Book Title: Arhat Vachan 1999 10
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore

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Page 71
________________ नियुक्ति एवं बधाइयाँ जैन विद्याओं के अध्ययन एवं अनुसंधान को समर्पित प्रतिष्ठित संस्थान पार्श्वनाथ विद्यापीठ (पूर्व नाम - पार्श्वनाथ विद्याश्रम शोध संस्थान), वाराणसी के प्रतिष्ठापूर्ण निदेशक पद पर नागपुर विश्वविद्यालय के पालि - प्राकृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. भागचन्द जैन 'भास्कर' ने 16.7.99 से कार्य भार ग्रहण कर लिया है। प्रो. भास्कर बहुश्रुत विद्वान हैं जिनकी अनेकों कृतियाँ समाज को प्राप्त हो चुकी हैं। वे हिन्दी, संस्कृत एवं पालि तीन भाषाओं में डी.लिट्. की उपाधि प्राप्त करने वाले विशिष्ट व्यक्तित्व हैं। ज्ञातव्य है कि यह स्थान प्रो. सागरमल जैन के पार्श्वनाथ विद्यापीठ से त्यागपत्र देने से रिक्त हुआ है। प्रो. भास्कर को इस नियुक्ति पर कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ की ओर से हार्दिक बधाई। उनका सम्पर्क सूत्र निम्न रहेगा - डॉ. भागचन्द जैन 'भास्कर प्रोफेसर एवं निदेशक - पार्श्वनाथ विद्यापीठ, आई.टी.आई रोड़, करौदी, वाराणसी-221005 फोन : 0542-316521,318046 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा स्थापित गुजरात विद्यापीठ , अहमदाबाद के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय जैन विद्या अध्ययन केन्द्र, अहमदाबाद के मानद् निदेशक पद पर डॉ. शेखरचन्द जैन का मनोनयन हुआ है। तीर्थंकर वाणी के यशस्वी सम्पादक तथा भगवान ऋषभदेव राष्ट्रीय विद्वत् महासंघ के कार्याध्यक्ष डॉ. जैन ने गत 13 अगस्त 99 से अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ परिवार की ओर से हार्दिक बधाई। प्रो. (डॉ.) विमलकुमार जैन, प्राध्यापक- वाणिज्य, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर को इस विश्वविदयालय के वाणिज्य संकाय का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति पर सागर एवं अन्य विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्राध्यापकों तथा बुद्धिजीवियों ने बधाई । दी। कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ निदेशक मण्डल की ओर से हार्दिक बधाई। डॉ. सुशीला सालगिया, प्राचार्य - श्री क्लॉथ मार्केट कन्या विद्यालय, इन्दौर को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर ने उनके शोध प्रबन्ध 'जैन विषय वस्तु से सम्बद्ध आधुनिक हिन्दी महाकाव्यों में सामाजिक चेतना' पर पीएच.डी. उपाधि से अलंकृत किया है। इस प्रबन्ध में आचार्य श्री विद्यासागर कृत मूक माटी महाकाव्य पर विशेष अध्ययन किया गया है। ज्ञातव्य है कि श्रीमती सालगिया ने यह प्रबन्ध कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ (शोध संस्थान) के अकादमिक सहयोग एवं मार्गदर्शन में तैयार किया है। आपके निर्देशक स्व. प्रो. पी.डी शर्मा एवं डा. दिलीप चौहान रहे। श्रीमती सालगिया को इस उपलब्धि पर ज्ञानपीठ परिवार की ओर से हार्दिक बधाई। डॉ. (श्रीमती) नीलम जैन को दिगम्बर जैन महासमिति द्वारा रमादेवी महिला प्रतिभा पुरस्कार -97 से इन्दौर में एवं आर्यिका रत्नमती पुरस्कार -99 से दिल्ली में सम्मानित किया गया है। ज्ञातव्य है कि डॉ. नीलम जैन अखिल भारतीय दिगम्बर जैन महिला संगठन की कार्याध्यक्ष एवं जैन महिलादर्श (लखनऊ) की सम्पादिका हैं। कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ परिवार की ओर से हार्दिक बधाई। अर्हत् वचन, अक्टूबर 99

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