Book Title: Anuyogadwara Sutra
Author(s): Aryarakshit,
Publisher: Kota
View full book text
________________
जोजाए
ONAR
कएका
३
.
उमाकुटमोटा मास्तम्भकारविसे वाक्प्रया से ग. दिल्टएकादत्रयपर महानी संध्या ० ० ५०परमाणसंध्या से कि० त० जा० जामा पजे मध्याते ज्ञा कुतियाहियासारव सस्वासोध्विायम्यसमरामतीपरिमाकिनीजmmरयार । से सशस्त्रीहने मशिन जशा गाणिक गणितज्योतीनिमितजा। कालापाते काली कालजा जा ज्ञान
से०कि.गणतनीस से सीकर श्तेजित ले
नीपुजा लाने
वाले व्यासेने जजरसाईतमा मट्टीन मणियननिमिशनकाल्ने कालयविद्याविछाति जारवाशकिainmm |
ए00 गवाए लामा हो हामएका हो दीव अपचि देशाला बाजी से 10 से.मया मानध्या के
से कि०० माता निविला मस्यामा
जैथि
न्यसमा बागकामासानलमदायनियरबासक्राईसारखवानेताकितानववातिविद्धवजहत Boar. शे मसंध्या
सेकि०००व्यानिदिनका दिनाच्या जुन्यु २०या सेव्या
सोना मारमा जन्नमस्कासहितीशमस्वरईतिविरहने परिक्षामा सुश्माबजामखास संख्या ०हिं० न०म०वि सम्यातितिमको व० सं० जानचिन्मय स्वर मरि ज मात ए०५ ज०म० या जधिन्च कु. ते नो
रितसंध्या तास बातो वरित मजकुमाराचीनदेज अश्विशासाियरिज्ञाविवार शिविर का समकामा एवं मुनि राना 10 असल्यास असेता नामिज घिन्य दश से० कि.
लिनिन ३०० १०१0 50000 55 . Samhamaan मधमा ३ रजा हावा
३०. सरयंसेवक ३॥ असेबा अमराविनाकिताने विवि तयारणा जागीता शीतगीतातिर असनेनितिन जनभिन्य मत्रपरि १०मामरिमे
R१२ मधमवरिसश्रम ० श्यSosaaaaa B. कि * anso90प्रका. तिएकारे श्य मत
- नधि मक MORalो कुनै
UE तरता afar जन्न कारा जान्नमारकास राव maiसेकितावशीलता विहान
न
नरजण का
ना
SainEducationarnational

Page Navigation
1 ... 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134