Book Title: Urdubhashabaddha Tran Krutio Author(s): Bhuvanchandravijay Publisher: ZZ_Anusandhan View full book textPage 3
________________ [91] बुजरक (बुजुर्ग) - वृद्ध, वडील फजर् (फज्र) - प्रभात नेकबखत (नेकबख्त) - भाग्यवान खुसबो (खुश्बू) - सुगंध इलम (इल्म) ज्ञान, शास्त्र सईद - भाग्यवान खजमतिगार (खिजमतगार) - सेवक मादर- माता पिदर - पिता बिन् - पुत्र बिना - आधार खलक (खल्क) लोको, जगत बंदा - भक्त, सेवक चस्मरोसन् (चश्म रोशन) - आंखोने आनंददायक पेस (पेश) - आगल कसे - कोई अलेला (अलील) - बीमार बक्स (बख्श) - क्षमा करवी गैर - खोटं, अयोग्य दरगह (दरगाह) - दरबार, समाधिस्थान किसके आगे मैं जाउं, हे परमेश्वर । पेस करो मन चरयम कादर । चरण तुम्हारा छोडीने पाय तोरा बुगजारि बे जारि बे; दुर्गतिना जोर मटाडें एक सासमां - तुमे एहवा छो दुरगत जोर हरें दम कुरद कोइ गुनें हुं तो भर्यो छु. Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.orgPage Navigation
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