________________
उपराज्य-
मूलम-एभानो पवयणमायाओ, जे सम्म प्रायरे मुणी । से खीप्पं सव्वसंसारा, विप्पमुबइ पंडिएति बेमि
ग्याल्या-"मायरेति" "प्राचरेत् ' सेवेतेति नार्थः ॥ २७ ॥ इति प्रवीमीति प्राग्वत् ॥
अध्य०२४ ॥२२४॥
यनसत्रम्
॥२२४॥
SEKOLAAAAAAEGERE
Faiseraveriveriverteraturesxesertferialeksxaserazaertisertising से इति श्रीतपागच्छीयमहोपाध्याय श्रीविमलहर्षगणिशिष्यमहोपाध्याय श्रीमुनिविमलगणिशिष्योपाध्याय-1
श्रीभावविजयगणिसमर्थितायां श्रीउत्तराध्ययनसूत्रवृत्तौ चतुर्विशमध्ययनं सम्पूर्णम् ॥ २४ ॥ WorgopASHAPEPRECIPARAGANAParegamaATAPGAMEPRACORAN
VEEVEEEEEEEEEEEEE