Book Title: Jain Panchang 1916
Author(s): Chandrasen Jain Vaidya
Publisher: Chandrashram

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Page 7
________________ फागण. तिथि.] वार. | तारीख. | पर्वो. मा. ५ श्री अरनाथन च्यवन क. अमदावाद शांतिनाथना देरानी मुंबइ मांडवी आदिश्वरना देरानी वर्षगांठ. [ वर्षगांठ, पंचक घ-३-१८ सुधी छे. | मल्लीनाथ स्वामीनुं च्यवनकल्याणक. मारवाड-शीवगंज आदेश्वरना देरानी वर्षगांठ. रोहिणी, अट्ठाइ बेठी.. सिद्धाचळनी यात्रा, श्री संभवनाथनुं च्यवन क. नमिविनमि सिद्धाचळ उपरबे कोडी मुनि साथे मोक्षे गया श्री मल्लीनाथनो जन्म दिवस. [मीनुं मोक्ष क. श्री.मुनि सुतस्वामीनु दिक्षा क० तथा मल्लीनाथ स्वासिद्धाचळनी छ गाउनी प्रदक्षिणानो दिवस.. . चामासी चौदश. हुताशनी, श्री वासुपुज्यनुं दिक्षा क० श्री वासुपुज्यस्वामीनुं दिक्षा क० धुळी पडवो. मंगळ: बुध श्री पार्श्वनाथनुं च्यवन तथा केवळ कल्याणक. शुक्र | श्री चंद्रप्रभुनुं च्यवन क० तथा श्री कुंथुनाथर्नु दिक्षा क० रवि सिद्धियोग. केशरीयाजीमां महोत्सव, आदिश्वर जन्म, तथा दिक्षा क० मंगळ वर्षांतपनो प्रारंभ दिवस. २९ | पंचक घ. ५६-४९ पछी बेठां. lemony ur 9 .03 *EEEEEEEEEEEEEERIES गुरु * * * * * * * * शनी २८ १३ ३० एप्रील मास बेठो, नेमिराजानी ६४ पुत्रीओ श्री सिद्धाशके १८३७ नुं वर्ष संपूर्ण. [चळ उपर सिद्धिवर्या.

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