Book Title: Kriya Kalap
Author(s): Pannalal Shastri
Publisher: Pannalal Shastri

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Page 348
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir नैमित्तिकक्रियाप्रयोगविधिः। vvvvvvvvvvvvvvvvvv wwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwwww २४ प्रतिमायोगिनिक्रिया 'प्रतिमायोगिनः साधो सिद्धानागारशान्तिभिः । विधीयते क्रियाकांड सर्वसंधैः सुभक्तितः ॥ अथवा'लघीयसोऽपि प्रतिमायोगिनः योगिनः क्रियाम् । कुर्युः सर्वेऽपि सिद्धर्षिशान्तिभक्तिभिरादरात् ।। अथ प्रतिमायोगिमुनिक्रियायां......."सिद्धभक्तिकायोत्सर्ग करोमि। अथ प्रतिमायोगिमुनिक्रियायां........योगिभक्तिकायोत्सर्ग करोमि अथ प्रतिमायोगिमुनिक्रियाया ...'शान्तिभक्तिकायोत्सर्ग २५-दीक्षाग्रहण क्रिया'सिद्धयोगिबृहद्भक्तिपूर्वकं लिङ्गमर्म्यताम् । नुश्चाख्यानाग्न्यपिच्छात्म क्षम्यतां सिद्धभक्तितः ॥ १-सब संघ उत्तम भक्ति से प्रतिमायोगी अर्थात् सारे दिन सूर्य के अभिमुख कायोत्सर्ग करने वाले साधु का सिद्धभक्ति, योगिभक्ति और शान्तिभक्ति पढ़कर क्रियाकांड करें। २-सब मुनि, दीक्षा में अत्यन्त लघु भी प्रतिमायोगि मुनि की सिद्धभक्ति, योगिभक्ति और शान्तिभक्ति पढ़कर वन्दनाक्रिया आदरपूर्वक करें। ३-बृहत्सिद्धभक्ति और बृहत्योगिभक्ति पूर्वक लोचकरण, नामकरण, नग्नताप्रदान और पिच्छप्रदान रूप लिंग अर्पण करें और सिद्धभक्ति पढ़कर लिंगार्पणविधान को समाप्त करें। For Private And Personal Use Only

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