Book Title: Aagam Sambandhi Saahitya 04 Aagam Sootr Laghu Bruhat Vishayanukram
Author(s): Anandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Param Anand Shwe Mu Pu Jain Sangh Paldi Ahmedabad

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Page 17
________________ आगम संबंधी साहित्य [भाग-4 ] अंगसूत्र-लघुबृहविषयानुक्रमौ [ अंगसूत्र-१. “आचार' ] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण पुन: संकलित: अंग-सूत्रस्य विषयानुक्रमः (आगम-संबंधी-साहित्य) प्रत सूत्रांक जाचारांगे लघुक्रमः। यहां आचारांगे लघुविषयानुक्रमः ॥ सूत्राणि ४०२ सूत्रगाथाः १४७ नियुक्तिगाथाः ३५६ १ ॥ देखीए दीप क्रमांक के लिए देखीए 'सवृत्तिक आगम स.६२-१७१ निशत्रपरिमाध्ययनम् १५.८१ | १ उद्देशः ।७२११९५ नि० (११०)। ३ उद्देशः ।१२१११२० (१७०)। १ उद्देशः । १३ । ६७ नि० (२७) २ , ७८।१९६ नि० (११६) ४, ।१२६ (१७४) २, ।१८।१०५ नि० (३९) ३, ८२।१० (१२४) १४१-२३४ नि० सम्यक्त्याध्ययनम् ४ १९५ ३, ।३१ । ११५ नि० (४८) ४ , ८६ (१२८) | १ उद्देशः।१३०।२२६ नि० (१८१) ४ , ।३९ । १२५ नि०(५६) ५ , ।९६ (१३९) २ , ।१३४।२३३ नि० (१८८) ५ । । ४८ । १५१ नि० (६६) ६ , ।१०५।३० (१४८) ३ , ।१३७।२३४ नि० (१९२) ६ । ।५५ । १६४ नि० (७३) १२६-२१३ नि० १२० शीतोष्णीया ४ ।१४१ (१९५) ७ , ।६२ । १७१ नि० (८१) ध्ययनम् ३१७४ १७२-२४८ नि०१३ लोकसाराध्यय१०५-१९६नि०३७ लोकविजयाध्यय- १ उद्दशः १११२१शन०(१५८) नम् ५२३१ नम् २ १४८ २, ।११५१९% (१६४)। १ उद्देशः।१४६।२४८ नि० (२०३) सुत्ताणि ~17~

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