Book Title: Shadjivanikay Sutra
Author(s): Swayambhava, 
Publisher: ZZZ Unknown

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Page 15
________________ न लगा लेबरानुनदा परिग्रह नई ५० महिला राधता यतिरा नसलंसडंजार तिमणि जा० मिनिधि निबावध म नही जावावमरगत छि मागिन्दाधिका परियारंपरिगिन्दातविश्रान्ननसमएमाणकाजावकाचाए तिविजिविाद म.मानववचन का काया नयराघुनराधानहा कराबता अपने मलढुंगडुजाणुना तयायका ने कराकरा करी नदी रान देपूज्या या निव मणे वायाएकानकारमिनकारावमिकरंतपत्रान्नासमाजाणामितम्मनाता लगाघाउ निकाह शिगरहंजवात्मा वोल्वो मिरा पंपांच नंदे ममदात सावधान निमाटि समय घकीबोर्डमा पूज्य तनिवाब याब 5म रिग्र उसम्मामिनिंदामि गिरितामिप्यावासिरामि पंचामतांतमन्ना नजिमिमवारपार रघका निवती अामदवि बबनन्हे कच गुरुकदिनरारा वेनिव स सर्वपका राराविनिोजन म०पचारखा अयोचमा छ यूपविलोजन करवाकी नजराना देपू करवानगानाध अनेकंड गगदागवरमणं आदावारवासातवा राशलायणावरम सन्वेनातराशनायणं पन्चरका सेने आस्वादी पापागाजी खाधादि सासादिमननहाम राराविनाविध ननदी रात्रि हुँजीमाई श्ते मनमानादिक इन यानपाए म मवाय पवास सोमारी घात लीगबुनहीजी अनेरायाहि नविनहा उप जलयमघ .सुनही मिासअसणवा पाणवा रवाश्मंचा माश्मवानिवसये राईजानवन्निदिगईसुजाविका राराधिन जीमनायने नमसलुजानी तिमझेपणि तित्राशिबीर नाविध. ममनवा वन का मघि जायजीवलगी करीकाया करा राईनुजातवि शान्तनसमणुजाणका जावझावाए निविद तिवारण मणणं वायाए काए

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