SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 565
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ Jain Educatio तंबोलपाडलुट्टीय जाव चिट्ठति दप्पणं घेत्तुं । समुहं पलोयमाणा ताव लहुं आगओ भत्ता ॥ ६ ॥ तासि तारिस दुचि तेण जायकोवेण । एगा महिला पहया तह जह सा पाविया मरणं ॥ ७ ॥ तयणंतरं च भयवसकंपिरदेहाहिं सेसमहिलाहिं । चिंतियमिमं जहेसा तह अम्हेवि हु विवज्जामो ॥ ८ ॥ तम्हा आयंसेहिं पहणामो रक्खिपण किं इमिणा ? । इद्द चिंतिऊण समगं खित्ता तदभिमुहमायंसा ॥ ९ ॥ तओ एगूणपंचसयनारीसयपमुक्कदप्पणेहिं पहओ समाणो सो मओ तक्खणेण, पच्छा समुप्पण्णो तासिं पच्छायावो- अहो का गई एत्तो पइमारियाणं भविस्सइ ?, उद्धलिस्सइ लोओ दंडिस्सइ नराहिवो अवमन्निस्सइ सयणवग्गो गंजिस्सइ खलयणो, तम्हा मरणमेव संपयं पत्तकालंति परिभाविऊण पिहियाई सङ्घदाराई, पक्खित्तं गेहभंतरे बहुं तणकटुपलालं, पज्जालिओ सबओ जलणो, जालाउले य तंमि विमुको ताहिं अप्पा, अह पच्छायावेण साणुकोसयाए ताए अकामनिजराए सघाओ मरिऊण मणस्सेसु उववन्ना, कम्मधम्मसंजोगेण य एगत्थ मिलिया एगूणपंचवि सया ते चोरा जाया, एगंमि य विसमंमि पचए परिवसंति । सोय सुवणयारो मरिण तिरिच्छेसु उबवन्नो, तत्थ जा सा अणेण पढमं चिय मारिया सा एगं भवं तिरिएसु उववज्जिऊण पच्छा बंभणकुले पुत्तो जाओ, कमेण य पत्तो पंचवारिसियत्तणं, सो य सुवण्णयारो तिरियभवाओ उच्चद्विऊण तंभि चैव बंभणकुले तब्भइणित्तेण दारिया जाया, सो य पंचवारिसिओ समाणो तीसे बालग्गाहो tional For Private & Personal Use Only ainelibrary.org
SR No.600114
Book TitleMahavir Charitram
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGunchandra
PublisherDevchand Lalbhai Pustakoddhar Fund
Publication Year1929
Total Pages704
LanguageSanskrit
ClassificationManuscript
File Size15 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy