SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 430
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ श्रीभगवत्यङ्गं श्रीअभय वृत्तियुतम् भाग-३ // 1508 // 136 पुलाए णं भंते! कालओ केवचिरं होइ?, गोयमा! ज० अंतो० उ०वि अंतो०।१३७ बउसे पुच्छा, गोयमा! ज० एवं समयं, 25 शतके उ० देसूणा पुव्वकोडी, एवं पडिसेवणाकुसीलेवि कसायकुसीलेवि। 138 नियंठे पुच्छा, गोयमा! ज० एक्कं समयं, उ० अंतो०। उद्देशकः६ सूत्रम् 139 सिणाए पुच्छा, गोयमा! ज० अंतो०, उ० देसूणा पुव्वकोडी॥१४० पुलायाणं भंते! कालओ के होइ?, गोयमा! ज० एक्वं 779-780 समयं, उ० अंतो०।१४१ बउसे णं पुच्छा, गोयमा! सव्वद्धं, एवं जाव कसायकुसीला, नियंठा जहा पुलागा, सिणाया जहा बउसा पुलाकादि कालान्तरे 29 // सूत्रम् 779 // 142 पुलागस्स णं भंते! के० कालं अंतर होइ?, गोयमा! ज० अंतो० उ० अणंतं कालं अणंताओ ओसप्पिणिउस्सप्पिणीओ कालओ खेत्तओ अवडपोग्गलपरियटुंदेसूणं, एवं जाव नियंठस्स। 143 सिणायस्स पुच्छा, गोयमा! नत्थि अंतरं / / 144 पुलायाणं भंते! के० कालं अंतरं होइ?, गोयमा! ज० एवं समयं, उ० संखेज्जाईवासाई।१४५ बउसाणं भंते! पुच्छा, गोयमा! नत्थि अंतरं, एवं जाव कसायकुसीलाणं। 146 नियंठाणं पुच्छा, गोयमा! ज० एवं स०, उ० छम्मासा, सिणायाणंजहा बउसाणं ३०॥सूत्रम् 780 // पुलाए ण मित्यादौ, जहन्नेणं अंतोमुहुत्तं ति पुलाकत्वं प्रतिपन्नोऽन्तर्मुहूर्तापरिपूर्ती पुलाको न म्रियते नापि प्रतिपततीतिकृत्वा जघन्यतोऽन्तर्मुहूर्त्तमित्युच्यते,उत्कर्षतोऽप्यन्तर्मुहूर्तमेतत्प्रमाणत्वादेतत्स्वभावस्येति // 136 / / बउसे इत्यादि, जहन्नेणमेक्कं समयं / ति बकुशस्य चरणप्रतिपत्त्यनन्तरमय एव मरणसम्भवादिति, उक्कोसेणं देसूणा पुव्वकोडि त्ति पूर्वकोट्यायुषोऽष्टवर्षान्ते चरणप्रतिपत्ताविति // 137 // नियंठेण मित्यादौ जहन्नेणं एक्कं समयं ति उपशान्तमोहस्य प्रथमसमयसमनन्तरमेव मरणसम्भवात्, उक्कोसेणं अंतोमुहत्तं त्ति निर्ग्रन्थाद्धाया एतत्प्रमाणत्वादिति // 138 // सिणाये त्यादौ जहन्नेणं अंतोमुहत्तं ति आयुष्कान्तिमेऽन्तर्मुहूर्तेल केवलोत्पत्तावन्तर्मुहूर्त जघन्यतः स्नातककालः स्यादिति // 139 // पुलाकादीनामेकत्वेन कालमानमुक्तमथ पृथक्त्वेनाह
SR No.600445
Book TitleVyakhyapragnaptisutram Part 03
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDivyakirtivijay
PublisherShripalnagar Jain Shwetambar Murtipujak Derasar Trust
Publication Year2012
Total Pages562
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_bhagwati
File Size38 MB
JainGPT.orgInstagram
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy