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________________ श्री कल्पमुक्तावल्यां // सोऽयङ्कालो यन्त्रण बोध्यः // प्रभो जन्माधिकार // 143 // 25 10i-E जिन नाम ऋषभ अजित अभिनन्दन | सुमति | पद्मप्रभ | सुपार्श्व चन्द्र प्रभ मासप्रमाण उपरि दिवसाः 4 जिननाम | सुविधि | शीतल | श्रेयांस | वासुपूज्य | विमल : अनंत | धर्म शांति उपरि दिवसाः। / 25 / 26 20 / 21 | 6 / 26 | कुंथु | अर | मल्लि | मुनि | नमि | नेमि | पार्श्व | वीर | जिन नाम 1 . मास प्रमाण / उपरि दिवसाः // सम्प्रति वीरप्रभुजन्मकाले ग्रहाणां स्थिति रुच्यते // उच्चट्ठाणगएसु, गहेसु, पढमे चंदजोगे सोमासु दिसासु वितिमिरासु विसुध्धासु, जइएमु सव्वसउणेमु पयाहिणाऽणकलंसि भूमिसपिसि मारुयंसि पवायंसि, निप्फन्नमेइणीयंसि कालंसि, पमुइय-पक्कीलिएसु जणवएमु, पुचरत्तावरत्तकालसमयंसि-हत्युत्तराहिं नक्खत्तेणं जोगमुवागएणं आरुग्गा आरुग्गं दारयं पयाया // 99 // 5
SR No.600451
Book TitleKalpasutram
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanakvimalsuri
PublisherMuktivimal Jain Granthmala
Publication Year1968
Total Pages512
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_kalpsutra
File Size40 MB
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