Book Title: Jinabhashita 2003 04
Author(s): Ratanchand Jain
Publisher: Sarvoday Jain Vidyapith Agra

View full book text
Previous | Next

Page 30
________________ समाचार वेदी प्रतिष्ठा एवं कलशारोहण सम्पन्न बेहाल है। हमारी संस्कृति में गाय को धर्म व मानवता के भाव में औद्योगिक एवं धार्मिक नगरी मदनगंज-किशनगढ़ में पूजनीय स्थान दिया गया है, आज समूचे राज्य में जगह-जगह नवनिर्मित दो जिनालयों में त्रिदिवसीय स्वयं सेवी संस्थाएं व परोपकारी व्यक्ति नि:स्वार्थ रूप से गोवंश १७ से १९ जनवरी तक धार्मिक के बचाने हेतु भरसक प्रयास कर जीवों के प्रति दया हेतु अग्रणी बने हुए हैं। सरकार भी अपने सीमित संसाधनों के बावजूद कार्यक्रम के शुभारम्भ के दौरान प्रथम अकाल की मार से पीड़ित पशुधन की रक्षार्थ हर सम्भव प्रयास दिन बयोवृद्ध समाज सेवी व आर.के. कर रही है। गोशालाओं को गायों के पालन-पोषण हेतु अनुग्रह मार्बल्स के मुखिया श्री रतनलाल राशि के बतौर १२ रुपये प्रति पशु के हिसाब से दिया जा रहा है। पाटनी द्वारा झण्डारोहण, तत्पश्चात्, परन्तु स्वयंसेवी संस्थाओं व समाज के भामाशाहों को अब अधिक घटयात्रा, वेदी शुद्धि सकलीकरण, उदारता रखनी होगी व प्रयास रहना चाहिए कि चारा-पानी के जाप्य, यागमंडल विधान तथा इन्द्र अभाव को लेकर गायें काल का ग्रास न बनें। इन्द्रानियों के हवन-पूजन के बाद दोनों समारोह में समाजसेवी दीपचन्द्र चौधरी ने आर.के. मार्बल्स जिनालयों में वेदी प्रतिष्ठा एवं कलशारोहण महोत्सव धूमधाम से परिवार की तरफ से मदनेश गोशाला में संचालित पशु शिविर व सम्पन्न हुआ। नारेली ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र की गोशाला हेतु तीन-तीन लाख रुपये मुनिपुंगव सुधासागरजी के सान्निध्य में हाऊसिंग बोर्ड की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। इस दौरान किशनगढ़ स्थित महावीर जिनालय में सैकड़ों धर्मावलम्बियों के जय-जयकारों मार्बल एसोसिएशन की तरफ से अध्यक्ष जयनारायण अग्रवाल ने के बीच आर.के. मार्बल के चैयरमेन श्री अशोक पाटनी द्वारा | पशु शिविर की समस्त कार्य व्यवस्थाओं को चलाने हेतु शिविर भगवान् महावीर की प्रतिमा धार्मिक विधिविधानपूर्वक प्रतिष्ठापन का सम्पूर्ण खर्चा वहन करने की घोषणा की। समारोह के अन्तर्गत के साथ ही जिनालय के गुम्बज पर कलशारोहण किया गया। किशनगढ़ नगरपालिका के अध्यक्ष सुरेश दगड़ा ने पालिका की श्रीमती सुशीला पाटनी तरफ से आवारा पशुओं के चारा-पानी हेतु सवा लाख रुपयों का अध्यक्ष, ज्ञानोदय महिला मण्डल चैक जिला कलेक्टर के माध्यम से शिविर समिति को सौंपा। जीव आर.के. मार्बल्स परिवार, मदनगंज किशनगढ़ सेवा संस्थान भोपाल की तरफ से पशुओं का मुफ्त चारा उपलब्ध निरीह मूक पशुओं का वध राष्ट्र की धार्मिक व कराए जाने की घोषणा भी हुई। शिविर संयोजक राधेश्याम ईनाणी सांस्कृतिक विरासत का अपमान ने बताया कि मार्बल एसोसिएशन व नगर प्रशासन पालिका के किशनगढ़ से विहार करके जयपुर रोड़ स्थित पाटनी फार्म | समन्वित प्रयासों से संचालित इस शिविर में १२०० पशुओं को पहुँचने से पूर्व मध्य रास्ते में श्री मदनेश गौशाला परिसर में गोवंश शरण दिए जाने की व्यवस्था है। इससे पूर्व आर.के. मार्बल्स के सरक्षण समिति के तत्त्वावधान में आयोजित एक पशु शिविर के सुरेश पाटनी ने पशु शिविर में मौजूद मवेशियों व व्यवस्थाओं का शुभारम्भ समारोह में मुनिश्री सुधासागर जी ने अपने मंगल प्रवचन में जायजा लिया। कार्यक्रम का प्रारम्भ महेन्द्र पाटनी द्वारा प्रस्तुत कहा कि भारत देश का दुर्भाग्य है कि आज यहाँ सरे आम चल रहे मंगलाचरण व श्रेष्ठी कंवरीलाल पाटनी द्वारा किए गए दीप प्रज्ज्वलन बूचड़ खानों में निरीह मूक पशुओं का वध किया जाकर हमारे राष्ट्र की से हुआ। गणमान्य नागरिकों ने मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर उनकी धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत का अपमान किया जा रहा है। अय॑थना की। मुनि सुधासागरजी ने पशुधन विशेषकर गायों को सरंक्षण श्रीमती सुशीला पाटनी अध्यक्ष, ज्ञानोदय महिला मण्डल दिए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि चमड़े की आर.के. मार्बल्स परिवार, मदनगंज किशनगढ़ वस्तुओं का उपयोग व प्रयोग बन्द करना अब समय की पुकार है। गो-शालाओं के पोषण हेतु ज्यादा कुछ दान-धर्म नहीं वरन मात्र डॉ. शीतलचन्द्र जैन एवं डॉ. सुरेन्द्र जैन 'भारती' बीडी, गुटका व शराब का सेवन तजकर इसकी राशि को ही अगर महाकवि आचार्य ज्ञानसागर पुरस्कार से पुरस्कृत हम अर्पण करने का साहस जुटा लेंवे तो किसी भी संस्थान, समाज आचार्य ज्ञानसागर वागर्थ-विमर्श केन्द्र ब्यावर (राज.) व सरकार का मोहताज होने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। मगर इस की ओर से दिया जाने वाला 'महाकवि आचार्य श्री ज्ञानसागर सबके लिए भी संकल्पबद्ध होने की जरूरत है। पशु शिविर शुभारम्भ पुरस्कार' (राशि ५१०००/-) श्री मजिनेन्द्र आदिनाथ समारोह के मुख्य अतिथि व जिला कलेक्टर निरंजन आर्य ने कहा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति, अलवर (राज.) के सौजन्य कि आज अकाल के कारण पशुधन चारा-पानी की समस्या से | से दि. १८ फरवरी ०३ को जानकल्याणक महोत्सव के शभावसर 28 अप्रैल 2003 जिनभाषित Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

Loading...

Page Navigation
1 ... 28 29 30 31 32 33 34 35 36