Book Title: Vishva Kartutva Mimansa Evam Jagat Kartutva Mimansa
Author(s): Sushilsuri, Jinottamvijay
Publisher: Sushil Sahitya Prakashan Samiti

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Page 81
________________ 5 प्र...श...स्तिः ॥ है Lwww.www.wwwes नेत्राकाशशरव्योम युग्मवर्षे सुवं कमे। माघे शुक्ले च पञ्चम्यां , ___तिथौ बुधे शुभे दिने ॥ १ ॥ श्रीवरमाणतीर्थे हि , श्रीवीरजिनमन्दिरे । सीमन्धरस्य चैत्येऽपि , सुप्रतिष्ठा-महोत्सवे ॥ २ ॥ नेमि - लावण्य - दक्षाणां , गुरूणां कृपया मया । जगत्कर्तृत्वमीमांसा , कृता सुशीलसूरिणा ।। ३ ।। जगत्कर्तृत्व-जिज्ञासा- । दत्तचित्तानुवत्तिनाम् । बोधनाथं च मीमांसा , वीतराग - मतानुगा ।। ४ ।। प्रागमतत्त्व - संशुद्धया , बुद्धया वै कल्पिता कृतिः । यावच्च रविचन्द्रौ वै , भातु तावदियं कृतिः ।। ५ ।। 0

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