Book Title: Antagada Sutra
Author(s): Sudharmaswami,
Publisher: ZZZ Unknown
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गत २ सावरत अनिमा
अमली भार्या संघाती जी मावश्यक सामानामावानयाग qaणाविरुतिरसेवकातेमालागरिकमताएनादियाएसपिचमीपरजरकायलेतावनवागal असत्यानपणाप्रकरकरीन महावलोकलनीयाकरी गीधनीवाकरी प्रामकरकरीनगीवीलरुष
कोक
सीवान नाभातीएपलाकरतिरक्षामदरिदंपवलंकरतिभापायपडिएपणामकरक्तितपतगीहिनाशि अशावला कवाफमा माहिला ग्रीकलीन श्रममा रहरहन करनेथ बननकरभकरीन पासाती जीना
न सादवदवरसकवाडंतरेहिंतीनियतिरताअकरायमालागीएर निश्ताअखन्डयंबंधोकरीतिरता बेलमती मातलि शंघा मला जीशवम्लीमीन जोगवतायाधी नावारले अनालीमासममानिएए 4 लंकमतीमालागाराल्साह दिउलालीगलोजमाणेचिदलितएतस्सप्रकलयस्समालागास्सय यवपत्रोमविध मान्यताकती
मोपश्यालीनई दिनयत याचत जाकरतोचीवर समलिसक्खापदंबातम्यतितिवेवमोगरपाणिस्मसावतीकचाकखंजावकप्पमालविक्षामित जब मोषरपाली अक्ष पल की हत लोकीच भूकत्रीही आपापामा म नली न मीप जतिनीयस्वालिजरकेश्वंसलिहितोते सेलकिममएतारुवंावपाविद्यमाटांपासतितलिमीय पाटीदवता की एकष्टन बिचार भयरपाली जन अ—नमानी पध्वी वाणीजरसमितेमुबरीवएसकी तत्तसेमीयरयालाजरकेअकरण्यस्ममालागारस्सयमयारू मायमर यावत् जानिन अजूनमालागास्नी सरीरमाही वेसककरीन कारकचाप बनन वंशशाछियजानचियालिताखकायस्समाजागारस्मसरायपरिसंतितातडत्तरस्सबंधाऽबिंद विहिन मालवसनीमाप लोहनम मुभरीरहेटनिंaएकस्वीsaasस्पनियाकरतोषकोविच सीना तिरतातएलसहस्मनिलयीमयमोपशोएदंतिरतातिसितमेबपरिसघाएमासविदरतएम्से
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