Book Title: Aagam Sambandhi Saahitya 04 Aagam Sootr Laghu Bruhat Vishayanukram
Author(s): Anandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Param Anand Shwe Mu Pu Jain Sangh Paldi Ahmedabad

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Page 20
________________ आगम संबंधी साहित्य [भाग-4 ] अंगसूत्र-लघुबृहविषयानुक्रमौ [ अंगसूत्र-२. “सूत्रकृत ] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण पुन: संकलित: अंग-सूत्रस्य विषयानुक्रम: (आगम-संबंधी-साहित्य) प्रत सूत्रांक यहां देखीए दीप क्रमांक के लिए देखीए 'सवृत्तिक आगम सूत्रकृताङ्गे ॥ अथ सूत्रकृताङ्गस्य लघुविषयानुक्रमः॥ ॥ सूत्राणि ८२ सूत्रगाथाः ७२३ नियुक्तिगाथाः २०५॥| लघुक्रमः) ८८-३५ नि० समयाध्ययनं १ ५२ | ४ उद्देशके १२४६-५३ नि०(१०१) | १२६ नि०५७९७याथातथ्याध्ययनं१३ २४० ॥४ ॥ १उद्दशक २७-३५ नि० (२९) ६१-२९९ रखीपरिज्ञाध्ययनं १२०।१३१ नि०६०६७ ग्रन्थाध्ययन १४ . २५२ २ , ५९ (४०) १ उद्देशके ६१ नि० २७७% (११४) | १३६नि०६३१६ आदानीयाध्ययनं १५ २६० ३ , ७५ (४७) २, | २४१ नि०१ गाथाध्ययनं १६ २६६ | २९९ (१२०) । इति प्रथमः श्रुत स्कन्धः ॥ ४ , ८८ (५२) | ८२-३५१, नरकविभक्त्यध्ययनं ५ १४१ १६४ नि०१६ पुण्डरीकाध्ययनं १ २९८ १६४-४४ वैतालीयाध्ययनं २ ७७ १ उद्देशके ८२ नि० ३२६७, (१३४) | १६८ नि०४३ क्रियास्थानाध्ययनं २ ३४१ १ उद्देशक ११०-४१ नि० (६०) २ ३ ५१ (१४१) १७८-६३नि६३५७ आहारपरिज्ञाध्ययन३३६० २, १४२-४४ नि० (७०) ८५नि० ३८० श्रीमहावीरस्तत्यध्ययनं ६१५२ १८०नि०६८ प्रत्याख्यानाध्ययनं ४ ३७० ३ , १६४ (७७) ९०नि०४१० कुशीलपरिभाषाध्ययनं ७१६४ १८शन० २५८ आचारभुताध्ययनं ५ ३८४ का२४६-५३ उपसगांध्ययनं ३ 011९८नि०४३६ श्रीवीर्याध्ययनं २००नि०७२३ भाद्रकाध्ययनं ६४०४ १०२ नि०४७२8 धर्माध्ययन ९ १८५ | २०५ नि०८२ नालन्दीयाध्ययनं ७ ४२५ १उद्देशके १८१-५०नि० (८३) K१०६ नि०४९६७ श्रीसमाध्यध्ययनं १०१९४ ॥ इति द्वितीयः श्रुतस्कन्धः॥ २, २०३ (८८) ११५ नि०५३४ श्रीमार्गाध्ययनं ११ २०७ ॥ इति सूत्रकृताङ्गस्य लघुविषKI ३, २२४ (९४) १२१ नि०५५६समवसरणाध्ययनं १२ २२४/ यानुक्रमः। ॥४ सुत्ताणि ~20~

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