Book Title: Jagat Kartutva Mimansa Prakaranam Author(s): Shivanandvijay Publisher: Jain Granth Prakashak Sabha View full book textPage 2
________________ ॥ श्री जैन ग्रन्थप्रकाशक सभा-ग्रन्थांक ५३ ॥ ॥ ॐ अनमः WATRING __ सकललब्धिसम्पन्नाय श्रीगौतमस्वामिने नमः॥ सर्वतंत्रस्वतंत्र-शासनसम्राट्-सूरिचक्रचक्रवर्ति-जगद्गुरु-प्रौढप्रताप-प्रभूततीर्थोद्धारक-तपागच्छाधिपति__ भट्टारकश्रीविजयनेमिसूरीशभगवद्भ्यो नमः ।। मुनिश्रीशिवानन्दविजयप्रणीतम् श्रीजिनशासनमाहात्म्यस्तुत्यात्मकपरमश्रेयोमार्ग प्रख्यापकम् श्रीजगत्कर्तृमीमांसाप्रकरणम् ॥ तच्चेदं अहम्मदावादस्थ श्रीजैनग्रन्थप्रकाशकसभैककार्यवाहक श्रेष्ठि ईश्वरदास मूलचन्द्रेण भावनगरस्थ सुप्रसिद्धमहोदयमुद्रणालये तदधिपति-श्रेष्ठि। गुलाबचंद लल्लुभाईद्वारा मुद्रयित्वा प्रकाशितम् ॥ - - - 11 वीर सं. २४७०] चैत्र शुक्ला त्रयोदशी [विक्रम सं. २००० । __ महावीर जन्मकल्याणक तिथि ।Page Navigation
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 ... 88