Book Title: Agam 30 1 Gacchachar Sutra Hindi Anuwad
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Dipratnasagar, Deepratnasagar

View full book text
Previous | Next

Page 14
________________ आगम सूत्र ३०/१,पयन्नासूत्र-७/१, गच्छाचार' सूत्र - ११६ बुढ़े या जवान पुरुष के सामने रात को जो साध्वी धर्म कहे उस साध्वी को भी गुणसागर गौतम ! गच्छ की शत्रु समान मानना चाहिए। सूत्र - ११७ जिस गच्छ में साध्वी परस्पर में कलह न करे और गहस्थ जैसी सावध भाषा न बोले, उस गच्छ को सर्व गच्छ में श्रेष्ठ मानना चाहिए। सूत्र - ११८ देवसी, राई, पाक्षिक, चातुर्मासिक या सांवत्सरिक जो अतिचार जितना हुआ हो उतना वो आलोचन न करे और बडी साध्वी की आज्ञा में न रहे । तथासूत्र - ११९ निमित्त आदि का प्रयोग करे, ग्लान और नवदीक्षित को औषध-वस्त्र आदि द्वारा प्रसन्न न करे, अवश्य करने लायक न करे, न करने लायक यकीनन करेसूत्र-१२० यतनारहित गमन करे, ग्रामान्तर से आए प्राणा साध्वी का निर्दोष अन्न-पान आदि द्वारा वात्सल्य न करे, तरह-तरह के रंग के वस्त्र का सेवन करे और फिर विचित्र रचनावाले रजोहरण का इस्तमाल करेसूत्र - १२१ गति-विभ्रम आदि द्वारा स्वाभाविक आकार का विकार इस तरह प्रकट करे कि जिससे जवान को तो क्या लेकिन बुढ़ों को भी मोहोदय हो । सूत्र-१२२ मुख, नयन, हाथ, पाँव, कक्षा आदि बारबार साफ करे और वसंत आदि रंग के समूह से बच्चों की भी श्रोत्रादि इन्द्रिय का हरण करे । ऐसी साध्वीओं को स्वेच्छाचारी मानना चाहिए। सूत्र - १२३ जिस गच्छ में स्थविरा के बाद तरुणी और तरुणी के बाद स्थविरा ऐसे एक-एक के अन्तर में सोए, उस गच्छ को हे गौतम ! उत्तम ज्ञान और चारित्र का आधार समान मानना चाहिए। सूत्र - १२४ जो साध्वी कंठप्रदेश को पानी से धोए, गृहस्थ के मोती आदि परोए, बच्चों के लिए कपड़े दे, या औषध जड़ीबुट्टी दे, गृहस्थ के कार्य की फीक करे। सूत्र - १२५ जो साध्वी हाथी, घोडे, गधे आदि के स्थान पर जाए, या वो उसके उपाश्रय में आए, कुलटा स्त्री का संग करे और जिसका उपाश्रय कुलटा के गृह के नजदीक होसूत्र-१२६ गृहस्थ को तरह-तरह की प्रेरणा दे, गृहस्थ के आसन पर बैठे और गृहस्थ से परीचय करे उसे हे गौतम ! साध्वी न कहना चाहिए। सूत्र - १२७ अपनी शिष्याएं या प्रातीच्छिकाओं को समान माननेवाले, प्रेरणा करने में आलस रहित और प्रशस्त पुरुष का अनुसरण करनेवाली महत्तरा साध्वी गुण सम्पन्न मानना चाहिए। मुनि दीपरत्नसागर कृत् “(गच्छाचार)” आगम सूत्र-हिन्दी अनुवाद” Page 14

Loading...

Page Navigation
1 ... 12 13 14 15 16