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श्रीशुभवर्धनगणिविरचिता श्री वर्धमान देशना. (प्राकृतपद्यबद्धा-संस्कृतानुवादसहिता ) ( उल्लाससप्तकात्मकः द्वितीयो विभागः )
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प्रकाशयित्री श्री जैनधर्म प्रसारक सभा-भावनगर. वीर संवत् २४५८
विक्रम संवत् १९८८ मुद्रक:-शेठ देवचंद दामजी. मुद्रणस्थान प्रानंद प्री. प्रेस-भावनगर,
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