Book Title: Anuyogadwara Sutra
Author(s): Aryarakshit, 
Publisher: Kota

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Page 93
________________ -कानीमने साहिल ये हित्र २० नोभाले तमामालेमतेमान २०० मिलिहाबली से मन के०के जले हिना ने जीशन मरू Enata द्वाजमानीaasaenaजीसी लिन मध्यराहिहि हितिकान खेतमश्रावालीया श्रत्तवक्षिविहिंश्रयासिका श्रोतागकेच्यावे वैशियमरीश गिलके 5028 लगकी मुलाक की 2 समाध्या बी०20*यहीन शिला Post०कि व बोर की देरहीम कीनामानाaanitalamareीन सीमा गोविनया मुक्केहरयायaam जैववायसवेराखेका शबिछासी सिंविलियंतिकाचा वेशा अशमान- मालिक श्रेणिमानिदेशही कविता Band Bogatीमशीदमेsasara मकान मात्र केवल aa -RA जोशी समतला समानतीमयिकी सवारीपयरसनेठातामों व जैवलिया तेशवासिनिसहरी कारसेविका महानि १०माजाची निमी000-iranma केतन २०३000000029 20 21वीकारलीजेहेनगा मलेनाaanानेवाजी अर२२ की कलाकारीजेनेहारीगरगारीम लगानF NIRO mean ERSHARMANEEदा यसमाहिताणिय केवया कारणशरीय गोमुविaaeलमा मुहरयर २२ ते वलियर ने सिकि शिकिरा म कि न० जेजधि एवष्य की लि. २ ० ते १०सहमती मायके जगकार गरी निममदारीगम के लमति मकाननमा अधीनस्यापन मेरमा यातायाव मसन र लथीमासिन जेलमा manasanikinaunalai यम यी जगनाशकाशदेशानामुकल्लामाकारक शरीरसकको जाना मियनिमिय नजिविचिजन्तार गोवा सब विनिवाससहित्रयाजहानरनियारीरस्सवकतानिय लेक है जहशश ० ० ० ०० ते ३०बोत्याशी मुकेगनेजर ० ० २०३मगसरसने तो सना-80RRB0Be लार कमी २१०३ र १३सलीबारीमतलसरीजीक नि: शुधा नम शरीर हा केवइसी तस्वयमशीशमेलमेर-विहायशवजयायसुकेहरयायव जैनेनमा देशना श्रोत्यहि नसनिल जस्मे निसाधाएतेनी कापी विरुदेवधी ROBarolinaam दिनलालगानिलमिनेनासशमलर ने मुरुमगते किशरीरमाणपक्षमारनजिदारीमानकहिमानaaसेस.सनle जीवनाशनमाmameaniferनिज शरशमव्याज अनेजसारीरकाशार मान जसको मनमा मस्तनावकन्दनकाma राजमणिकहि विहीरना कानन एवज्ञ श्रोतालोगां सिदहिं तयणासजीवाणरणतनागमुहार न जेवमानस

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