SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 114
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ १९. कोसेलाव (राज.) सं. २००० वैशाख सित ६ तिथौ चन्द्रवासरे कोसीलाव निवासीना प्राग्वाट अमीचन्द नेमाजीत्केन सौधमबृहत्तपोगच्छीय श्रीराजेन्द्रसूरीश्वराणां मुबिम्बं कारितं मरुधरस्थ सियाणानगर सकल जैनसंघ कृतोत्सवे तदजनशलाकाऽकारि श्रीमद्विजययतीन्द्रसूरीश्वरेण शुभं भवतु । २०. फतापुरा (राज.) ॐ । वि. सं. २०१५ माघ सू. दशम्यां बधे फतापुरा श्री सौधर्म बहत्तपागच्छीय श्रीमद्रराजेन्द्रसूरिबिम्ब कारितं, प्रतिष्ठाञ्जनशलाका कृतं यतीन्द्रसूरि शिष्य रत्नकाव्यतीर्थ ज्योतिष वि. मुनि न्यायविजयने, जूना जोगापुरा।। २१. सियाणा (राज.) वैक्रमीय शरनयनान्तरिक्ष पाणिहायने तपसिमासेऽवदाते पक्षे कन्दर्पतिथि कवौ श्री सौधर्म बृहत्तपोगच्छ परम्परानन्दनाराम विहारी परम योगीराज मुकुटायमान बाल ब्रह्मचारी प्रभुश्रीमद्विजयराजेन्द्रसूरीश्वराणां प्रतिमा निर्मापिता श्री सियाना नगर वास्तव्य जैन श्रीसंघेन । कृता च प्राणप्रतिष्ठा श्रीमद्विजययतीन्द्रसूरीश पट्टालंकार कविरत्न श्रीमद्विजयविद्याचन्द्रसूरीश्वरैः सियाणा नगरे। लिपि चक्रे मुनि देवेन्द्रविजयेन। २२. आकोली (राज.) सं. २०१८ वैशाख सुदि ५ वार वुधे नागेचा शा. हंसराजजी सुत प्रागजी श्रावकेन गुरुदेव प्रभुश्री विजयराजेन्द्रसूरीश्वर बिम्बं का. कृता चाञ्जनशलाका यतीन्द्रसूरि शिष्य मुनि विद्याविजयेन श्री आकोली श्रीसंघ कृतोत्सवे । लिखि देवेन्द्र विजय। २३. निम्बाहेड़ा (राज.) सं. १९८९ मार्गशीर्ष शुक्लकादश्याम गुरु जावरा सकल संघेनाञ्जनशलाका कारिता श्रीमद्विजयराजेन्द्रसूरीश्वयस्य मूर्तिः प्रतिष्ठा धनचन्द्रसूरि शिष्य महोपाध्याय मनितीर्थविज येन निम्बाहेड़ा नगरे। छत्री-निर्माण___ॐ नम: सिद्धम् । मुनि श्रीयतीन्द्र विजयजी महाराज के उपदेश से निम्बाहेडा निवासी त्रिस्तुतिक समस्त संघ ने जैनाचार्य श्रीमद्विजयराजेन्द्रसूरीश्वरजी की यह गुर्वायतनिका (छती) तैयार कराई, वी. सं. २४४८, विक्रम सं. १९७८ राजेन्द्रसूरि संवत् १६ पोष सुदि ७ गुरुवार । २४. भूती (राज.) षण्णवतिधीन्दु वर्षे पोषमासे धवलपक्षे द्वितीयाष्टमी तिथौ गुरुवासरे विश्वपूज्य प्रभुश्रीमद्विजयराजेन्द्रसूरीश्वर बिम्ब शा. गुलाबचन्द सुत सूरजमल हिम्मतमल पुखराज धनराज मेघराज भ्रातृभिः कारितं, प्रतिष्ठितं च श्री सौधर्मबृहत्तपो तीर्थंकर : जून १९७५/११० Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.520602
Book TitleTirthankar 1975 06 07
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNemichand Jain
PublisherHira Bhaiyya Prakashan Indore
Publication Year1975
Total Pages210
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Tirthankar, & India
File Size4 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy