Book Title: Arhat Vachan 1999 10
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore

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Page 75
________________ तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत् महासंघ का गठन गतवर्ष जम्बूद्वीप हस्तिनापुर में आयोजित भगवान ऋषभदेव राष्ट्रीय कुलपति सम्मेलन (46 अक्टूबर 98) के समय तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत महासंघ के गठन की घोषणा की गई थी घोषणानुरूप गठित तदर्थ समिति ने संविधान के निर्माण की औपचारिकतायें पूर्ण कर 24 अक्टूबर 1999 को परमपूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के सान्निध्य में आयोजित प्रथम अधिवेशन में प्रस्तुत कर इसे पारित कराया। संविधान के अनुसार महासंघ की स्थापना भगवान ऋषभदेव एवं उनके द्वारा प्रतिपादित श्रमण संस्कृति के प्रचार प्रसार जैन विद्याओं के अध्ययन एवं अनुसंधान को गति देने, जैन जैन धर्म पर किये जाने वाले अनर्गल आक्षेपों का प्रत्युत्तर देने हेतु किया गया है। यह महासंघ समान विचारधारा के अन्य संगठनों से परस्पर सहयोग करते हुए जैन शोध को गति देने हेतु प्रयत्नशील रहेगा। 24 अक्टूबर 99 को संपन्न प्रथम अधिवेशन में निम्नवत् कार्यकारिणी का गठन किया गया। परामर्शदाता कार्याध्यक्ष उपाध्यक्ष ब्र. रवीन्द्रकुमार जैन, हस्तिनापुर डॉ. शेखरचन्द जैन, अहमदाबाद डॉ. धर्मचन्द जैन, कुरूक्षेत्र प्रचारमंत्री अध्यक्ष महामंत्री मंत्री सहमंत्री डॉ. नलिन के. शास्त्री, बोधगया डॉ. अभयप्रकाश जैन, ग्वालियर कोषाध्यक्ष कार्यकारिणी के शेष सदस्यों की घोषणा का अधिकार अध्यक्ष महोदय को दिया गया। संस्था का आजीवन सदस्यता शुल्क रूपये 500.00 एवं वार्षिक सदस्यता शुल्क रूपये 100.00 है। इच्छुक विद्वान सदस्यता हेतु निम्नांकित पते पर सम्पर्क करने का कष्ट करें। डॉ. अनुपम जैन पं. शिवचरनलाल जैन, मैनपुरी डॉ. अनुपम जैन, इन्दौर डॉ. (श्रीमती) नीलम जैन, गाजियाबाद ब्र. (कु.) सारिका जैन डॉ. देवेन्द्र जैन, इन्दौर 'ज्ञानछाया' डी- 14, सुदामा नगर, इन्दौर - 452009 (म.प्र.) फोन एवं फैक्स (0731) 787790 E-mail: [email protected]. भोपाल में भगवान ऋषभदेव उद्यान भगवान ऋषभदेव उद्यान अक्टूबर 1997 में परमपूज्य गणिनीप्रमुख, आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा दिल्ली में चौबीस कल्पद्रुम महामंडल विधान का ऐतिहासिक एवं अद्वितीय आयोजन किया गया था। इस आयोजन में अन्य राजनेताओं के अतिरिक्त म.प्र. के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री दिग्विजयसिंह जी भी परमपूज्य माताजी के दर्शन एवं आशीर्वाद हेतु पधारे थे। आपने पूज्य माताजी की प्रेरणा से भारतीय संस्कृति के आद्य प्रणेता तथा जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के नाम पर भोपाल में एक उद्यान का नामकरण करने की घोषणा भी की थी अपने इस वचन की पूर्ति में माननीय श्री दिग्विजयसिंहजी के प्रयासों से भोपाल में हबीबगंज स्टेशन के पास एक उद्यान का नाम 'भगवान ऋषभदेव उद्यान रखा गया। इस उद्यान में लगी नामपट्टिका सहित एक चित्र यहाँ प्रदर्शित है। हमें विश्वास है कि यह उद्यान जन जन में भारतीय संस्कृति के आद्य प्रणेता शोधकों को ऋमदेव की परम्परा के अध्ययन हेतु प्रेरित सनावद का विशेष सहयोग रहा। भगवान ऋषभदेव की स्मृति को जाग्रत करेगा एवं करेगा। इस उद्यान के नामकरण में श्री कैलाशचन्द चौधरी, अर्हत् वचन, अक्टूबर 99 73

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