________________ ** आवश्यकनिर्युक्तेरव ** चूर्णिः * वासुदेवादीनां पूर्वभवनामधर्माचार्यनिदानपूर्व देवभव-गतयः * // 245 // ** एयाई नामाई पुव्वभवे आसि वामुदेवाणं / इत्तो बलदेवाणं जहक्कम कित्तहस्सामि // 2 // विस्सनंदी सुबुद्धी असागरदत्ते असोअ ललिए अ / वाराह धण्णसेणे अवराइअ रायललिए य॥३॥ संभअसभह सुदंसणे अ सिजंस कण्ह गंगे अ / सागरसमुहनामे दमसेणे अ अपच्छिमे // 4 // एए. धम्मायरिआ कित्तीपुरिसाण वासुदेवाणं / पुत्वभवे आसीआ जत्थ निआणाइ कासी अ // 5 // महरा य कणगवत्थू सावत्थी पोअणं च रायगिहं / कायंदी मिहिलावि य वाणारसि हथिणपुरं च // 6 // गावी जए संगामे इत्थी पाराइए अ रंगमि / भजाणुरागगुट्ठी परइड्डी माउगा इअ॥७॥ महसुक्का पाणय लंतगाउ सहसारओ अ माहिंदा / बंभा सोहम्म सणकुमार नवमो महासुक्का // 8 // तिण्णेवणुत्तरेहिं तिण्णेव भवे तहा महासुक्का / अवसेसा बलदेवा अणंतरं बंभलोगचुआ॥९॥(प्रक्षि) एतद्गाथानवकमन्यकर्तृकमव्याख्यातं च, अथ गतिमाहएगो य सत्तमाए पंच य छट्ठीए पंचमी एगो / एगो य चउत्थीए कण्हो पुण तच्चपुढवीए॥४१३ // एकश्च सप्तम्यां, पञ्च षष्ट्या, पञ्चम्यामेकः, एकश्चतुर्थ्या, कृष्णः पुनस्तृतीयपृथिव्यां यास्यति गतो वेति सर्वत्र क्रियाध्याहारः कार्यः॥४१३ // अथ बलदेवगतिमाह अढतकडा रामा एगो पुण बंभलोगकप्पम्मि / उववन्नु तओ चइडं सिज्झिस्सह भारहे वासे // 414 // उववन्नु तत्थ भोए, भोनु अयरोवमा दस उ // 1 // तत्तो अ चइत्ताण इहेव उस्सप्पिणीइ भरहमि / भवसिद्धिमा म भयवं सिज्झिस्सइ कण्हतिथमि // 2 // (सार्धा पाठान्तररूपा) * // 245 // &&* KASARAN &&