Book Title: Gommat Prashnottar Chintamani
Author(s): Digambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
Publisher: Digambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti

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Page 8
________________ NaikhaouamaasRAubunna अध्यात्म बालयोगी १०८ प्राचार्यरत्न श्री सन्मतिसागर जी . .. महाराज (मंगलमय शुभाशीर्वाद.) ... हमें यह जानकर बहुत प्रसन्नता हुई है कि श्री दिगम्बर जैन . कुन्थु विजय ग्रंथमाला समिति जयपुर (राजस्थान) से एक वृहद् ग्रंथ ... गोम्मट प्रश्नोत्तर चिंतामरिण ग्रंथ का प्रकाशन हो रहा है। जिसका : संकलन गणधराचार्य कुन्थु सांगरजी महाराज ने बहुत कठिन परिश्रम से किया । इसके लिये हमारा पूर्ण आशीर्वाद हैं। .. .. . ग्रंथमाला समिति से १३वें पुष्प के रूप में इस ग्रंथ का प्रकाशन हो रहा है। अब तक इस ग्रंथमाला से जितने भी ग्रंथ प्रकाशित हुए हैं, सभी श्रेष्ठता को लिए हुए हैं और आगे भी यह ग्रंथमाला उत्तम ग्रंथों का प्रकाशन करती रहे, इसके लिए इस ग्रंथमाला के प्रकाशन संयोजक श्री शान्ति कुमार जी गंगवाल व ग्रंथमाला के अंगरूप सभी श्रेष्ठियों को हमारा मंगलमयपूर्ण प्राशीर्वाद है । : : -प्राचार्य सन्मति सागर

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