Book Title: Apbhramsa Bharti 1993 03 04 Author(s): Kamalchand Sogani, Gyanchandra Khinduka, Chhotelal Sharma Publisher: Apbhramsa Sahitya Academy View full book textPage 4
________________ विषय-सूची क्र.सं. विषय लेखक. पृ.सं. प्रकाशकीय सम्पादकीय 1. जसहरचरिउ की काव्यभाषा डॉ. रामकिशोर शर्मा 2. अपभ्रंश के समरसी मर्मी कवि मुनि डॉ. शंभूनाथ पाण्डेय जोइन्दु : प्रासंगिकता की कसौटी पर हंसावलि-पक्ख-समुल्हसन्ति महाकवि स्वयंभू 4. आदिकालीन हिन्दी : भाषिक संवेदना डॉ. राजमणि शर्मा का नव धरातल और अब्दुल रहमान 5. अपभ्रंश काव्य में रहस्यवाद डॉ. देवकीनन्दन श्रीवास्तव 6. जा सेउण-देसहो अमिय-धार महाकवि स्वयंभू सिद्धों के अपभ्रंश साहित्य का . डॉ. आदित्य प्रचण्डिया 'दीति' विवेचनात्मक अध्ययन महाकवि स्वयंभू का नागर-बिम्ब सौन्दर्य डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव 9. उण्झर-मुरवाई व वायन्ती महाकवि स्वयंभू 10. जोइंदु की भाषा डॉ. देवकुमार जैन डॉ. चित्तरंजनकर हिन्दी साहित्य पर अपभ्रंश का प्रभाव जोहरा अफ़जल 12. कल्लोलुल्लोलहिं उव्वहन्ति महाकवि स्वयंभू ___ मुनि रामसिंह कृत 'दोहापाहुड' का श्रीमती आभारानी जैन भाषा-वैज्ञानिक विश्लेषण 14. अपभ्रंश कथा सौरभ डॉ. कमलचन्द सोगाणीPage Navigation
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