9:5
- निर्दोष 9/3/11 अरुह
निदोष 156 अरुहमागे - अरहन्त मार्ग 7/8/1 अलयाउरे - अलकापुरी नगरी 812 अवरेत अन्यत्र 11/6/6 अवसु
अवश्य 15/21/5 अवहत्यि अवहेलना 15/8 अब्भुय - अद्भुत 15/8/2 असंवेइय - असंन्दनीय 15/24/11 असगाव - असंगत 11/9/4 असण्णु - असंन 5/13/6 असदार
सवारी करनेवाला 10/18/12
तलवार 2:14/10 असिकुंत तलवार और कन्त नामका अस्त्र 6/10/7 असिहिय . हुरी 4/1717 असिवर - श्रेष्ठ तलवार 13/13/3 असुर - दैत्य. राक्षस 1/12:10 असोय - अशोक दुल 3/7/8
अभंड 14/5/6 अहमिद अहमिन्द्र देव 7/16/10
- अधर; होंठ 7/1/2 अहि
सर्प 211723 अहिणदिन - अभिनन्दन 7/6/11 अहिणदिउ - अभिनन्दन तीर्थंकर 15/6:16 अहिण्ण अजगर 2/18/2 अहिमुह - सर्पमुख 10/11/11 अहिय
अहित 15/17/15 अहिवइ गरुड़ 9/22/14 अहिसिंच अभिषिंच 14/6/7 अहिहाणु
__- कन्दर्भ, प्रद्युम्न 13/13:10 आउ - आयु 7/7:10 आउच्छिय . आपुच्छिउ. पूग 12/2/5 आतउ - आतप, धूप 15/24/13 आमलय आमलक वृक्ष 3/29 आयई अर्यिका 9/5/7 आयउ
आये 14/4/10 आयमवेय . आगम वेद 4/17/14 आयवत्त छाता; छत्र 10/7/9 आयहमि
भविष्य में 8/4/1 आरिष्ठ - राक्षस 9/12/5 आलोयणि - आलोचनी विद्या 8:33 आसरिय - आश्रय 7/7/7 आससणु - आश्वासन 8/1010 आसिकाल - भूतकाल 10/13/5 आसीवाउ - आशीर्वाद 2/7/11 आसीस आशीष, आशीर्वाद 217/5
आयउ, अआया 11/14/12 इंगाल
अंगार 14/24/5
- इन्द्र 1/14/8 इंद्रजाल - इन्द्रजात 8/14/7 इंदबिंब - चन्द्रबिम्ब 1/13/3 इंदाणी - इन्द्राणी 1/139
इक्षु क. धनुष 11/3/7
अत्र. यहाँ 1/23/5 इल
पृथिवी 239:11
अरुह
असि
इवलको

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