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________________ 35830888880RRIERRORS श्रीआवश्यक नियुक्तिभाष्यश्रीहारि० वृत्तियुतम् भाग-१ // 242 // गाथाद्वयं निगदसिद्धमेव, नवरं पढमतिमाण दुविगप्पो त्ति सामायिकच्छेदोपस्थापनाविकल्पः / / 236-237 // साम्प्रतं छद्मस्थकालतपःकर्मद्वारावयवार्थव्याचिख्यासयाऽऽह नि०- वाससहस्सं१बारस 2 चउदस 3 अट्ठार 4 वीस 5 वरिसाई।मासा छ 6 नव 7 तिण्णि अ८ चउ ९तिग 10 दुग 11 मिक्कग 12 दुगंच 13 // 238 // नि०-तिग १४दुग 15 मिक्कग 16 सोलस वासा 17 तिण्णि अ१८ तहेवऽहोरत्तं १९।मासिक्कारस 20 नवगं२१ चउपण्ण दिणाइ 22 चुलसीई 23 // 239 // नि०- तह बारस वासाइं, जिणाण छउमत्थकालपरिमाणं 12 / उग्गंच तवोकम्मं विसेसओवद्धमाणस्स 13 // 240 // एतास्तिस्रोऽपि निगदसिद्धा एव // 238-239-240 // इदानीं ज्ञानोत्पादद्वारं विवृण्वन्नाहनि०- फग्गुणबहुलिक्कारसि उत्तरसाढाहि नाणमुसभस्स १।पोसिक्कारसिसुद्धे रोहिणिजोएण अजिअस्स 2 // 241 // नि०- कत्तिअबहुले पंचमि मिगसिरजोगेण संभवजिणस्स 3 / पोसे सुद्धचउद्दसि अभीइ अभिणंदणजिणस्स 4 // 242 // नि०- चित्ते सुद्धिक्कारसि महाहि सुमइस्स नाणमुप्पण्णं 5 / चित्तस्स पुण्णिमाए पउमाभजिणस्स चित्ताहिं 6 // 243 // नि०- फग्गुणबहुले छट्ठी विसाहजोगे सुपासनामस्स 7 / फग्गुणबहुले सत्तमि अणुराह ससिप्पहजिणस्स 8 // 244 // नि०- कत्तिअसुद्धे तइया मूले सुविहिस्स पुप्फदंतस्स 9 / पोसे बहुलचउद्दसि पुवासाढाहि सीअलजिणस्स 10 // 245 // नि०- पण्णरसि माहबहुले सिजंसजिणस्स सवणजोएणं 11 / सयभिय वासुपुजे बीयाएमाहसुद्धस्स 12 // 246 / / नि०- पोसस्स सुद्धछट्ठी उत्तरभद्दवय विमलनामस्स 12 / वइसाह बहुलचउदसि रेवइजोएणऽणंतस्स 14 // 247 // 0.3 उपोद्धातनियुक्तिः, |0.3.2 द्वितीयद्वारम्, वीरजिनादिवक्तव्यताः। नियुक्ति: 237 विहारादिः। नियुक्तिः |238-246 छद्यस्थकालतपोज्ञानोत्पादादिः। // 242
SR No.600436
Book TitleAvashyak Sutram Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPunyakiritivijay
PublisherShripalnagar Jain Shwetambar Murtipujak Derasar Trust
Publication Year2012
Total Pages498
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript & agam_aavashyak
File Size36 MB
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