Book Title: Apbhramsa Bharti 1993 03 04
Author(s): Kamalchand Sogani, Gyanchandra Khinduka, Chhotelal Sharma
Publisher: Apbhramsa Sahitya Academy

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Page 80
________________ अपभ्रंश-भारती-3-4 जनवरी-जुलाई-1993 अपभ्रंश कथा सौरभ - डॉ. कमलचन्द सोगाणी अपभ्रंश भारती के द्वितीय अंक में विद्यार्थियों के अध्ययन एवं अभ्यास हेतु प्राकृत कथाओं से अपभ्रंश में अनुवादित दो कथाएं - (1) अमंगलिय पुरिसहो कहा तथा (2) विउसीहे पुत्तबहू हे कहाणगु, हिन्दी अनुवादसहित प्रकाशित की गई थीं। उसी क्रम में इस अंक में भी अपभ्रंश में अनुवादित दो कथाएं - (1) गामिल्लउ सागडिउ तथा (2) गेहिसूरु हिन्दी अनुवादसहित प्रकाशित की जा रही हैं ।

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