Book Title: Gandharwad Author(s): Jinbhadragani Kshamashraman, Vinaysagar Publisher: Rajasthan Prakrit Bharti Sansthan Jaipur View full book textPage 2
________________ श्राचार्य जिनभद्र गरिण क्षमाश्रमरण-कृत गणधरवाद का गुजराती से हिन्दी अनुवाद (संवादात्मक अनुवाद, टिप्पण और तुलनात्मक प्रस्तावना) गुजराती लेखक पं0 दळसुखभाई मालवणिया Jain Education International हिन्दी अनुवादक प्रो० पृथ्वीराज जैन, एम.ए. संशोधक एवं सम्पादक महोपाध्याय विनयसागर सह-सम्पादक औंकारलाल मेनारिया प्राकृत भारती पुष्प १० प्रकाशक राजस्थान प्राकृत भारती संस्थान, जयपुर एवं सम्यग्ज्ञान प्रचारक मण्डल. जयपुर For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.orgPage Navigation
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