Book Title: Anuyogadwara Sutra
Author(s): Aryarakshit, 
Publisher: Kota

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Page 119
________________ अत्यन्त Ran प्यागोरावरू.१५प्रनिपुण 1013धियु असामाता प्रशासक बधियाकरमानीन्यक यने में नायब हश्वरित पो श्रावनिकानमनमाविका NORMA अधिनमानमाविबरना मा नाकास परिसाएजारीपशिश जरुनयना मारहामाया श्रावलियावितनियावशीघर RO जिEO पेशीतिक स्वामक होता व यु उत्तणना नक युयु मण्या किनेको जमि 2a जन्तमामाई जारकाम्यै मुत्तामाबरारीनयानाकार्ययुनासारखाये कितिहायजा ब्यु०क्षमाला माहिक-कवककादीएएनयम . १०० को० .५ ०धि R.9 श्रावलिकानासमऽशनिप्पली धन्यता मारत्यु जेश त्रिपई सो जुत्तामविद्यारी भावियागलिया अरमन्तामाबुरामकामयजुत्ता सवयीमाई यात्र अश्वह सामासिकरुक र ०५ यासोको सिप २०२सया यनिता किशोजमस्थ गुन्यु १०२ व्यास सामान onMala सकिन्गुणी ॥ Bाम श्वानासनिथार जन्जधि सप्तरव्याख्याको २० सबद्या सरबछायेरुवा मालामजुत्ता मेरवडायराई जायअमावा असवा किलियालाई हन्ना के नासमय राशि काम पनि परिजुला सरस्वछागी शक्तियागुलिया नमन्तझारसामन्तिर असत्येशाबशा सद्या व अ०सयाकोको वि०सिवा ०५०मध्यमन्त्र सामानार वर उस्लामीखारुविनरूतये असाछी रबरून्रमणकरमाई करण 505 सेण्यात मवि ककवएकरुपत अधि रेवणसिकाम स या सो शिवपुर संध्यान सध्या नया जान २२ कहो कि०के होश a६न्य a जाजरकम असावासविद्ययनमा मावास्यसविधासराय विनियोजन्तय सरखडा IMhalitarary.oro

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