Book Title: Anusandhan 2005 02 SrNo 31
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad
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फेब्रुआरी-2005
59
५२
करतानि
५४
वृति हिमनो सनाथ कोरठ विलात
७१
पटण
परमाणा
कर्तानी, शुभवीरनी (?) के ते ते पूजाना प्रणेतानी (?) के 'कर तानि' एम विभक्तपदो हशे ? व्रती-व्रतधारी हेमनो-सोनानो स्नात्रियास्नात्र कोर्ट fastra -(Band) पलटण (सैन्य-टुकडी) प्रमाण-परवाना जाडं ऊनी कापड सचित(सजीव)नो परिहारी-त्यागी गुरु-आम्नाय पौषध, जैन धर्मनी क्रिया जैन आगमशास्त्र योगक्रिया-जैन साधुनी विशिष्ट क्रिया सूत्रना आदेश (आज्ञा)ना करनार-पालक कल्प (मासकल्प) अनिमिष/देव भेटणां नाखे-नमावे झाझी, घणी जहाज महेमान तरीके विवाह नगरीओ
१०४
८० बनात
सचितप्रहारी ८९ गुरुगम ९२ पोसो
आग्यम १०० जोगकिरिया
सुतरना
आएसकार १०७ कलप १२०
अनमेखी १३१ १५४ नामे १६३ जादी १९९ झाझ २३३ परुणागतें २६६ विहवा २४७ नग्रीया
१०६
भेठ
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