Book Title: Jinabhashita 2007 08
Author(s): Ratanchand Jain
Publisher: Sarvoday Jain Vidyapith Agra

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Page 32
________________ समाचार विद्वत्परिषद् कार्यकारिणी की बैठक संपन्न | दिनांक ३१ जनवरी, २००७) तथा वरिष्ठ विद्वान् पं. खूबचन्द श्री अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत्परिषद | शास्त्री (मड़ावरा, दिनांक १४ जनवरी, २००७), पं. दयाचन्द कार्यकारिणी समिति की बैठक डॉ. शीतलचन्द्र जैन (जयपुर) | जैन (अजयगढ़, दि. २५ दिसम्बर, २००६), पं. दयाचन्द्र की अध्यक्षता में दि. १४ मई, २००७ को श्री महावीर | जैन (उज्जैन), पं. खुशालचन्द जैन (रजाखेड़ी-सागर, दि. दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र, | १७ अप्रैल, २००७) वैद्य केसरीमल जैन (कटनी, दि. ४ कुण्डलपुर (जिला-दमोह) म.प्र. में संपन्न हुई। मई) श्री सुरेशचन्द जैन (लखनऊ), श्री राजकुमार जैन इस उपवेशन में 'विद्वत्परिषद्' के अध्यक्ष डॉ. | (महावीर प्रेस, वाराणसी) के निधन पर हार्दिक शोक व्यक्त शीतलचन्द जैन ने प्रस्ताव दिया कि परिषद् के पूर्व अध्यक्ष | करते हुए शोक संतप्त परिवारीजनों के प्रति हार्दिक संवेदना एवं जैनदर्शन के ख्यातिप्राप्त अध्येता विद्वान् डॉ. रमेशचन्द | व्यक्त करती है। अंत में सभी सदस्यों के विद्वत्परिषद् को जैन डी.लिट्. (बिजनौर) का उनकी सुदीर्घ सेवाओं के | मिल रहे सहयोग के प्रति अध्यक्ष डॉ. शीतलचन्द जैन ने लिए अखिल भारतीय स्तर पर अभिनन्दन किया जाय।। आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी सहयोग बनाये इस उपलक्ष्य में एक अभिनंदन ग्रंथ का प्रकाशन किया | रखने का आह्वान किया। उक्त बैठक के आयोजन में जाय। उक्त प्रस्ताव का सभी सदस्यों ने समर्थन किया। पं. अमरचन्द जैन की महती भूमिका रही। सभी विद्वानों परस्पर विचार-विमर्श पूर्वक निश्चित किया गया कि डॉ. | ने महावीर उदासीन आश्रम, कुण्डलपुर की व्यवस्था एवं रमेशचन्द जैन के सम्मान में प्रकाशित होने वाले अभिनंदन उपयोगिता की सराहना की। अंत में बड़े बाबा के मंदिर ग्रंथ के संपादक डॉ. जयकुमार जैन (मुजफ्फरनगर) एवं निर्माण में सहयोग की वचनबद्धता एवं जयघोष के साथ डॉ. नेमिचन्द्र जैन (खुरई) होंगे। सभा विसर्जित की गई। अनंतर अध्यक्ष की अनुमति से तय किया गया कि प्रस्तुति- डॉ. सुरेन्द्रकुमार जैन संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंत्री- अ.भा. दिगम्बर जैन विद्वत्परिषद आगामी चातुर्मास में उन्हीं के सान्निध्य में विद्वत्परिषद् सात | भोपाल में विद्वत्-शिक्षण-प्रशिक्षण-शिविर दिवसीय श्रुत आराधना शिविर आयोजित कर उनसे दिशा संपन्न दर्शन प्राप्त करेगी। भोपाल परम पूज्य उपाध्याय श्री ज्ञानसागर जी विद्वत्परिषद् की श्रृंखला में विद्वानों से आचार्य प्रणीत | महाराज के ससंघ सान्निध्य में अ.भा.दि.जैन शास्त्रिपरिषद लघुग्रंथ (संपादित, अनुवादित, विवेचनात्मक) आमंत्रित | के द्वारा भोपाल पंचायत कमेटी के सौजन्य से दि. १९ जून किये जायेंगे। सर्वप्रथम संतशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर | २००६ (श्रुत पंचमी) से २६ जून २००७ तक विद्वत् शिक्षणजी महाराज की शतक काव्यकृति 'चैतन्य चन्द्रोदय' एवं | प्रशिक्षण शिविर का ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। डॉ. नरेन्द्रकुमार जैन (सनावद) की कृति 'श्रावकाचार | ध्वजारोहण सहित विशाल "श्रुत शोभा यात्रा" का नगर संहिता' के प्रकाशन का निर्णय लिया गया तथा भगवान् | भ्रमण, दीप प्रज्ज्वलन, मंगलकलश स्थापना से उद्घाटन महावीर की जन्मकल्याणक भूमि वासोकुण्ड-वैशाली में | सत्र प्रारंभ हुआ। मध्यान्ह काल से प्रशिक्षण कक्षायें प्रारंभ भगवान् महावीर मंदिर का निर्माण यथाशीघ्र प्रारंभ करने | हुई, जिनमें नित्यप्रति आगम व सैद्धान्तिक प्रशिक्षण-पं. की अपील की गई। शिवचरनलाल जी मैनपुरी, डॉ. रतनचन्द्र जैन भोपाल, विद्वत्परिषद् विगत दिनों दिवंगत परिषद् के संरक्षक | तत्त्वार्थ सूत्र विवेचना-डॉ. श्रेयांस कुमार जी बड़ौत, दशलक्षण पं. पद्मचन्द जैन (पूर्व संपादक-अनेकान्त, नई दिल्ली, | धर्म व विधिविधान अनुष्ठान प्रशिक्षण क्रमशः-पं. निहालचंद दिनांक १ जनवरी, २००७), डॉ. नंदलाल जैन (रीवा, | जैन बीना, ब्र. जय निशान्त टीकमगढ़ एवं ध्यान प्राणायाम 30 अगस्त 2007 जिनभाषित Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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