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8 यवं सेसं तहेव, मणूसस्स जच्चेव जीवपदे वत्तवया सचेव निरवसेसा भाणियबा, वाणमंतरस्स जहा असुर
कुमारस्स, जोइसियस्स वेमाणियस्स एवं चेव नवरं लेस्साओ जाणियवाओ, सेसं तहेव भाणियत्वं ॥ (सूत्रं ८१२) जीवे णं भंते ! नाणा० कम्मं किं बंधी बंधइ बंधिस्सइ एवं जहेव पावकम्मरस वत्तवया तहेव नाणावरणिजस्सवि भा० नवरं जीवपदे मणुस्सपदे य सकसाई जाव लोभकसाइंमि य पढमबितिया भंगा अवसेसं तंजाव वेमा०, एवं दरिसणावरणिजेणवि दंडगो भाणियचो निरवसेसो॥जीवे गं भंते । | वेयणिज्जं कम्मं किं बंधी पुच्छा, गोयमा ! अत्थेगतिए बंधी बंधइ बंधिस्सइ १ अत्थेगतिए बंधी बंधा न बंधिस्सइ २ अत्थेगतिए बंधी न बंधइ न बंधिस्सइ ४, सलेस्सेवि एवं चेव ततियविहूणा भंगा, कण्हलेस्से जाव पम्हलेस्से पढमबितिया भंगा, सुक्कलेस्से ततियविहूणा भंगा, अलेस्से चरिमो भंगो, कण्हपक्खिए पढमबितिया भंगा, सुक्कपक्खिया ततियविहणा, एवं सम्मदिहिस्सवि, मिच्छादिहिस्स सम्मामिच्छादिहिस्स य पढमवितिया, णाणस्स ततियविहूणा आभिणिबोहियनाणी जाव मणपजवणाणी पढमबितिया केवलनाणी ततियविहूणा, एवं नोसन्नोवउत्ते अवेदए अकसायी सागारोवउत्ते अणागारोवउत्ते एएसु ततियविहूणा, अजोगिम्मि य चरिमो, सेसेसु पढमबितिया। नेरइए णं भंते ! वेयणिज्ज कम्मं बंधी बंधइ एवं नेरतिया जाव वेमाणियत्ति जस्स जं अत्थि सवत्थवि पढमबितिया, नवरं मणुस्से
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