Book Title: Agam 07 Ang 07 Upashak Dashang Sutra Stahanakvasi
Author(s): Madhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Trilokmuni, Devendramuni, Ratanmuni
Publisher: Agam Prakashan Samiti

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Page 262
________________ 201 सम्म 25 عمر ل साग مر 222] [उपासकरशांगसूत्र शब्द सूत्र शब्द संपया 187, 188, 193, 218 सव्व 5, 16-22, 86, 125, 141, संपरिवुड 214 168, 169, 171, 187, 192, /संपावे 218 199, 200, 230, 235 संपुण्ण 111 सव्वो संपेह 10, 66, 80, 114, 190, सव्वण्णु 187 193, 214, 238, संसार 218 संबंधि 8 /सह (सह.) 100, 117 संबुद्ध सहसा 46 55, 70,79,89, 100, 101, 117 संहर 122, 268 सहस्सपाग सम्मत्त सहस्संबवण 165, 180, 190, 208, 212 /सम्माणे सहाइया 227 सय (शत) 19, 20, 25, 74,83, साइम 184, 193, 194 / सय (स्वक) 1,10,58, 66,69, 114, साडी 204, 256 सामंत 79,86 सयं स्वयम्) 238, 239 सामा 125 सयण सामाइय सयपाग 85 सामाणिय 111 सामि 127, 150, 157, 165, 173, सरड 95 178, 235, 270, 274 सरसरस्स 107, 109. साय 38 सरिस सारइय 37 सरीर 10, 76, 152, 190, 208, 252, 259 सारक्खमाण सरीरग साला 66,69, 79, 92, 101, 107, 111 Vलव 58 सालि 35, 94 संलेहणा 57, 73, 89, 122, 252, 259 सालिहीपिय 2, 273 संवच्छर 66, 179, 223, 245, 272 सावग सवत्तिया 238 सावत्थी 269, 273 सवत्ती 238,239 सावय 58, 92, 165, 235 संववहर 235 सास 152 संवाहणिय 20, 21 साहत्थि 218 संविभाग 56 साहस्सिय 4,18, 92, 125,150, 157, संवल्लिय 101 165, 182, 232, 234, 269, 273 संवेग 73 साहस्सी 218 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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