Book Title: Bar Bhavna Sazzaya
Author(s): Jayanti Kothari
Publisher: ZZ_Anusandhan

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Page 14
________________ ताय ५.५ तात पिता तावड २२.१ ताप तिज - ३२.१ तजवुं (सं. त्यज्) तिरी २७.१ तिर्यंच, पशुपंत्री जीवजंतु आदि प्राणीवर्ग अनुसंधान - १७• 155 तुहि २६.२ तोपण तोइ ३१.५ पाणीमां (सं.तोय) त्रिपत्र ६.७ त्रेपन (सं.त्रिपंचाशत् ) थाकतां ३७.३ बाकी रहेतां, बचतां थिर ३९.६ स्थिर दुर्नि ६.४ बमणुं, बे दूआर ३५.२ द्वार देठ २७.१ घृणित, नारकी ? (सं.द्विष्ट ? ) दोष ३७.५ द्वेष (प्रा.) दोहिल ३६.४ कर के मेळववुं मुश्केल (सं. दु:ख + इल्ल) नइ २४.१, ३४.४, ३७.१ नदी निरजरा ३३.२ कर्मो खरी जवां ते, कर्मोनो नाश थवो ते (सं. निर्जरा) निरया १६.५ नारकी, नरकनी (प्रा. निरय) निलु ९.८ निवास, वासस्थान (सं. निलय) निसर्ग ३८.६ स्वाभाविकपणे थवुं ते, सम्यक्त्वनो एक प्रकार (सं.) नुमी ३२.१ नवमी नुहि २९.५ न होय नेटि ५.८ नक्की, जरूर पचार- १७.१ महेणां मारवां, टोणां मारवां, ठपको आपको (अप. पच्चार) परमा धामी १७.१ नरकवासीओने शिक्षा करनार देवयोनि (सं. परम+ - अधार्मिक) Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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