SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 76
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ श्रीभगवत्यङ्ग श्रीअभय वृत्तियुतम् भाग-२ // 598 // 8 शतके उद्देशक:२ आशीविषाधिकारः। सूत्रम् 322-323 १५ज्ञान 16 गोचर कालओभावओ, दव्वओणं आभिणिबोहियनाणी आएसेणंसव्वदव्वाईजाणइ पासइ,खेत्तओ आभिणिबो० आएसेणं सव्वखेत्तं जा० पा०, एवं कालओवि, एवं भावओवि / 103 सुयनाणस्स णं भंते! के० विसए प०?, गोयमा! से समासओ चउव्विहे पण्णत्ते, तंजहा-दव्वओ४, दव्वओणं सुयनाणी उवउत्ते सव्वदव्वाइंजा०पा०, एवं खे विका०वि, भा० णंसुय० उवउत्ते सव्वभावे जा० पा०।१०४ ओहिनाणस्सणंभंते! के० विसएप०?,गोयमा! सेसमासओचउविहे प०, तंजहा-दव्वओ४, दव्वओणं ओहिनाणी रूविदव्वाइंजा. पा. जहा नंदीए जाव भावओ।१०५ मणपज्जवनाणस्स णं भंते! के विसएप०?, गोयमा! से समासओ चउव्विहे प०, तंजहा- दव्वओ४, दव्वओणं उज्जुमती अणंते अणंतपदेसिए जहा नंदीए जाव भावओ। 106 केवलनाणस्स णं भंते! के० विसए प०?, गोयमा! से समासओ चउव्विहे प०, तंजहा- दव्वओ खेत्तओ कालओ भावओ, द० णं केवलनाणी सव्वदव्वाई जा० पा० एवं जाव भावओ॥१०७ मइअन्नाणस्सणं भंते! के० विसए प०?, गोयमा! से समासओचउविहे प०, तंजहा-दव्वओ खेत्तओ कालओ भावओ, द० णं मइअन्नाणी मइअन्नाणपरिगयाइं दव्वाइं जा०, एवं जाव भा० मइअ० मइअन्नाणपरिगए भावे जापा०।१०८ सुयअन्नाणस्सणं भंते! के० विसएप०?, गोयमा!से समासओ चउव्विहे प०, तंजहा-दव्वओ४, दणंसुयअ० सुयअन्नाणपरिगयाइंदव्वाइं आघवेति पन्नवेति परूवेइ, एवं खे० का०,भा० णंसुयअ० सुयअन्नाणपरिगए भावे आघवेतितंचेव / 109 विभंगणाणस्स णं भंते! के विसए प०?, गोयमा! से समासओ चउविहे प०, तंजहा- दव्वओ 4, द० णं विभंगनाणी विभंगनाणपरिगयाइंदव्वाईजा० पा०, एवं जाव भा० णं विभंगनाणी विभंगनाणपरिगए भावे जा० पा०॥सूत्रम् 322 // 110 णाणी णं भंते! णाणीति कालओ केवच्चिर होइ?, गोयमा! नाणी दुविहे प०, तंजहा-साइए वा अपज्जवसिए साइए वा सपज्जवसिए, तत्थ णं जे से साइए सपज्जवसिए से जहन्नेणं अंतोमुहुत्तं उक्कोसेणं छावटुिं सागरोवमाई सातिरेगाई। 111 आभिणि // 598 //
SR No.600444
Book TitleVyakhyapragnaptisutram Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDivyakirtivijay
PublisherShripalnagar Jain Shwetambar Murtipujak Derasar Trust
Publication Year2012
Total Pages574
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_bhagwati
File Size15 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy