Book Title: Agam 05 Ang 05 Bhagvati Vyakhya Prajnapati Sutra Part 04 Stahanakvasi
Author(s): Madhukarmuni
Publisher: Agam Prakashan Samiti

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Page 890
________________ [७५९ परिशिष्ट-२ विशिष्टस्थान-नामानुक्रमणिका [विशेष—पहला अंक शतक का सूचक है, दूसरा अंक उद्देशक का सूचन करता है और तीसरा अंक सूत्र संख्या के लिए प्रयुक्त हुआ है। यथा—अच्छ(जनपदविशेष) १५/०।८७ अर्थात् शतक १५, उद्देशक ०, सूत्र ८७। जहाँ उद्देशक नहीं है, वहाँ शून्य का अंक उद्देशक के स्थान पर रख दिया गया है।] अच्छ (जनपद) १५/०८७ कायंदी (नगरी) १०/४५ अट्ठियगाम (ग्राम) १५/०।२१ कालोद (समुद्र) ५।१।२६ अद्धभरह (क्षेत्र) ८/२।३ कासी (जनपद) ७९।५,७।९।१० अरुणवर (द्वीप) २।८।१,६/५२ कुम्मग्गाम (ग्राम) १५/०।४६, ४७, ५५ अरुणोदग (य) (समुद्र) २८१, ६।५।२, १३।६।५ कोठु (जनपद) १५/०८७ अंग (जनपद) १५०८७ कोट्ठग (य) (चैत्य) ९।३३।८८,९।३३।९८, १२।१।२, अंगमन्दिर (चैत्य) १५/०६८ १२।१।९, १५/०६३, १५/०६६, १५/०।६८, आलभिया (नगरी) ११।१२।१, ११।१२।२, १५/०८१, १५/०।८६, १५/०।१११ ११।१२।१५, ११।१२।१६, ११।१२।१८, कोल्लाग (य) (सन्निवेश) १५/०।३५, ३६, ३८,४०, ११।१२।१९, ११।१२।२४, १२।१।२९, १५/०।६८ ४१, ४२ उत्तरकुरु (क्षेत्र) ६/७७, ६।७।९, २०१८।२ कोसल (जनपद) १५/०।७४, १५०।१८, १५/०।१३० उद्दण्डपुर (नगर) १५/०६८ कोसंबी (नगरी) १२।२।१-४,६ उल्लुयतीर (नगर) १६।३।६-७, १६/५/१,१६।५।८ खत्तियकुंड (ग्राम) ९।३३।२१-३१, ४६, ७५ एगजंबुय (चैत्य) १६।३।७, १६।५।१, १६/५/८ गंगा (नदी) ५७८,७६।३४, ११।९।१२, १५/०६८ एगोरुयदीव (द्वीप) ९।३०।२, १०७१ गंधावइ (पर्वत) ९।३१।३० एरण्णवत (क्षेत्र) ६/७७ गुणसिल(य)(चैत्य) ।उपोद्घात|४, २।१।१०, एरवत (क्षेत्र) २०८।१, २०१८/६ २।५।१०, २।५।२५ (१),७१०।१, ४, ६ (२). कयंगला (नगरी) २।१।११, २।१।१२, २।१।१७, १३, ८७१, १०।५।१, १३।६।७, १६।३।५. २।११३८ १८।३।१, १८।७।२४, १८१८५ कंडियायणिय (चैत्य) १५/०६८ गोत्थुभ (पर्वत) २८१ कंपिल्लपुर (नगर) १४।८।२३ चंदोरयण (चैत्य) १५/०६८ काममहावण (चैत्य) १५/०६८ चंदोवतरण (चैत्य) १२।२।१


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