Book Title: Vishva Kartutva Mimansa Evam Jagat Kartutva Mimansa
Author(s): Sushilsuri, Jinottamvijay
Publisher: Sushil Sahitya Prakashan Samiti

View full book text
Previous | Next

Page 99
________________ जिनशासनप्रेमी श्री सादर जयजिनेन्द्रपूर्वक प्रणाम । श्री अष्टापद तीर्थ का निर्माण श्री रानी स्टेशन पर श्रीराणकपुर - गोड़वाड़ पंचतीर्थ की मुख्य सड़क पर सुकड़ी नदी के किनारे उत्तर दिशा में होने जा रहा है । यह पावन भूमि श्री वरकाणा रोड पर स्थित करीब ५१ हजार वर्ग फुट में स्थित है । में स्थित है । आराधना - साधना योग्य बहुत ही सुन्दर भूमि है । यह जमीन तीर्थंनिर्माण हेतु श्री अचलचन्दजी हजारीमलजी तलेसरा ने गाँव को प्रदान की थी । शासनसम्राट् प. पू. श्राचार्य महाराजाधिराज श्रीमद्विजय नेमि लावण्य दक्ष सूरीश्वरजी म. सा. के पट्टधर राजस्थानदीपक, प्रतिष्ठाशिरोमणि, प. पू. आचार्य भगवन्त श्रीमद् विजय सुशील सूरीश्वरजी म.सा. एवं पूज्य पंन्यास प्रवर श्री जिनोत्तम विजयजी गरिणवर्य म. ने श्री चौमुख जी भगवान की प्रतिष्ठा के समय श्रीसंघ को श्री अष्टापद तीर्थनिर्मारण हेतु शुभ प्रेरणा दी थी । पूज्य उपकारी गुरुदेवों की महान् प्रेरणा व मार्गदर्शन से श्रीसंघ ने श्री अष्टापद जैन तीर्थ, सुशील विहार का नव निर्माण करवाने का (४

Loading...

Page Navigation
1 ... 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116