Book Title: Pajjunnchariu
Author(s): Sinh Mahakavi, Vidyavati Jain
Publisher: Bharatiya Gyanpith
View full book text
________________
केसपासू
सु
कोडल
कोंच
कोत
कोट्ठ
कोटि
कोदंड
कोलाहल
कोलिक
कोवि
starmar
कोसल
कोसलवर
खइराउन्त्रण
स्वइरायउ
खंगइ
खंड
खंडुक्वलि खंचिउ
घरयखंडु खंभ
खज्जय
खणि
खम
खचर
खर
खरदंडु
खरि
खल
खलंत
खलि
खलिक्वर
खान
वीर
खील
खुखुद
। ।
-
A
-
-
-
-
→
-
-
-
केशलौच 15/10/11
पलाश वृक्ष 6/16/13
कोयल 1/8/17
क्रौंच पक्षी 11/3/10
कोन्त नामका अस्त्र 2/16/4
कोठा 15/12/17
करोड़ 9/12/8
धनुष 9/22/10
कोलाहल 6/10/2
कौलिक सम्प्रदाय 15/16/6
कोई 12/25/8
कौपीनयुत अर्थात् नारद मुनि 1/16/9
कोणलदेश 6/11/3
लपति
13
खदिराटवन अदिराटवी 4/13/8
खदिराटवी 4/2/12
चक्रवाक पक्षी 2/20/2
श्रीखण्ड नामकी मिठाई 11/21/9
शर्करामिश्रित पानक या जलक्रीड़ा 6/17/9
सीना 13/10/2
कथरी का टुकड़ा 7/2/2
स्तम्भ अस्त्र 2/16/4
खाजा (खाद्य पदार्थ) 11/21/9
सन 1/10/12
क्षमा 5/7/10
सेबर 1/13/1
प्रखर 10/21/10
तीक्ष्ण दण्ड 1/9/1
गया नामका जानवर 9/10/12 दुष्ट 21316
शब्दानुक्रमणिका
दुतलाना 10/18/3
खल्वाट 14/3/7
स्तलित अक्षर 9/17/12
साना 11/21/1
सीर 11/21/9
कोटी 5/7/6
सुरखुद 13/16/14
खुडत
खुडहि
खुरप्प
खुल्लयरूउ
लेड
खेह
खेद
खेलणज
खोलइ
गउड
गंगसलिल
गंगासरि
गंजिय
Baker
गंजोल्लिय
गठि
गंडय
गंधोएण
गगरिय
मज्जण
गडयड
गणण
गणरउ
गणहर
गणिय
गय
गय
गयणयल
गयदेत
गयरहु
गयरूव
गयल
मरुड
गल
गह
गह
गाइ
-
-
-
-
-
-
-
-
-
-
-
-
-
-
·
-
-
खुरचना, फोड़ना 15/11/5
काटना 2/16/12
खुरपा 2/16/12 क्षुल्लकरूप 11/23/4 क्रीड़ा 9/2/8
खेट 1/15/6
विलम्ब 9/15/7 सिलौना 7/12/10
हंसी 1/10/12
गौड़ देश 14/5/5
गंगाजल 5/17/8
गंगानदी 15/5/12
गाँज देना, बेरकर देना 13/4/11
गूँजना, प्रसन्न होना 12/28/4 हँसना 3/1/1
गाँठ 3/5/10
गैंडा नामक जानवर 4/1/1 गन्धोदक 15/11/1
लड़खड़ाना 9/8/8
गजनीदेश 14/5/5
ध्वन्यात्मक शब्द 5/3/20
गणक ज्योतिषी 3/14/1
ज्योतिषी 7/12/2
गणधर 8/16/2 गणित 2/13/8
गदा 10/16/4
हाथी 11/16/11
गगनतल 1/8/10
हाथी के दांत 1/11/2
गजरथ नामक रज: 6/3/2
गज के रूप में 8/10/1
प्रमाद 11/17/11
गरुड पक्षी 2/10/6
गला 11/4/7
ग्रह 7/13/8
महाकर 14/7/9
गीत गाना 13/15/10
| 355

Page Navigation
1 ... 486 487 488 489 490 491 492 493 494 495 496 497 498 499 500 501 502 503 504 505 506 507 508 509 510 511 512