Book Title: Ghantakarn Kalp
Author(s): Chandanmal Nagori
Publisher: Chandanmal Nagori Jain Pustakalay

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Page 32
________________ चटाकग का योग मिलने पर मुयम्बर पृर्ग म्प में चलता हो नत्र मंत्र सिद्ध करने के लिए बैठना चाहिए । ध्यान के समय में उत्तम चौघडिया स्वाति अथवा गहिणी नक्षत्र हो नी और भी अच्छा है । मन्त्र का माधन कर कार्य के लिये बैंग पराजय अथवा अन्य से ही कार्यों के लिए करना हो तो नक्षत्र मूला, हस्ताक. पुष्यार्क हो ना प्रारम्भ करना । ... शुभ कार्य में उत्तम महिना मागी. - माघ, चैत्र,वैशांव, जष्ट योर आमोज इनमें से कोई भी महिना हो शुक्ल पक्ष की पंचमी. दशमी, या पूर्णिमा हो और उस दिन क्षय निधि का योग नहीं हो तब शुरुआत करें, और पूर्ण तिथि कम घडियों में हो तो उन घडियों में ही प्रारम्भ कर देना चाहिए, ध्यान स्मरण कर कार्य रिपुमर्दन के लिए करना हो तो वाग्ह महिनों में से कोई भी महिना हो कृष्ण पक्ष की तिथि अष्टमी या अमावस्या हो तो अच्छा है । पवित्र किये हुए बरतन में स्वच्छ पानी जल शुद्धि भर कर स्नान करने की जगह साफ सुथर्ग और स्नान करने के बाद अगरबत्ती या धूप से सुग न्धित करके पानी के बरतन पर हरे रंग का कपड़ा ढांक देना और निज का दाहिना हाथ उम Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com

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