Book Title: Anusandhan 2000 00 SrNo 17 Author(s): Shilchandrasuri Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad View full book textPage 6
________________ निवेदन सद्गत पं. दलसुख मालवणिया ए भारतीय दर्शनोना एक अधिकारी पंडित जन हता. बौद्धिक प्रतिभामां जेटली ऊंचाई तेमणे प्राप्त करेली, ते करतां अनेकगणी अधिक ऊंचाई तेमणे सज्जनतामां हांसल करेली. सदाचार, सादाई, सात्त्विकता, प्रामाणिकता अने निष्ठा - पं. मालवणियानी ऊंचाईना आ पांच अद्भुत शिखरो हता. ता. २८-३-१९९९ना रोज, लगभग ९२ वर्षनी जैफ वये तेमनुं अवसान थयु. गुजरातना, भारतना तथा विश्वना विद्याविश्वने जबरी खोड पडी. ___ तेमनी विद्यासाधनाने तथा सज्जनताने अंजलि आपवा माटे 'अनुसन्धान'नो आ अंक 'पं. दलसुखभाई मालवणिया स्मृति विशेषांक' तरीके प्रसिद्ध थाय छे. आ अंक माटे , पोताना विद्वत्तापूर्ण लेखो पाठववा बदल, अमो सर्व लेखक विद्वानोना आभारी छीए. लि. विजयशीलचन्द्रसूरि डॉ. हरिवल्लभ भायाणी Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.orgPage Navigation
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