SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 400
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ श्रीभगवत्यङ्ग श्रीअभय वृत्तियुतम् भाग-३ // 1478 // 25 शतके उद्देशक:५ सूत्रम् |746-747 पर्यवाः आवलिकादीनांसमयादि सूत्रम् 748 अतीतानागताद्धे 888888888888888888888888 18 पोग्गलपरियट्टेणं पुच्छा, गोयमा! णो संखेज्जा पलि० णो असंखेज्जा पलि० अणंता पलि. एवं जाव सव्वद्धा ।१९सागरोवमाणं भंते! किंसंखेज्जा पलि०? पुच्छा, गोयमा! सिय संखेज्जा पलिसिय असंखिज्जा पलि० सिय अणंता पलिक, एवं जाव ओसप्पिणीवि उस्सप्पिणीवि / 20 पोग्गलपरियट्टाणं पुच्छा, गोयमा! णो संखेज्जा पलि० णो असंखेज्जा पलि० अणंता पलि० / 21 ओसप्पिणी णं भंते! किं संखेजा सागरोवमा जहा पलिओवमस्स वत्तव्वया तहा सागरोवमस्सवि, 22 पोग्गलपरियट्टेणं भंते! किं संखेजाओ ओसप्पिणीओ पुच्छा, गोयमा! णो संखेज्जाओ ओसप्पिणीओ णो असंखिज्जा अणंताओ ओ०3०ओ एवं जाव सव्वद्धा, 23 पोग्गलपरियट्टाणंभंते! किं संखेजाओ ओ००ओ पुच्छा, गोयमा! णो संखेनाओओ००ओणो असंखे० अणंताओ ओ०उ०ओ। 24 तीतद्धा णं भंते! किं संखेज्जा पोग्गलपरियट्टा? पुच्छा, गोयमा! नो संखेजा पोग्गलपरियट्टा नो असंखेज्जा अणंता पोग्गलप०, एवं अणागयद्धावि, एवं सव्वद्धावि।सूत्रम् 747 / / 25 अणागयद्धाणं भंते! किं संखेजाओ तीतद्धाओ असंखे० अणंताओ?, गोयमा! णो संखेजाओ तीतद्धाओणो असंखेजाओ तीतद्धाओणो अणंताओतीतद्धाओ, अणागयद्धाणंतीतद्धाओ समयाहिया, तीतद्धाणं अणागयद्धाओसमयूणा / 26 सव्वद्धाणं भंते! किं संखेजाओ तीतद्धाओ? पुच्छा, गोयमा! णो संखेज्जाओतीतद्धाओणो असंखे० णो अणंताओ तीयद्धाओ, सव्वद्धाणं तीयद्धाओ सातिरेगदुगुणा तीतद्धाणं सव्वद्धाओ थोवूणए अद्धे, 27 सव्वद्धा णं भन्ते! किं संखेल्जाओ अणागयद्धाओ पुच्छा, गोयमा! णो संखेजाओ अणागयद्धाओणो असंखेजाओ अणागयद्धाओणो अणंताओअणागयद्धाओसव्वद्धाणं अणागयद्धाओ थोवूणगदुगुणा अणागयद्धा णं सव्वद्धाओ सातिरेगे अद्धे / / सूत्रम् 748 // कइविहे त्यादि, पज्जव त्ति पर्यवा गुणा धर्मा विशेषा इति पयार्याः, जीवपज्जवा य त्ति जीवधर्मा एवमजीवपर्यवा अपि, // 1478 //
SR No.600445
Book TitleVyakhyapragnaptisutram Part 03
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDivyakirtivijay
PublisherShripalnagar Jain Shwetambar Murtipujak Derasar Trust
Publication Year2012
Total Pages562
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_bhagwati
File Size38 MB
JainGPT.orgInstagram
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy